मादुरो को हथकड़ी, हर्नांडेज को माफी…………

दो देश, दो राष्ट्रपति और एक ही जैसे आरोप, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई में जमीन आसमान का फर्क… वेनेजुएला से उठाकर अमेरिका लाए गए अपदस्त राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को मैनहट्टन की एक संघीय अदालत में पेश किया गया. मादुरो पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े आतंकवाद (नार्को-टेररिज्म) के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि उन्होंने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 6 जनवरी 2026, 05:54 AM 5 मिनट read
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मादुरो को हथकड़ी, हर्नांडेज को माफी…………
Photo: UB India News Archive
दो देश, दो राष्ट्रपति और एक ही जैसे आरोप, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई में जमीन आसमान का फर्क… वेनेजुएला से उठाकर अमेरिका लाए गए अपदस्त राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को मैनहट्टन की एक संघीय अदालत में पेश किया गया. मादुरो पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े आतंकवाद (नार्को-टेररिज्म) के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि उन्होंने वेनेजुएला की सेना और खुफिया एजेंसियों की मदद से कोकीन की भारी खेप अमेरिका तक पहुंचाई, इसके लिए गुप्त हवाई पट्टियों का इस्तेमाल किया गया. इसके अलावा मशीन गन और विनाशकारी हथियार रखने और उनकी साजिश रचने के आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे नार्को-टेररिज्म के आरोप और मजबूत होते हैं.
हालांकि मादुरो ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया. मादुरो और उनकी पत्नी सिलीया फ्लोरेस को यहां अलग-अलग और एकांत कारावास में रखा गया है. अमेरिका के इस कदम की रूस-चीन सहित दुनियाभर के कई देश आलोचना कर रहे हैं. अमेरिका में भी विपक्षी नेता ट्रंप के इस एक्शन की आलोचना कर रहे हैं. नैंसी पेलोसी ने ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ओरलैंडो हर्नांडेज की सजा माफ करने को लेकर ट्रंप पर निशाना साधा.

हर्नांडेज की 45 साल की सजा एक झटके माफ

होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति हर्नांडेज को 45 साल की कैद की सजा हुई थी, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिसंबर में माफ कर दिया था. ट्रंप ने हर्नांडेज को माफी देते हुए कहा कि वे ‘राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार’ थे और ‘बहुत कठोर व अन्यायपूर्ण व्यवहार’ का सामना कर रहे थे. बाद में ट्रंप ने हर्नांडेज की तुलना खुद से की और कहा, ‘जिस व्यक्ति को मैंने माफी दी, उसके साथ वैसा ही हुआ जैसा बाइडेन प्रशासन ने ट्रंप नाम के व्यक्ति के साथ किया. वह देश का प्रमुख था और उसे अन्यायपूर्ण तरीके से सताया गया.’
अमेरिकी संसद के नीचले सदन की पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ट्रंप की आलोचना करते हुए एक्स पर लिखा, ‘अगर राष्ट्रपति अपनी कार्रवाई का आधार ड्रग तस्करी के आरोप बताते हैं, तो होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ओरलैंडो हर्नांडेज को माफी देना घोर पाखंड है, जिन्होंने अमेरिका में 400 टन से ज्यादा कोकेन पहुंचाने की जिम्मेदारी ली थी ताकि ‘ग्रिंगो की नाक में ड्रग्स ठूंसा जा सके’. प्रशासन कहता है कि मादुरो पर अमेरिकी अदालत में मुकदमा चलेगा, लेकिन हर्नांडेज को इसी अपराध में अमेरिकी ज्यूरी ने दोषी ठहराया था और ट्रंप ने उन्हें माफ कर दिया.’
यहां दिलचस्प बात यह है कि हर्नांडेज़ और मादुरो दोनों के खिलाफ जांच लगभग एक ही समय पर शुरू हुई थी. दोनों मामलों की जांच अमेरिकी ड्रग एजेंसी (DEA) की एक ही टीम ने की थी.

हर्नांडेज पर क्या थे आरोप?

हर्नांडेज को वर्ष 2022 में राष्ट्रपति पद छोड़ते ही गिरफ्तार कर अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था. उन पर ड्रग और हथियारों की तस्करी के आरोप लगे. अभियोजकों ने कहा कि हर्नांडेज ने अपने पहले राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ड्रग लॉर्ड जोकिन ‘एल चापो’ गुजमान से 10 लाख डॉलर की रिश्वत ली थी. बदले में उन्होंने होंडुरास से कोकेन रूट्स की सुरक्षा की.
2024 में चले तीन हफ्ते के मुकदमे में अभियोजकों ने दावा किया कि हर्नांडेज ने 18 साल तक ड्रग नेटवर्क में केंद्रीय भूमिका निभाई, जिसने अमेरिका में 400 टन से ज्यादा कोकेन पहुंचाया. वे मशीनगन और ग्रेनेड लॉन्चर से लैस तस्करों को खुली छूट देते थे और लाखों डॉलर अपनी राजनीतिक मुहिम के लिए लेते थे. होंडुरास की नेशनल पुलिस सहित कई सरकारी संस्थाएं ड्रग शिपमेंट की रक्षा करती थीं. अभियोजकों ने होंडुरास को ‘नार्को-स्टेट’ करार दिया. हर्नांडेज ने सभी आरोपों से इनकार किया और खुद को राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार बताया.
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, हर्नांडेज ने अक्टूबर में ट्रंप को चार पेज का पत्र लिखा था, जिसमें उनकी तारीफ की और मामले की समीक्षा की मांग की. ट्रंप के पुराने सलाहकार रोजर स्टोन ने भी माफी की सिफारिश की, ताकि होंडुरास में नेशनल पार्टी को चुनावी फायदा हो. ट्रंप ने बाद में कहा कि मुकदमा ‘बाइडेन की भयानक विचहंटिंग’ थी.
माफी इतनी अचानक थी कि ट्रंप के कुछ करीबी सहयोगी भी हैरान रह गए. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था, ‘वह राष्ट्रपति थे, उनके देश में कुछ ड्रग्स बिक रहे थे और राष्ट्रपति होने की वजह से उनपर हमला किया गया… यह बाइडेन की भयानक साजिश थी.’

मादुरो पर क्या हैं आरोप?

मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को शनिवार को काराकस में अमेरिकी कमांडो रेड ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ में पकड़ा गया. सोमवार को दोनों को मैनहट्टन की संघीय अदालत में पेश किया गया. उन पर नार्को-टेररिज्म और कोकेन तस्करी की साजिश के आरोप हैं. अभियोग के मुताबिक, मादुरो ने होंडुरास व अन्य देशों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी की. शिपमेंट रूट्स होंडुरास, ग्वाटेमाला और मैक्सिको से गुजरते थे. अभियोजकों ने इसे ‘भ्रष्टाचार की संस्कृति’ बताया, जहां तस्करों ने राजनेताओं को सुरक्षा के बदले पैसे दिए. इन राजनेताओं में एक नाम हर्नांडेज का भी है.
ऐसे में मादुरो के खिलाफ ट्रंप के इस तानाशाही एक्शन ने दुनियाभर में बहस छेड़ दी है. सवाल उठ रहे हैं कि ड्रग तस्करी के खिलाफ अमेरिका की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति कितनी निष्पक्ष है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप की नई मिसाल बन सकती है.
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