AI में भारत ‘सेकेंड टियर’ नहीं, टॉप देशों में है शामिल …………

स्विट्जरलैंड के दावोस में 5 दिनों तक चले वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) की सालाना बैठक में एक मौका ऐसा भी आया जब एक चर्चा के दौरान मॉडरेटर इयान ब्रेमर के भारत को दूसरे स्तर (टियर) AI पावर करार दिया. मंच पर उस समय भारत के केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद थे और उन्होंने इसपर […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 23 जनवरी 2026, 10:52 AM 7 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
AI में भारत ‘सेकेंड टियर’ नहीं, टॉप देशों में है शामिल …………
Photo: UB India News Archive

स्विट्जरलैंड के दावोस में 5 दिनों तक चले वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) की सालाना बैठक में एक मौका ऐसा भी आया जब एक चर्चा के दौरान मॉडरेटर इयान ब्रेमर के भारत को दूसरे स्तर (टियर) AI पावर करार दिया. मंच पर उस समय भारत के केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद थे और उन्होंने इसपर आपत्ति जताई. इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री वैष्णव ने वैश्विक आंकड़ों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मोर्चे पर दुनिया के अग्रणी देशों में से एक है. उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी का हवाला दिखाया और बताया कि कैसे AI से जुड़ी तैयारियों के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है. चलिए जानते हैं कि पूरा विवाद क्या था, अश्विनी वैष्णव ने यहां क्या तर्क दिए और भारत कैसे AI के मोर्चे पर किसी भी तरह से दूसरे स्तर का देश नहीं है.

दावोस में हुआ क्या था?

यह वाकया मंगलवार को दावोस में चल रहे WEF की सालाना बैठक में “AI पावर प्ले” नाम के पैनल डिस्कशन के दौरान हुआ. इस चर्चा में मॉडरेटर इयान ब्रेमर और भारतीय मंत्री के अलावा इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ और सऊदी अरब के निवेश मंत्री खालिद अल-फलीह भी शामिल थे.

चर्चा के दौरान, यूरेशिया समूह के अध्यक्ष इयान ब्रेमर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शक्तियों के “दूसरे समूह” का हिस्सा बताया. यानी उन्होंने यह सुझाव दिया कि भारत AI के मोर्चे पर दुनिया के लीडर देशों से पीछे है.

अश्विनी वैष्णव ने क्या जवाब दिया?

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका विरोध करते हुए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग का हवाला देते हुए कहा कि भारत AI देशों में विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर है.  उन्होंने कहा, “ROI सबसे बड़े मॉडल बनाने से नहीं आता है. वास्तविक दुनिया के लगभग 95 प्रतिशत AI उपयोग के मामलों में 20-50 बिलियन पैरामीटर रेंज के मॉडल का उपयोग होता है.”

अश्विनी वैष्णव ने साफ-साफ कहा कि भारत की AI को लेकर जो रणनीति है, वह केवल बड़े मॉडल बनाने के बजाय उसके आर्थिक रूप से टिकाऊ होने और वास्तविक दुनिया में उसके इस्तेमाल पर केंद्रित है. अश्विनी वैष्णव ने कहा, “मुझे नहीं पता कि IMF का मानदंड क्या है, लेकिन स्टैनफोर्ड AI तैयारियों के लिए भारत को दुनिया में तीसरे स्थान पर रखता है. मुझे नहीं लगता कि आपने जो क्लासिफिकेशन किया है (भारत को दूसरे टियर में रखना) ,वह सही है.”

भारत की उपलब्धियों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टैनफोर्ड AI पेनेट्रेशन और उससे जुड़ी तैयारियों में विश्व स्तर पर भारत को तीसरे स्थान पर रखता है. साथ ही भारत AI प्रतिभा में दूसरे स्थान पर है. उन्होंने बताया कि 38,000 से अधिक GPU को एक साझा राष्ट्रीय कंप्यूटिंग सुविधा (shared national compute facility) में लिस्ट किया गया है. इसतक छात्रों, रिसर्चर्स और स्टार्टअप की पहुंच के लिए इसे सब्सिडी दी गई है. साथ ही भारत के राष्ट्रव्यापी  AI कौशल कार्यक्रम का लक्ष्य 1 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करना है.

भारत AI में टॉप देशों में क्यों शामिल?

1- स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी

स्टैनफोर्ड  यूनिवर्सिटी का ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी टूल रिसर्च, प्रतिभा, बुनियादी ढांचे, आर्थिक प्रभाव, नीति, जिम्मेदार AI और जनता की राय के आधार पर AI के मोर्चे पर देशों के बीच प्रतिस्पर्धात्मकता का आकलन करता है. इसने साल 2024 के डेटा का उपयोग करते हुए 2025 के लिए जो रैंकिंग की थी, उसमें अमेरिका को पहले, चीन को दूसरे और भारत को तीसरे स्थान पर रखा था.

Latest and Breaking News on NDTV

यूके, साउथ कोरिया, सिंगापुर और जापान जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए भारत आगे आया है. 2024 में वो 7वें स्थान पर था और 2025 में वो सीधे तीसरे स्थान पर आ गया. इतना ही नहीं 21.59 के वाइब्रेंसी स्कोर के साथ, भारत कई एडवांस इकनॉमी वाले देशों से आगे है.इस स्टडी में AI प्रतिभा, रिसर्च आउटपुट, इनोवेशन और इकोसिस्टम गतिविधि में भारत की तीव्र वृद्धि को दर्शाया गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि अमेरिका और चीन की तुलना में निवेश स्तर और अत्याधुनिक AI विकास में भारत में अंतर बना हुआ है.

2- IMF क्या मानता

चर्चा के बाद पैनल में शामिल IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा, “मुझे रिकॉर्ड पर यह बात रखने दें कि हम भारत की प्रशंसा करते हैं. वह सुधारों, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और अपनी IT-कुशल श्रम शक्ति के संबंध में कैसे विकसित हुआ है.”

उन्होंने चर्चा में मॉडरेटर ब्रेमर की टिप्पणी को छोटी गलती बताया और कहा कि मॉडरेटर ने IMF के दृष्टिकोण को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है. उन्होंने कहा, “मॉडरेटर अनुमान लगा रहे थे. हमारा मानना ​​है कि भारत AI विकसित करने में प्रमुख शक्तियों में से एक है. हम AI की वजह से वैश्विक स्तर के विकास को 0.8 प्रतिशत तक बढ़ाने की क्षमता का आकलन करते हैं. AI के साथ, यह केवल बेहतर होगा. जिस तरह से भारत अलग-अलग रास्ते चुनने वाले दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए AI का रुख करता है, उससे मैं प्रभावित हूं.”

3- ₹10,300 करोड़ से अधिक का निवेश और 38,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU)

भारत AI द्वारा संचालित एक नए युग के शिखर पर खड़ा है, जहां यह टेक्नोलॉजी जीवन बदल रही है और देश की प्रगति को आकार दे रही है. AI अब रिसर्च लैब या बड़े कॉर्पोरेशन तक सीमित नहीं है. यह हर स्तर पर नागरिकों तक पहुंच रहा है. यह समावेशी दृष्टिकोण नीति आयोग की रिपोर्ट, समावेशी सामाजिक विकास के लिए एआई (अक्टूबर 2025) में भी दिखता है. रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे AI स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल और वित्तीय समावेशन तक पहुंच बढ़ाकर भारत के 4.90 करोड़ अनौपचारिक श्रमिकों को सशक्त बना सकता है.

“भारत में AI बनाना और AI को भारत के लिए काम करना” के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, भारत सरकार की कैबिनेट ने मार्च 2024 में पांच वर्षों में ₹10,371.92 करोड़ के बजट परिव्यय के साथ भारत AI मिशन को मंजूरी दी थी. यह मिशन भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ग्लोबल लीडर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है. अपने लॉन्च के बाद से, मिशन ने देश के कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे के विस्तार में मजबूत प्रगति की है. 10,000 जीपीयू के प्रारंभिक लक्ष्य से, भारत ने अब 38,000 जीपीयू हासिल कर लिया है, जो विश्व स्तरीय AI संसाधनों तक किफायती पहुंच प्रदान करता है.

4- भारत में तेजी से बढ़ता AI इकोसिस्टम

IT मंत्रालय द्वारा 30 दिसंबर 2025 को जारी प्रेस नोट के अनुसार भारत का टेक क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है, इस वर्ष वार्षिक राजस्व 280 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार करने का अनुमान है. अभी भारत में टेक और AI इकोसिस्टम में 60 लाख से अधिक लोग काम करते हैं. देश में 1,800 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Centres) हैं, जिनमें 500 से अधिक AI पर केंद्रित हैं।

भारत में लगभग 1.8 लाख स्टार्टअप हैं, और पिछले साल लॉन्च हुए लगभग 89% नए स्टार्टअप ने अपने उत्पादों या सेवाओं में AI का उपयोग किया है. NASSCOM AI एडॉप्शन इंडेक्स पर, भारत को 4 में से 2.45 अंक मिले हैं, जिससे पता चलता है कि 87% उद्यम सक्रिय रूप से AI समाधानों का उपयोग कर रहे हैं. AI अपनाने में अग्रणी क्षेत्रों में औद्योगिक और ऑटोमोटिव, उपभोक्ता सामान और खुदरा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा और स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं. साथ में वे AI के कुल मूल्य में लगभग 60 प्रतिशत का योगदान करते हैं. हाल ही में बीसीजी सर्वे के अनुसार, लगभग 26% भारतीय कंपनियों ने बड़े पैमाने पर AI परिपक्वता (मैच्यूरिटी) हासिल कर ली है.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰