ठाकरे भाईयों का BJP पर डबल अटैक, शिवसेना भवन में गरजे उद्धव-राज………..

देश की सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी के लिए रविवार को ठाकरे भाईयों (उद्धव-राज) ने संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। ठाकरे भाईयों ने शिवसेना यूबीटी-मनसे के साथ इसमें शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी को भी साथ में रखा है, हालांकि एनसीपी (शरदचंद पवार) की तरफ से इस मौके पर कोई भी नेता मंच पर नहीं […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 4 जनवरी 2026, 09:52 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
ठाकरे भाईयों का BJP पर डबल अटैक, शिवसेना भवन में गरजे उद्धव-राज………..
Photo: UB India News Archive

देश की सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी के लिए रविवार को ठाकरे भाईयों (उद्धव-राज) ने संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। ठाकरे भाईयों ने शिवसेना यूबीटी-मनसे के साथ इसमें शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी को भी साथ में रखा है, हालांकि एनसीपी (शरदचंद पवार) की तरफ से इस मौके पर कोई भी नेता मंच पर नहीं आया। ठाकरे भाईयों ने संयुक्त वचननामा (घोषणापत्र) में खुलकर मराठी कार्ड खेला है। घोषणापत्र की जारी करने के लिए 20 साल बाद राज ठाकरे दादर स्थित शिवसेना भवन पहुंचे। इस मौके पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने जमकर हमला बोला। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर बीएमसी का मेयर बैठा तो मुंबई अडाणीस्थान बन जाएगा।

उद्धव-राज ठाकरे की बड़ी बातें:
1. राहुल नार्वेकर को घेरा: उद्धव ठाकरे ने विपक्षी कैंडिडेट को धमकाने के मामले को लेकर बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्हें तुरंत अध्यक्ष के पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने संवैधानिक अधिकार का दुरुपयोग किया। ठाकरे ने कहा कि विधानसभा स्पीकर के पास अधिकार केवल सदन के अंदर होता है। ठाकरे ने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए प्रचार नहीं कर सकते – यह एक अलिखित लेकिन अच्छी तरह से समझा जाने वाला नियम है। उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

2. मोदी ने कैलाश पर्वत बनाया: उद्धव ठाकरे ने बीजेपी-शिवसेना की वरली डोम में आयोजित संयुक्त रैली पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कल (शनिवार) को सभी कौवे वर्ली में इकट्ठा हो गए थे। हमने 25 साल में मुंबई में आम काम किया है। कोस्टल रोड बनाया है, मध्य वैतरणा डैम बनाया है। मोदी ने कैलाश पर्वत बनाया है। आप यह क्यों नहीं कहते कि गंगा स्वर्ग से लाई गई थी?

3. मराठी का सम्मान करना होगा: राज ठाकरे ने एक बार फिर से मराठी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हम हिंदू हैं, हिंदी नहीं। यहां सिर्फ मराठी मेयर होगा। मराठी का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा मेयर मराठी होगा।

4. मराठी क्या हिंदू नहीं: उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के ऊपर निशाना साधते हुए कहा कि क्या BJP मराठी लोगों को हिंदू नहीं मानती? गौरतलब हो कि सीएम फडणवीस ने वरली की सभा में कहा था कि मुंबई का मेयर मराठी हिंदू होगा।

5. हम बांटेंगे कोराना बुकलेट: उद्धव ठाकरे ने कहा कि इलेक्शन कमीशन ने कोरोना काल पर एक किताब पर बैन लगा दिया है। लेकिन हम वह किताब बांटने जा रहे हैं, इलेक्शन कमीशन जो चाहे करे।

6. मुंबई बन जाएगा अडानी स्थान: उद्धव ठाकरे ने कहा कि कहा कि BJP का मेयर बनने के बाद मुंबई अडाणीस्थान बन जाएगा। गौरतलब हो कि बीजेपी ने इस बार मुंबई में अपना मेयर बनाने का लक्ष्य तय किया है। पिछले 20 साल से उद्धव ठाकरे का मेयर बनता रहा है।

7. कल शिकायत मत करना: मनसे चीफ राज ठाकरे ने कहा कि कोई भी सत्ता की अमर बेल्ट लेकर नहीं आता। तुम्हारे जाने के बाद कल जब सब कुछ धमाके के साथ शुरू हो, तो उसकी शिकायत मत करना। अगर तुम्हें लगता है कि तुम कभी सत्ता नहीं छोड़ोगे, तो यह गलतफहमी दूर हो जानी चाहिए। सत्ता में बैठे लोगों को इस बारे में सोचना चाहिए कि जब कोई और सत्ता में आएगा, तो और बुरा होगा।

8. महाराष्ट्र में एक नई लहर की शुरुआत: यह पूछे जाने पर कि शिवसेना भवन में राज ठाकरे के आने पर उन्हें कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है। आज महाराष्ट्र में प्रेरणा की एक नई लहर की शुरुआत हुई है। इस मौके पर हम एक संयुक्त घोषणापत्र पेश कर रहे हैं।

9. यह झुंडशाही है, लोकतंत्र नहीं: ठाकरे भाईयों ने चाहे वह कल्याण-डोंबिवली हो या ठाणे, बिना किसी विरोध के चुनाव जीतने को लोगों और लोकतंत्र का अपमान कहा। उन्होंने कहा कि आज जो हो रहा है उसे लोकतंत्र नहीं कहा जा सकता। पहले हमने वोट चुराने की कोशिशों के बारे में बात की थी। अब उन्होंने उम्मीदवार भी चुराना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र ने पहले कभी ऐसे राजनेता नहीं देखे।

10. ठाकरे ब्रदर्स का मिलन एकता: शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का एक साथ आना एक अविभाजित हिंदू परिवार की एकता का प्रतीक है। ठाकरे परिवार के पास अब एक संयुक्त घोषणापत्र, संयुक्त रैलियां, संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस और संयुक्त बयान हैं।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰