शैडो फ्लीट या डार्क फ्लीट एक बार फिर चर्चा में क्यों …………..

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। हाल के दिनों में भारत ने रूस से तेल की खरीदारी कम की है लेकिन रूस अब भी भारत के लिए क्रूड का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है। रूस के तेल पर अमेरिका और पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 24 जनवरी 2026, 10:05 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
शैडो फ्लीट या डार्क फ्लीट एक बार फिर चर्चा में क्यों  …………..
Photo: UB India News Archive

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। हाल के दिनों में भारत ने रूस से तेल की खरीदारी कम की है लेकिन रूस अब भी भारत के लिए क्रूड का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है। रूस के तेल पर अमेरिका और पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगा रखा है। इस बीच अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके वहां के तेल को बेचना शुरू कर दिया है। साथ ही ईरान पर प्रतिबंध और बढ़ाने की बात कही है। इससे शैडो फ्लीट या डार्क फ्लीट एक बार फिर चर्चा में है। यह टैंकरों का एक ऐसा नेटवर्क होता है जिनका यूज रूस, ईरान और वेनेजुएला के प्रतिबंधित तेल का कारोबार होता है। एक अनुमान के मुताबिक इसका साइज ग्लोबल टैंकर की कुल क्षमता को करीब 18.5% है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह बिजनेस कितना बड़ा है।

तेल का इस काले खेल का सबसे बड़ा खिलाड़ी रूस है। डार्क फ्लीट में अक्सर पुराने जहाजों का यूज किया जाता है। इनमें से ज्यादातर पश्चिमी देशों की कंपनियों के होते हैं। ये अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए कई तरह के अवैध तरीके अपनाते हैं। इनमें फर्जी झंडे लगाना, फर्जी लोकेशन भेजना, बार-बार नाम बदलना और जीपीएस सैटेलाइट से बचने के लिए ट्रांसपोंडर बंद करना शामिल है। इन जहाजों का ऑनरशिप स्ट्रक्चर इतना जटिल होता है कि उन्हें पकड़ पाना आसान नहीं होता है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ऐसे जहाजों की संख्या में बड़ी तेजी आई है। ये जहाज रूस के बाल्टिक और ब्लैक सी बंदरगाहों से तेल लेकर जाते हैं और इससे रूस को सालाना अरबों डॉलर की कमाई होती है।

कितना बड़ा है फ्लीट?
Kpler के एक अनुमान के मुताबिक दुनिया में शैडो फ्लीट में 3,300 से अधिक जहाज हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल के दिनों में सिंगापुर के आसपास इस तरह की जहाजों की बड़ी मूवमेंट देखी गई है। ये जहाज अक्सर प्रतिबंधित तेल और सैन्य साजोसामान ले जाते है। अमूमन ये रात के समय जहाजों के बीच कार्गो को ट्रांसफर करते हैं। अक्सर मलेशिया के तट पर इस तरह के एक्टिविटी को अंजाम दिया जाता है। इससे सेफ्टी और पर्यावरण को गंभीर खतरा हो सकता है। इनमें से अधिकांश कंपनियों का मालिकाना हक ऐसी शेल कंपनियों के पास होता है जो दुबई जैसे देशों से ऑपरेट करती हैं।

जानकारों का कहना है कि यह पता लगाना मुश्किल होता है कि इन जहाजों का मालिक कौन हैं और उनका बीमा कौन करता है। अक्सर वे बंकरिंग करते थे, जो जहाजों के बीच समुद्र में फ्यूल ट्रांसफर करने की प्रक्रिया है। इससे यह ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है कि वह जहाज वास्तव में कहां से आया है और वह तेल कहां से आया है। कभी-कभी, वे तेल मिलाते हैं, इसलिए आपके पास एक वैध जहाज होगा जो समुद्र में एक शैडो फ्लीट के साथ जहाज-से-जहाज ट्रांसफर करेगा और वे तेल मिला देंगे ताकि यह पता लगाना मुश्किल हो जाए कि वह तेल वास्तव में कहां से आया है।

सेलर और बायर
रूस और ईरान ग्लोबल मार्केट में प्रतिबंधित कच्चे तेल के प्रमुख विक्रेता हैं जबकि खरीदारों में भारत और चीन सबसे ऊपर हैं। Kpler के अनुसार 2025 के अंतिम तीन महीनों में भारत और चीन ने शेडो फ्लीट से करीब 20 फीसदी कच्चा तेल खरीदा। S&P की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। यह तेल चीन तक एक अस्पष्ट प्रक्रिया के जरिए पहुंचता है। ईरानी कच्चे तेल ले जाने वाले जहाज दक्षिण पूर्व एशिया के तटीय इलाकों में दूसरे जहाजों में अपना माल शिफ्ट करते हैं। फिर ये जहाज चीनी बंदरगाहों की ओर बढ़ते हैं।

शैडो फ्लीट 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से चर्चा में आया। पश्चिमी देशों ने रूस के तेल पर प्रतिबंध लगा दिया था। इन प्रतिबंधों से बचने के लिए रूस ने तेल टैंकरों का एक डार्क फ्लीट डेवलप किया। Kpler के अनुसार 2022 में इस बेडे़ में केवल 97 जहाज थे लेकिन 2025 के अंत तक यह बेड़ा 3,313 जहाजों तक पहुंच गया। पिछले साल इस डार्क फ्लीट ने करीब 100 बिलियन डॉलर का क्रूड ट्रांसपोर्ट किया जो ग्लोबल ऑयल फ्लो का 6-7% था। इतना ही नहीं पश्चिमी देशों का आरोप है कि रूस इनका यूज स्पाइंग यानी जासूसी के लिए भी कर रहा है। इनके जरिए समुद्र में अमेरिका और दूसरे देशों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

क्यों नहीं मिलता पता?
Kpler के अनुसार, नवंबर 2025 में शैडो फ्लीट द्वारा भेजे गए 299 मिलियन बैरल क्रूड में से 63 मिलियन बैरल रूस का था। दिलचस्प बात यह है कि प्रतिबंधित क्रूड के अन्य प्रमुख निर्यातक सऊदी अरब और अमेरिका हैं। Kpler के अनुसार, 2025 में, अवैध रूप से कच्चा तेल ले जाने के लिए 686 जहाजों और 196 फर्मों पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद शैडो फ्लीट न केवल बड़ा है बल्कि इसका परिचालन भी काफी मजबूत है। इसे एक ऐसा ईकोसिस्टम सपोर्ट करता है जिसे भेद पाना मुश्किल है।

भारत भी शैडो फ्लीट के जरिए क्रूड का एक प्रमुख आयातक है। एक अनुमान के मुताबिक साल 2024 में रूस से भारत आने वाले कच्चे तेल में से 9.5% शैडो फ्लीट के जरिए आया था। अप्रैल में अमेरिकी टैरिफ के बाद, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत ने रूसी कच्चे तेल के अपने आयात में उल्लेखनीय कमी की है। भारत के कच्चे तेल के आयात में रूस की हिस्सेदारी जुलाई 2024 में 45% के उच्च स्तर से घटकर दिसंबर 2025 में 32% रह गई।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰