यूपी विधानसभा में 24496 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश ………..

यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 24496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया, यह मूल बजट का 3.03 प्रतिशत है. यूपी विधानसभा में कोडीन कफ सिरफ मामले को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला. इसी बीच विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया है. इस […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 22 दिसंबर 2025, 08:37 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
यूपी विधानसभा में 24496 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश ………..
Photo: UB India News Archive

यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 24496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया, यह मूल बजट का 3.03 प्रतिशत है. यूपी विधानसभा में कोडीन कफ सिरफ मामले को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला. इसी बीच विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया है. इस दौरान सीएम योगी ने साफ कहा कि कोडीन कफ सिरप से उत्तर प्रदेश में कोई मौत नहीं हुई है.

इसके अलावा आज विधानसभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर पांच घंटे चर्चा के लिए निर्धारित किए गए हैं. इस बीच समाजवादी पार्टी ने भी इस सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की है. सपा आज कफ़ सिरप कोडीन और हवा में प्रदूषण समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं. पार्टी की ओर इसके लिए बड़े स्तर पर की गई है.

वित्तीय वर्ष 2025-26 का मूल बजट 8 लाख 8 हजार करोड़ रुपये था

यूपी विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 24496.98 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. राजस्व लेखा का व्यय 18369.30 करोड़ और पूंजी लेखे का व्यय 6127.68 करोड़ रुपये प्रस्तावित है. वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित अनुपूरक बजट का आकार मूल बजट का 3.03 प्रतिशत है, वित्तीय वर्ष 2025-26 का मूल बजट 8 लाख 8 हजार करोड़ रुपये था.

हमारी सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी, कोडीन मामले पर बोले मंत्री नितिन अग्रवाल

कोडीन कफ सिरप पर मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में किसी का नाम नहीं लिया न किसी पार्टी का और न ही किसी नेता का. यह समझा जाता है कि दोषी व्यक्ति सभी आरोपों की जिम्मेदारी लेता है. कफ सिरप मामले के बारे में मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि सरकार सख्त कार्रवाई करेगी. समाजवादी पार्टी के नेताओं और पार्टी से जुड़े लोगों को सरकार ने सीधे विधानसभा में पेश किया है, जिससे पता चलता है कि किसके समाजवादी पार्टी से संबंध थे. यह खुलासा हुआ है कि योजना सभा का एक अधिकारी भी खातों के जरिए फंड घुमाने में शामिल था. यह सीधा सबूत है कि समाजवादी पार्टी और उसके नेता इसमें शामिल हैं. जहाँ भी राज्य की सुरक्षा का सवाल होगा, हमारी सरकार सभी जरूरी कदम उठाएगी.

यूपी का सबसे बड़ा घोटाला है कोडीन कफ सिरप मामला- सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा

कोडीन कफ सिरप पर समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ​​ने कहा, “विधानसभा सत्र सिर्फ तीन दिनों तक सीमित कर दिया गया है क्योंकि बीजेपी सरकार के पास लोगों के सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसीलिए उसने सदन का सत्र छोटा कर दिया है. कोडीन कफ सिरप मामला उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला है और इस सिरप की वजह से कई बच्चों की जान चली गई है. हम मांग करते हैं कि इस पूरी घटना की जांच एक मौजूदा जज से करवाई जाए, और राज्य सरकार उन सभी आरोपियों के घरों पर तुरंत बुलडोजर चलाए जिन्होंने बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया. मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री और सत्ताधारी पार्टी के कई नेता बहुत से लोग इस कफ सिरप घोटाले में शामिल हैं.

कोडिन वालों पर बुलडोजर चले तो चिल्लाना नहीं” सीएम योगी ने दिया जवाब, बोले – एक भी मौत नहीं हुई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले पर यूपी विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में कफ सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को कोर्ट में लड़ा और जीता है।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उनसे झूठ बोलवा देते हैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में अब तक 79 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की गहराई में जाएंगे तो बार-बार यही तथ्य सामने आता है कि कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी से जुड़ा कोई नेता या व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है। अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। एसटीएफ पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰