क्या सच में बंद है 10 मिनट में डिलीवरी ?

गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में क्विक कॉमर्स कंपनियों से “10 मिनट डिलीवरी” की अनिवार्य डेडलाइन को खत्म करने को कहा. Zomato, Zepto, और Swiggy जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ केंद्र सरकार ने बैठक की थी, ताकि सभी गिग वर्कर्स को इसका फायदा मिले. इसके बाद ही Blinkit की […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 14 जनवरी 2026, 05:50 AM 3 मिनट read
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क्या सच में बंद है 10 मिनट में डिलीवरी ?
Photo: UB India News Archive
गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में क्विक कॉमर्स कंपनियों से “10 मिनट डिलीवरी” की अनिवार्य डेडलाइन को खत्म करने को कहा. Zomato, Zepto, और Swiggy जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ केंद्र सरकार ने बैठक की थी, ताकि सभी गिग वर्कर्स को इसका फायदा मिले. इसके बाद ही Blinkit की तरफ से एक बयान भी तुरंत आ गया था कि कंपनी 10 मिनट डिलीवरी की डेडलाइन को खत्म कर रही है. लेकिन क्या सच में इन बड़ी-बड़ी कंपनियों ने इसे लागू किया है? क्योंकि अभी भी Blinkit, Zepto, Flipkart Plus और Amazon Now जैसे ऐप्स पर डिलीवरी टाइम 10 मिनट के अंदर दिख रहा है. आखिर ऐसा क्यों है? तो इसके पीछे कुछ खास वजहें छिपी हुई है.
सरकार को इन कंपनियों ने भरोसा दिया है कि ऐड्स, सोशल मीडिया, ऐप पर ब्रांडिंग से 10 मिनट वाला क्लेम हटा देंगे. Blinkit, Zepto और अन्य कंपनियों के अनुसार, सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ही वह अपने आंतरिक नीतियों को अपडेट करेंगे. ऐसे में ग्राहकों को इन ऐप पर डिलीवरी का समय अभी भी कम दिखाया जा रहा है.

10 मिनट के अंदर डिलीवरी दिखा रहे ऐप्स

10 minute delivery
आपको बता दें कि इन फोटोज में डिलीवरी का टाइम अभी भी 10 मिनट के अंदर ही दिखा रहा है. Amazon Now पर डिलीवरी टाइम 9 मिनट दिखा रहा है.
10 minute delivery
फिल्पकार्ट मिनट्स पर 7 मिनट की डिलावरी टाइमिंग शो हो रही है.
10 minute delivery
10 minute delivery
यह अनुमान है, अनिवार्य डेडलाइन नहीं. कंपनियां अभी भी कोशिश करेंगी जल्दी पहुंचाने की, क्योंकि उनके गोदाम पास-पास हैं. लेकिन अब वे खुलकर “10 मिनट में गारंटी” नहीं कहेंगे. इससे ग्राहकों की उम्मीद थोड़ी कम होगी, और राइडर्स पर दबाव घटेगा. पहले भी कई बार 10 मिनट से ज्यादा लग जाता था, लेकिन अब ब्रांडिंग में स्पीड पर जोर नहीं रहेगा.

क्यों कंपनियां दिखा रही है 10 मिनट में डिलीवरी ?

असल, कंपनियां अभी भी यूजर एंगेजमेंट और मार्केटिंग के लिए 10 मिनट डिलीवरी को ऐप्स पर शो कर रही है. हालांकि, इसका मतलब यह भी है कि अगर किसी ग्राहक का ऑर्डर 10 मिनट में नहीं पहुंचता, तो कोई नुकसान नहीं होगा और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव भी नहीं पड़ेगा. क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में यह कदम गिग वर्कर्स के लिए राहत भरा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे लंबे समय में सुरक्षित और संतुलित डिलीवरी सिस्टम तैयार होगा. वहीं, ग्राहक अनुभव पर इसका असर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा, क्योंकि कंपनियां अभी भी तेज़ डिलीवरी दिखाकर कॉम्टिशन में बनी रहना चाहती हैं. कुछ जगहों पर अभी भी ऐप स्टोर या पुराने ऐड्स में दिख सकता है, लेकिन मुख्य ऐप में बदलाव आ रहा है. आपको बता दें कि 10‑मिनट का दावा हटने के बाद भी कंपनियां लगभग 15‑30 मिनट या आसपास के समय में सामान देंगी, लेकिन इसे अब “10‑मिनट गारंटी” की तरह प्रचारित नहीं किया जाएगा.
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