भारतीय सेना के लिए साल 2025 कई मायनों में काफी अहम रहा………….

साल 2025 अब खत्म होने जा रहा है। ये साल भारतीय सेना के लिए काफी अहम रहा है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया। इसके साथ ही भारतीय सेना ने बड़ी संख्या में हथियारों की खेप को भी अपने बेड़े में शामिल किया। आइए […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 31 दिसंबर 2025, 09:43 AM 6 मिनट read
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भारतीय सेना के लिए साल 2025 कई मायनों में काफी अहम रहा………….
Photo: UB India News Archive

साल 2025 अब खत्म होने जा रहा है। ये साल भारतीय सेना के लिए काफी अहम रहा है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया। इसके साथ ही भारतीय सेना ने बड़ी संख्या में हथियारों की खेप को भी अपने बेड़े में शामिल किया। आइए जानते हैं कि भारतीय सेना ने साल 2025 में कौन सी 10 बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।

1. ऑपरेशनल एम्प्लॉयमेंट एंड डिटरेंस: ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025)

पाकिस्तान की सेना की ओर से समर्थित आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की निर्ममता से हत्या कर दी थी। इसके बाद मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन में सीमा पार नौ आतंकवादी शिविर नष्ट किये गये। भारतीय सेना द्वारा 7 आतंकवादी शिविरों को नष्ट किया गया और भारतीय वायु सेना ने दो आतंकी शिविर तबाह किए।

पाकिस्तान की नापाक कोशिशों को नाकाम किया गया

पाकिस्तान ने ड्रोन का इस्तेमाल कर के भारत के सैन्य और नागरिक संपत्तियों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, भारतीय सेना के एयर डिफेंस सिस्टम्स ने सभी खतरों को सफलतापूर्वक बेअसर कर दिया। भारतीय सेना के जमीनी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए एलओसी के पास एक दर्जन से ज्यादा आतंकी लॉन्च पैड को तबाह कर दिया। घुसपैठ के मार्गों और आतंकी रसद नेटवर्क को भी बाधित किया गया। 10 मई 2025 को भारतीय सेना के सैन्य संचालन महानिदेशक से उनके पाकिस्तानी समकक्ष ने युद्धविराम के अनुरोध के साथ संपर्क किया जिसके बाद गोलीबारी/सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।

2. लंबी दूरी की मारक क्षमता और सटीक प्रहार

ब्रह्मोस (सेना)

01 दिसंबर 2025 को अंडमान और निकोबार कमांड के तत्वों के साथ दक्षिणी कमान की एक ब्रह्मोस इकाई ने लंबी दूरी की सटीक हमले की तैयारी को मजबूत करते हुए एक लड़ाकू मिसाइल लॉन्च को अंजाम दिया। एक्सटेंडेड रेंज के ब्रह्मोस का डेवलपमेंट/परीक्षण को भी जारी है क्योंकि भारत लंबी पहुंच और तेज “सेंसर-टू-शूटर” साइकल पर जोर दे रहा है।

पिनाका (रॉकेट्स)

24 जून 2025: दो अतिरिक्त पिनाका रेजिमेंटों के संचालन की सूचना दी गई। स्टैंड-ऑफ गोलाबारी को मजबूत किया गया।

29 दिसंबर 2025: पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) (120 किमी रेंज) का सफल परीक्षण।

2025 में स्वदेशी रॉकेट विकास में तेजी आई, जिसमें भविष्य में गहरे हमले के विकल्पों के लिए 300 किमी-क्लास पिनाका वेरिएंट की दिशा में काम शामिल है।

3. एविएशन और हाई-वैल्यू इंडक्शन अपाचे AH-64E

22 जुलाई 2025 को भारतीय सेना को तीन एएच-64ई अपाचे हेलीक़प्टर मिले। इसके बाद 3 अन्य अपाचे हेलीक़प्टर भी बेड़े में शामिल हुए।

4. भैरव बटालियन और अश्नी प्लाटून (2025 रोल-आउट)

  • 24 अक्टूबर 2025 को राजस्थान में एक क्षमता प्रदर्शन ने नए शामिल किए गए तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ नए संगठनों जैसे कि भैरव बटालियन और अश्नी प्लाटून को प्रदर्शित किया गया।
  • अक्टूबर 2025 में 25 भैरव लाइट कमांडो बटालियनों को संचालित करने की योजना बनाई गई और थल सेना में अश्नी ड्रोन प्लाटून की स्थापना की योजना बनी।
  • शक्तिबाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी
  • लोइटर युद्ध सामग्री समेत UAV की भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए नए स्ट्रक्चर।

5. खरीद और क्षमता निर्माण

भारतीय सेना ने पिछले दो वर्षों को तकनीकी अवशोषण वर्ष के रूप में मनाया है। इसका मकसद प्रौद्योगिकी अपनाने से एकीकरण की ओर बढ़ना, नई प्रौद्योगिकियों को शामिल करना था।

2025 में प्रमुख अधिग्रहण संकेत

  • हमलावर हेलीकॉप्टरों को शामिल करना: भारतीय सेना की क्षमता को बढ़ाते हुए इस वर्ष 06 अपाचे हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया है।
  • गोला-बारूद का 91% स्वदेशीकरण: भारतीय सेना ने गोला-बारूद के मामले में स्वदेशीकरण की उच्च स्थिति हासिल कर ली है। भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी गोला-बारूद में से 91% अब स्वदेशी हैं।
  • UAS सिस्टम: बीते एक साल में सेना में अनेक प्रकार के यूएएस को शामिल किया गया है। इसमें अनेक तरह के ड्रोन शामिल हैं जिनमें लगभग 3000 आरपीए, लगभग 150 टेथर्ड ड्रोन, स्वार्म ड्रोन, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए लॉजिस्टिक्स ड्रोन और कामिकेज़ ड्रोन आदि शामिल हैं।
  • 05 अगस्त 2025 (DAC): बीएमपी (सेना) के लिए थर्मल इमेजर-आधारित ड्राइवर नाइट साइट के लिए अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। त्रि-सेवा निगरानी/स्ट्राइक भूमिकाओं के लिए MALE RPAs को भी मंजूरी दी गई।
  • 29 दिसंबर 2025 (DAC): सेना का स्पष्ट रूप से झुकाव मानव रहित सिस्टम, काउंटर-यूएएस और सटीक फायर की ओर है।

6. तकनीकी सक्षमता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

साल 2025 में भारतीय सेना में तकनीकी अवशोषण को गति दी गई है। इसका मकसद विशिष्ट प्रौद्योगिकी को शामिल करना, नई प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए स्ट्रक्चरल चेंज करना और भविष्य के युद्धों से लड़ने के लिए तैयार रहना था।
एज डेटा सेंटर की स्थापना की गई। इसके साथ ही बड़ी संख्या में इनहाउस सॉफ्टवेयर डेवलप किए गए। इसके कुछ उदाहरण Equipment Helpline और सैनिक यात्री मित्र ऐप हैं।

7. सेना कमांडरों का सम्मेलन (जैसलमेर) अक्टूबर 2025

साल 2025 के अक्तूबर महीने में राजस्थान के जैसलमेर में सेना कमांडरों का सम्मेलन आयोजित किया गया। सेना के वरिष्ठ नेतृत्व के विचार-विमर्श में प्रमुख रूप से ग्रे जोन वारफेयर, आत्मानिर्भरता और नवाचार, उभरते खतरे के साथ सिद्धांत और सशस्त्र बलों का डिजाइन शामिल था।

8. सैन्य कूटनीति और संयुक्त अभ्यास 

  • शक्ति अभ्यास (भारत-फ्रांस): 18 जून-01 जुलाई 2025 (फ्रांस)।
  • युद्ध अभ्यास (भारत-अमेरिका): 01-14 सितंबर 2025 (अलास्का)।
  • अभ्यास मैत्री-XIV (भारत-थाईलैंड): 01 14 सितंबर 2025 (मेघालय)।
  • अभ्यास ऑस्ट्रेलियाहिंद (भारत-ऑस्ट्रेलिया): 13 (पर्थ)। 26 अक्टूबर 2025
  • अभ्यास मित्र शक्ति XI (भारत-श्रीलंका): 10-23 नवंबर 2025 (बेलागावी)।
  • अभ्यास अजेय वारियर-25 (भारत-यूके): 17 30 नवंबर 2025 (राजस्थान)।
  • अभ्यास डेजर्ट साइक्लोन-II (भारत-यूएई): 1830 दिसंबर 2025 (अबू धाबी)।

9. रक्षा संवाद और रणनीतिक विचार नेतृत्व

  • चाणक्य रक्षा संवाद (सीडीडी) 2025
  • युवा नेता मंच (31 अक्टूबर 2025)
  • कर्टेन रेजर (17 नवंबर 2025): प्रमुख सैन्य मुद्दों पर जनरल उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा पॉडकास्ट।
  • मुख्य संवाद (नवंबर 2025 के अंत में), सुरक्षित और विकसित भारत के लिए सुधार-से-परिवर्तन के विषय पर आधारित है।

10. इनोवेशन और स्वदेशीकरण

इनो-योद्धा: 2025-26 संस्करण का आयोजन नवंबर-दिसंबर 2025 में किया गया। रिकॉर्ड 89 नवाचार पेश किए गए। आगे के विकास और क्षेत्ररक्षण मार्ग-नीचे से ऊपर नवाचार को मजबूत करने और आत्मनिर्भर क्षमता निर्माण के लिए 32 का चयन किया गया।

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