बांग्लादेश का चुनावी मेनिफेस्टो है या भारत सरकार का घोषणा पत्र?

बांग्लादेश में चुनावी माहौल गरम है, लेकिन इस बार बहस का केंद्र सिर्फ सत्ता और विपक्ष नहीं, बल्कि मेनिफेस्टो की कॉपी-पेस्ट राजनीति भी बन गई है. बांग्लादेश प्रमुख राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्र पढ़ने के बाद आपको ऐसा एहसास होगा है कि आप बांग्लादेश की पार्टियों का नहीं, बल्कि भारत सरकार का घोषणा पत्र […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 10 फरवरी 2026, 08:31 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
बांग्लादेश का चुनावी मेनिफेस्टो है या भारत सरकार का घोषणा पत्र?
Photo: UB India News Archive
बांग्लादेश में चुनावी माहौल गरम है, लेकिन इस बार बहस का केंद्र सिर्फ सत्ता और विपक्ष नहीं, बल्कि मेनिफेस्टो की कॉपी-पेस्ट राजनीति भी बन गई है. बांग्लादेश प्रमुख राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्र पढ़ने के बाद आपको ऐसा एहसास होगा है कि आप बांग्लादेश की पार्टियों का नहीं, बल्कि भारत सरकार का घोषणा पत्र देख रहे हैं. दरअसल ऐसा इसलिए है क्योंकि ये पूरा नकलची घोषणा पत्र है. बीएनपी से लेकर जमात और दूसरी पार्टियों के घोषणा पत्र में भी ऐसा ही दिखाई दे रहा है.
बांग्लादेश की कई पार्टियों ने अपने मेनिफेस्टो में जिन योजनाओं का वादा किया है, वे भारत में पहले से लागू और चर्चित योजनाओं की हूबहू नकल जैसी लगती हैं. इनमें बच्चों के लिए मिड डे मील जैसी स्कूल पोषण योजना, किसानों के लिए किसान कार्ड के तर्ज पर सब्सिडी और क्रेडिट स्कीम, युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, और महिलाओं के लिए मातृ वंदना जैसी मातृत्व सहायता योजना- ये सभी वादे भारतीय मॉडल से सीधे प्रेरित दिखते हैं.

हमीं से मोहब्बत, हमीं से लड़ाई?

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह संयोग नहीं है.पिछले एक दशक में भारत की सामाजिक कल्याण योजनाओं ने न सिर्फ घरेलू राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि पड़ोसी देशों के नीति-निर्माताओं का भी ध्यान खींचा है. बांग्लादेश की चुनावी राजनीति में इन्हें डिलीवरी मॉडल के रूप में पेश किया गया, जो साफ-साफ दिखाई दे रहा है. बांग्लादेश की पार्टियां इन योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुसार ढाला गया मॉडल बताती हैं, लेकिन नाम, उद्देश्य और संरचना इतनी मिलती-जुलती है कि फर्क करना मुश्किल हो जाता है. अगर आप इन योजनाओं के नाम बदल दें, तो यह घोषणा पत्र नई दिल्ली से जारी किसी चुनावी दस्तावेज जैसा ही लगेगा.

कौन-कौन सी योजनाएं भारतीय स्कीम जैसी?

  1. बांग्लादेश की सबसे मजबूत पार्टी बीएनपी के घोषणा पत्र में परिवार कार्ड की योजना है, जिसमें वो भारतीय स्कीम्स की तरह ही सत्ता में आने पर गरीब और निम्न आय वाले परिवारों को 2500 टका नगद या जरूरी सामान देने का वादा करती है.
  2. इसके अलावा किसान कार्ड के वादे के तहत उन्हें सब्सिडी, आसान लोन, फसल बीमा, उचित मूल्य जैसी सुविधा देगी. इसी तरह मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर फोकस करने वाली भारत सरकार की मातृ वंदना जैसी स्कीम की नकल की गई है.
  3. भारत की कौशल विकास योजना की तरह बीएनपी ने कौशल आधारित फ्री पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा का वादा किया है. इसके साथ ही 1 करोड़ नौकरियां, स्टार्टअप सपोर्ट और मेरिट बेस्ड नौकरियों का वादा किया है.
  4. बच्चों के लिए मिड डे मील जैसी योजना का वादा किया गया है और उनके घोषणा पत्र में बांग्लादेश फर्स्ट की नीति का दावा किया गया है.
  5. वहीं कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने अपने मेनिफेस्टो में कहा है कि वो अपने पड़ोसी देशों से सम्मानजनक रिश्ते रखना चाहता है, जिसमें भारत भी शामिल है.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰