आज से सिगरेट के दाम 40% तक बढ़े:फास्टैग में KYV वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं…..

फरवरी में 6 बड़े बदलाव हो रहे हैं। आज से सिगरेट और तम्बाकू प्रोडक्ट्स महंगे हो गए हैं। वहीं अब से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा 1 फरवरी से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹50 तक […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 1 फरवरी 2026, 07:34 AM 5 मिनट read
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आज से सिगरेट के दाम 40% तक बढ़े:फास्टैग में KYV वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं…..
Photo: UB India News Archive

फरवरी में 6 बड़े बदलाव हो रहे हैं। आज से सिगरेट और तम्बाकू प्रोडक्ट्स महंगे हो गए हैं। वहीं अब से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा 1 फरवरी से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹50 तक महंगा हो गया है।

6 बड़े बदलाव जिनका असर हमारी जिंदगी पर पड़ेगा…

1. GST बढ़ा, सिगरेट 40% तक महंगी होंगी

  • 3 सितंबर 2025 को किए गए बदलाव के बाद अब 1 फरवरी से पान मसाला, खैनी और गुटखा जैसे तंबाकू उत्पादों पर 40% GST लगेगा। सेस हटा दिया गया है। अभी तक इन पर 28% GST के साथ ‘कंपनसेशन सेस’ लगता था। इससे कुल टैक्स 50% से ज्यादा हो जाता था।
  • सिगरेट पर उसकी लंबाई के आधार पर नई एक्साइज ड्यूटी भी लागू होगी। ₹2.05 से लेकर ₹8.5 प्रति स्टिक तक ये एक्साइज ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा तंबाकू उत्पादों की तरह सिगरेट पर 40% GST भी लगेगा। हालांकि बीड़ी पर राहत देते हुए जीएसटी को 18% कर दिया गया है।
  • एक्साइज ड्यूटी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में जुड़ती है। जब सिगरेट फैक्ट्री से निकलती है, तो उस पर एक्साइज लग चुका होता है। इसके बाद जब उस पर GST लगाया जाता है, तो वह ‘बढ़ी हुई कीमत’ (जिसमें एक्साइज शामिल है) पर लगता है। इससे ‘टैक्स पर टैक्स’ की स्थिति बनती है और फाइनल MRP बढ़ जाती है।
  • इस बदलाव से रिटेल मार्केट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में 15% से 40% तक का उछाल आ सकता है। सरकार का यह कदम सरकारी खजाने को भरने की एक कोशिश माना जा रहा है। क्योंकि सितंबर में सरकार ने घरेलू खपत बढ़ाने के लिए कई उत्पादों पर GST में कटौती की थी।

2.फास्टैग यूजर्स को KYV वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं

आज से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है।

साथ ही, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

सिर्फ शिकायत मिलने पर ही होगी जांच

अथॉरिटी के अनुसार, KYV की प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, बल्कि इसे ‘जरूरत आधारित’ बना दिया गया है। अब सिर्फ KYV तभी मांगा जाएगा, जब किसी फास्टैग के गलत इस्तेमाल, गलत तरीके से जारी होने या उसके लूज होने की कोई शिकायत मिलेगी। सामान्यतौर पर काम कर रहे फास्टैग के लिए अब किसी तरह के डॉक्युमेंट की दोबारा मांग नहीं की जाएगी।

3. कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 50 रुपए तक बढ़े

आज से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 49 रुपए बढ़कर ₹1740.50 हो गई है। पहले यह ₹1691.50 में मिल रहा था। वहीं चेन्नई में यह अब 50 रुपए महंगा होकर 1899.50 रुपए में मिलेगा।

4. RBI की मीटिंग 4 से 6 फरवरी, 0.25% घट सकती है ब्याज दर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग 4 से 6 फरवरी तक चलेगी। ये वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी मीटिंग होगी। उम्मीद की जा रही है कि इस मीटिंग में RBI ब्याज दर 0.25% घटाकर 5% कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो लोन सस्ते होंगे और आपकी EMI भी घट सकती है।

इससे पहले RBI ने 3 से 5 दिसंबर को हुई अपनी पिछली MPC मीटिंग में रेपो रेट 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया था। इस साल सिर्फ अगस्त और अक्टूबर में हुई मीटिंग में इसमें बदलाव नहीं किया गया।

5.एविएशन फ्यूल के दाम घटने से हवाई टिकट सस्ता हो सकता है

फरवरी में हवाई यात्रा करने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है। तेल कंपनियों ने एविएशन फ्यूल के दाम करीब 1 हजार रुपए घटा दिए हैं। दिल्ली में फ्यूल के दाम ₹92,323.02 से घटकर ₹91,393.39 प्रति किलोलीटर हो गए हैं।

कीमतों में आई इस कमी से एविएशन कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट कम होगी, जिसका सीधा फायदा हवाई टिकटों के दाम कम होने के रूप में यात्रियों को मिल सकता है।

6. संपत्ति बेचने- खरीदने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने 1 फरवरी 2026 से संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया है। अब रजिस्ट्री के वक्त खरीदार, विक्रेता और गवाहों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में मौजूद बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी पहचान, यानी फिंगरप्रिंट या फेस वेरिफिकेशन कराना होगा।

इसका मुख्य उद्देश्य जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े और ‘बेनामी’ संपत्तियों पर लगाम लगाना है। केंद्र की योजना ‘वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन’ के तहत इसे जल्द ही पूरे देश में लागू करने की है।

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