पटना में NEET की तैयारी करने वाली छात्रा से हैवानियत, पुलिस किसे बचाना चाहती है?

पटना में NEET की छात्रा से रेप और मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। रेप के दौरान छात्रा से काफी जोर जबरदस्ती की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार करीब डेढ़ से दो घंटे तक छात्रा दरिंदगी करने वाले से लड़ी। उसके शरीर पर चोट के निशान कुछ यही कहानी बयां कर रहे […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 17 जनवरी 2026, 07:45 AM 9 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
पटना में NEET की तैयारी करने वाली छात्रा से हैवानियत,  पुलिस किसे बचाना चाहती है?
Photo: UB India News Archive

पटना में NEET की छात्रा से रेप और मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। रेप के दौरान छात्रा से काफी जोर जबरदस्ती की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार करीब डेढ़ से दो घंटे तक छात्रा दरिंदगी करने वाले से लड़ी।

उसके शरीर पर चोट के निशान कुछ यही कहानी बयां कर रहे हैं। प्राइवेट पार्ट में काफी चोट है, इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि रेप करने वाले एक से ज्यादा हो सकते हैं। फिलहाल अब पुलिस ने भी छात्रा से रेप की बात स्वीकार कर ली है।

छात्रा के साथ कितनी देर तक दरिंदगी हुई, शरीर पर कहां-कहां चोट के निशान हैं, प्राइवेट पार्ट में किस तरह चोट आई और मौत का कारण क्या है?

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट- छात्रा को बहुत देर तक दबाए रखा, चेस्ट पर नाखून से नोचा

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई पोस्टमॉर्टम जांच में छात्रा के शरीर पर कई गंभीर और ताजा चोटें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये सभी चोटें मौत से पहले की हैं, यानी रेप के दौरान ही लगीं।

डॉक्टरों ने बाहरी जांच में सबसे पहले छात्रा की गर्दन, कंधे और चेस्ट को देखा। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि गर्दन और कंधे के आसपास Crescentic Nail Abrasions यानी नाखून से गहरे घाव पाए गए हैं। डॉक्टर के अनुसार, ऐसे निशान तब मिलते हैं, जब पीड़िता किसी से खुद को बचाने की कोशिश कर रही हो। उस दौरान हमलावर उसे जबरन पकड़ता या खींचता है। ऐसी चोटें इस बात का संकेत हैं कि छात्रा ने बचने के लिए लगातार विरोध किया।

रिपोर्ट में छाती और कंधे के नीचे वाले हिस्से पर Multiple Scratch Marks यानी खरोंच के कई निशान दर्ज किए गए हैं। ये खरोंच एक जगह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि फैले हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा तब होता है, जब पीड़िता को लंबे समय तक दबाया गया हो या जमीन पर रगड़ा गया हो। या किसी ने चेस्ट को नाखून से नोच दिया हो।

नीट छात्रा पर गैंगरेप और हत्या का मामला पटना के चित्रगुप्त नगर थाने का है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा के शरीर पर नाखून के गहरे निशान पाए गए हैं. जो जबरन हिंसा की ओर इशारा करते हैं. रिपोर्ट में एक से अधिक लोगों द्वारा यौन हिंसा यानी गैंगरेप की आशंका जताई गई है. इतना ही नहीं, छात्रा को काबू में करने या अचेत करने के लिए किसी तरह की दवा या इंजेक्शन दिए जाने की संभावना भी डॉक्टरों ने जताई है. इन तथ्यों के सामने आने के बाद परिजनों के आरोपों को बल मिला है, जो शुरू से ही छात्रा के साथ दुष्कर्म की बात कहते आ रहे थे.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट.
हॉस्टल संचालक की हो सकती है गिरफ्तारी
छात्रा दुष्कर्म कांड में गिरफ्तार मनीष रंजन को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं. मनीष रंजन जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड अंतर्गत जगपुरा पंचायत का रहने वाला है और शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मकान मालिक बताया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक वह इस बार मुखिया चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. बताया जा रहा है कि चुनाव लड़ने के लिए उसे हॉस्टल संचालक श्रवण अग्रवाल का आर्थिक समर्थन हासिल था और दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी. सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले में जल्द ही हॉस्टल संचालक श्रवण अग्रवाल की गिरफ्तारी हो सकती है..
जांच के लिए SIT बनाई गई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विजाइना सैंपल को एम्स पटना भेज दिया गया है. यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से मंतव्य लिया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एम्स की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और अपराध की प्रकृति पर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा. फिलहाल पुलिस इस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. इस बीच, बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले एक्शन लिया. 9 जनवरी 2026 को दर्ज इस कांड की निगरानी अब पुलिस महानिरीक्षक, केन्द्रीय क्षेत्र, पटना को सौंपी गई है. उनके निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. इस SIT की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक, नगर पूर्वी कर रहे हैं, जबकि टीम में महिला और पुरुष दोनों तरह के वरीय अधिकारी शामिल किए गए हैं.

प्राइवेट पार्ट में ताजा चोटें, काफी ब्लीडिंग हुई

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पीठ के हिस्से पर bruises यानी नीले निशान पाए गए हैं। इससे पता चलता है कि छात्रा की पीठ को किसी कठोर सतह से रगड़ा गया। डॉक्टरों की राय में ये चोटें साबित करती हैं कि संघर्ष कुछ मिनटों का नहीं, बल्कि काफी देर का है। यानी यह डेढ़ से दो घंटे का भी हो सकता है। इससे यह भी आशंका है कि लड़की के साथ जबरदस्ती करने में एक से अधिक लोग शामिल हों।

अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा जननांग की जांच, जिसे रिपोर्ट में Genital Examination लिखा गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि प्राइवेट पार्ट में ताजा चोटें पाई गई हैं। Vaginal area में गहरी रगड़ के निशान हैं। इससे काफी ब्लीडिंग भी हुई है। मेडिकल बोर्ड की राय में ये चोटें सहमति से बने संबंध की नहीं हैं, बल्कि forceful penetration का परिणाम हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि अगर संबंध किसी भी प्रकार से सहमति से बनता तो इस तरह की अंदरूनी और बाहरी चोटें एक साथ नहीं पाई जातीं। शरीर के अन्य हिस्सों पर संघर्ष के निशान यह साबित करते हैं कि छात्रा बेहोश नहीं थी, बल्कि उसने खुद को बचाने की कोशिश की।

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ब्लीडिंग की वजह से कुछ फोरेंसिक सैंपल प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन injuries अपने आप में यह बताती हैं कि छात्रा के साथ जबरदस्ती हुई है। इसी आधार पर मेडिकल ओपिनियन में कहा गया है कि पाए गए तथ्य sexual violence के अनुरूप हैं।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अंत में डॉक्टरों ने लिखा है कि यौन शोषण की पुष्टि होती है, जबकि मौत के अंतिम कारण को अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है। इसके लिए आगे की विशेषज्ञ जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट को एम्स भेजा गया है।

अभी तक आपने NEET छात्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पढ़ी…अब 5 पॉइंट में देखिए पुलिस की थ्योरी और PM में अंतर

पुलिस ने कहा: मोबाइल सर्च हिस्ट्री और नींद की दवा के आधार पर छात्रा डिप्रेशन में थी।

पोस्टमॉर्टम फैक्ट: शरीर पर संघर्ष के दर्जनों निशान हैं, गर्दन-कंधे पर नाखून के घाव और पीठ नीली पड़ गई, ये यौन हिंसा की ओर इशारा करते हैं।

पुलिस ने कहा: शुरुआती जांच में यौन शोषण के सबूत नहीं मिले।

पोस्टमॉर्टम फैक्ट: प्राइवेट पार्ट में ताजा चोट, टिशू ट्रॉमा और ब्लीडिंग पाई गई। मेडिकल ओपिनियन में साफ लिखा है कि यौन शोषण की पुष्टि होती है।

पुलिस ने कहा: छात्रा बेहोश मिली, कोई बाहरी हिंसा स्पष्ट नहीं थी।

पोस्टमॉर्टम फैक्ट: सभी चोटें मौत से पहले लगीं। यह साबित करता है कि छात्रा बेहोश नहीं थी, बल्कि लंबे समय तक हमले का विरोध कर रही थी।

पुलिस ने कहा: मामला अचानक बिगड़ी हालत का है।

पोस्टमॉर्टम फैक्ट: शरीर पर फैली चोटें, अलग-अलग जगहों पर खरोंच और नीले निशान बताते हैं कि यह घटना क्षणिक नहीं, बल्कि लंबे समय तक चली हिंसा और रेप का मामला है।

मृतक छात्रा इसी शंभू हॉस्टल में रहती थी। हॉस्टल रिहायशी इलाके में है। आसपास घर और दुकान है।
मृतक छात्रा इसी शंभू हॉस्टल में रहती थी। हॉस्टल रिहायशी इलाके में है। आसपास घर और दुकान है।

पुलिस किसे बचाना चाहती है? तीन बड़े सवाल

1- हॉस्टल संचालक की ‘डील’ का आरोप

परिवार का आरोप है कि हॉस्टल संचालक ने FIR के बाद पैसे देने की पेशकश की। सवाल यह है कि अगर मामला साफ था तो समझौते की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह डील किसी बड़े खुलासे को रोकने के लिए थी? क्या इसकी जानकारी पुलिस को दी गई? यदि हां, तो कार्रवाई क्यों नहीं दिखी?

2- पैसा देकर तीन लोगों को छोड़े जाने का दावा

परिजनों का कहना है कि पूछताछ के बाद तीन संदिग्धों को छोड़ दिया गया। सवाल उठता है क्या यह रिहाई सबूतों के अभाव में हुई या किसी और वजह से? अगर शुरुआती मेडिकल संकेत गंभीर थे तो संदिग्धों को तुरंत क्लीन चिट देने का आधार क्या था?

3- पीड़िता का कोई जानने वाला? अंदरूनी कड़ी का शक

परिवार आशंका जता रहा है कि घटना में पीड़िता का कोई जानने वाला शामिल हो सकता है। सवाल यह है कि क्या पुलिस ने इस एंगल पर पूरी गहराई से जांच की? कॉल डिटेल, हॉस्टल एंट्री-एग्जिट और जान-पहचान की कड़ियों को सार्वजनिक रूप से क्लियर क्यों नहीं किया गया?

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार कर रहे जांच: SSP

पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा, ‘अभी तक जो सबूत मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जो आया है। उसके हिसाब से हम लोग जांच कर रहे हैं। अभी कुछ और सबूत जमा करने हैं। FSL की टीम ने कुछ सैंपल लिए थे, उनकी जांच बाकी है। मृतका के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रहे हैं ताकि अगर किसी वीडियो को डिलीट किया गया हो तो उसे रिकवर कर सकें।’

उन्होंने कहा, ‘जांच का दायरा बढ़ाते हुए हम लोग अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। छात्रा के 5 तारीख को आने और उसके जाने तक का सीसीटीवी फुटेज लिया है। ASP सदर अभिनव के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है।’

DGP ने किया SIT का गठन, जांच करेंगे IG जितेंद्र राणा

छात्रा के साथ रेप मामले पर DGP विनय कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने हायर लेवल SIT का गठन किया गया है। जोनल IG पटना जितेंद्र राणा को जांच का निर्देश दिया है। SIT में सदर ASP अभिनव, सचिवालय SDPO 1 डॉक्टर अनु, सचिवालय SDPO 2 साकेत कुमार, जक्कनपुर थानेदार ऋतुराज सिंह और कदमकुंआ थानेदार जनमेजय राय और एक महिला पदाधिकारी समेत 7 लोग शामिल हैं। वहीं, SHO पत्रकारनगर रौशनी कुमारी को दूर रखा गया है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰