सांसद के सस्पेंड होने पर कौन से अधिकार छिन जाते हैं?

संसद के बजट सत्र में मंगलवार को हंगामा हुआ. इस बीच स्पीकर पर पेपर उछालने वाले 8 सांसदों को निलंबित किया गया है. निलंबित होने वालों में से 7 कांग्रेस सांसद और 1 CPM सांसद हैं. स्पीकर के इस एक्शन के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने संसद के बाहर […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 4 फरवरी 2026, 06:00 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
सांसद के सस्पेंड होने पर कौन से अधिकार छिन जाते हैं?
Photo: UB India News Archive

संसद के बजट सत्र में मंगलवार को हंगामा हुआ. इस बीच स्पीकर पर पेपर उछालने वाले 8 सांसदों को निलंबित किया गया है. निलंबित होने वालों में से 7 कांग्रेस सांसद और 1 CPM सांसद हैं. स्पीकर के इस एक्शन के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने संसद के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया. जिन सांसदों को निलंबित किया गया है उनमें कांग्रेस से मणिकम टैगोर , गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर राजा वड़िंग, हिबी ईडन, किरन रेड्डी, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कोरियाकोस शामिल हैं. इन्हें पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया है.

अब सवाल है कि सांसद के निलंबन की प्रक्रिया क्या है, निलंबन के बाद सांसद के कौन-कौन से अधिकार खत्म हो जाते हैं और इस एक्शन के बाद सांसद सदन में कब वापसी कर पाएंगे.

कब और कैसे निलंबित हो जाता है सांसद?

संसद में एक सामान्य सा सिद्धांत है कि पीठासीन अधिकारी यानी लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति का काम सदन को सुचारू रूप से चलाना है. इसके लिए उन्हें कुछ विशेषाधिकार भी दिए गए हैं. अगर किसी भी रूप में कार्यवाही बाधित होती है तो अध्यक्ष या सभापति सदन के किसी भी सदस्य को बाहर जाने के लिए कह सकते हैं. उन्हें निलंबित कर सकते हैं.

हालांकि इसके भी कुछ नियम हैं. लोकसभा कार्यवाही का नियम 373 कहता है, अगर सदस्य को किसी भी सदस्य का आचरण अव्यवस्थित लगता है तो वह उसे तुरंत सदन से जाने का निर्देश दे सकते हैं. नियम 374 कहता है कि जो सदस्य लगातार अध्यक्ष के निर्देशों की अवहेलना करता है या लगातार जानबूझकर सदन के कामकाज में बाधा डालकर नियमों का दुरुपयोग करता है तो वो एक्शन ले सकते हैं. ऐसे में वो सदस्य को सत्र के शेष हिस्से की अवधि के लिए सदन से निलंबित कर सकते हैं. राज्यसभा के मामले में ऐसा ही प्रावधान नियम पुस्तिका के नियम 255 और 236 में दर्ज है.यहां ध्यान रखने वाली बात है कि निलंबन तब होता है जब सदन द्वारा प्रस्ताव पारित होता है और अध्यक्ष या सभापति उसे हरी झंडी देते हैं.

निलंबित सांसद से कितने अधिकार छिन जाते हैं?

निलंबन के बाद होने के बाद सांसदों के कई अधिकारों में कटौती हो जाती है. जानिए, कौन-कौन से हैं वो अधिकार.निलंबित सांसद सदन में जनहित के मुद्दे नहीं उठा सकता है. वो सरकार को जवाबदेह ठहराने के अधिकारों से वंचित हो जाते हैं. कानून और पॉलिसी पर होने वाली बहस में वो हिस्सा नहीं ले जाते. निलंबन उनकी विपक्ष की भूमिका को कमजोर करने का काम करता है. यानी वो सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बन पाते. इस तरह निलंबन को संघीय ढांचे के लिए खतरा माना जाता है. वो संसदीय समिति की बैठकों में भी हिस्सा नहीं ले पाते. सवाल पूछने का अधिकार खो देते हैं. निलंबन के दौरान संसद (लोकसभा या राज्यसभा) के कक्ष में प्रवेश नहीं कर सकते.

कैसे खत्म होता है निलंबन?

आमतौर पर निलंबन उस दिन के लिए होता है जिस दिन उनका आचरण अध्यक्ष या सभापित को अनुचित लगता है या फिर उस पूरे सत्र के लिए होता है जिस सत्र से जुड़ा मामला होता है. इस तरह सत्र खत्म होने पर सांसद का निलंबन अपने आप खत्म हो जाता है.

वहीं, अगर उसी सत्र में निलंबन को खत्म करना है तो उसके लिए सदन द्वारा प्रस्ताव पारित होता है और अध्यक्ष या सभापति उसे हरी झंडी देते हैं. इस तरह सांसद का निलंबन खत्म हो जाता है और वो सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकता है.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰