दरअसल, फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद क्षेत्र में एक नई रेलवे लाइन बनाई गई है. यह लाइन खासतौर पर मालगाड़ियों के लिए है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली है. यह दिल्ली-अमृतसर लाइन पर ही है. यह ट्रैक अभी ट्रायल फेज में था. रात करीब 11 बजे के आसपास एक मालगाड़ी इस लाइन से गुजरने के लिए तैयार हुई. गाड़ी में कोई खास सामान नहीं था, केवल रूटीन रन था. लोको पायलट यानी चालक अकेला इंजन चला रहा था. सब कुछ सामान्य लग रहा था. मगर किसी को कहां पता था कि आगे रेलवे ट्रैक पर किसी ने विस्फोटक लगा रखे हैं.
रात ठीक 11 बजे के करीब जब मालगाड़ी खानपुर फाटक के पास पहुंची. तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ. उस वक्त अंधेरी रात थी और आसपास सन्नाटा था. धमाका होते ही खलबली मच गई. ब्लास्ट इतना तेज था कि रेलवे ट्रैक का 3-4 फीट का हिस्सा पूरी तरह उड़ गया. मालगाड़ी की इंजन का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी. स्थानीय लोग बताते हैं कि लगा जैसे कोई बड़ा हादसा हो गया. ब्लास्ट के बाद धुआं और मलबा चारों तरफ फैल गया. इसमें चालक को झटका लगा, उसके चेहरे पर मामूली कट आए और हल्की चोटें लगीं. वह बाल-बाल बच गया. अगर ट्रेन की गति ज्यादा होती या पैसेंजर ट्रेन होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था.
इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय निवासी दौड़कर मौके पर पहुंचे. किसी ने चालक को बाहर निकाला और मदद की. चालक को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. राहत की बात है कि उसकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया है. इसी बीच पुलिस और रेलवे अधिकारी भी घटनास्थल पर दौड़े. वे रात में ही मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. सूत्रों ने बताया कि ब्लास्ट में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ, जो एक हाई-एक्सप्लोसिव है. हालांकि, इसकी जांच हो रही है.
इस घटना की सूचना मिलते ही रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. रात के समय ही उन्होंने मामले की समीक्षा की. डीआईजी ने बताया कि विभिन्न पुलिस टीमें सक्रिय हो गईं. इंटर-एजेंसी समन्वय शुरू किया गया, यानी रेलवे, लोकल पुलिस और अन्य विभाग मिलकर काम करने लगे. जांच वैज्ञानिक तरीके से हो रही है. फॉरेंसिक टीम सबूत जुटा रही है, जैसे विस्फोटक के अवशेष, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान. डीआईजी ने साफ कहा कि बड़ा संपत्ति नुकसान नहीं हुआ. ट्रैक और गाड़ी को गंभीर क्षति नहीं पहुंची. ट्रैक को जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा और सामान्य संचालन शुरू हो जाएगा.
डीआईजी नानक सिंह ने कहा कि फिलहाल इसे आतंकी हमला मानना मुश्किल है. यह एक क्रिमिनल एक्टिविटी लगती है, जैसे कोई लोकल साजिश या दुश्मनी. इनपुट्स के आधार पर नाकेबंदी की गई है, यानी इलाके में चेकिंग बढ़ा दी गई. संदिग्धों की तलाश चल रही है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी. पंजाब पुलिस हाई अलर्ट पर है, क्योंकि राज्य में पहले भी रेल हमलों का इतिहास रहा है. आखिर यह ब्लास्ट किसने किया, क्या मकसद था, क्या किसी आतंकी साजिश का हिस्सा थी या खालिस्तानी इसके पीछे हैं? ये अभी जांच का विषय है.








