नेपाल चुनाव : Gen-Z को क्या सपना दिखाया जा रहा?

नेपाल में 5 मार्च को होने जा रहे आम चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है. अब चुनाव में सिर्फ 15 दिन बचे हैं. बुधवार, 18 फरवरी को नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने अपना चुनाव घोषणापत्र जारी किया, जबकि सबसे नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी आज […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 20 फरवरी 2026, 05:54 AM 5 मिनट read
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नेपाल चुनाव : Gen-Z को क्या सपना दिखाया जा रहा?
Photo: UB India News Archive

नेपाल में 5 मार्च को होने जा रहे आम चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है. अब चुनाव में सिर्फ 15 दिन बचे हैं. बुधवार, 18 फरवरी को नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने अपना चुनाव घोषणापत्र जारी किया, जबकि सबसे नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी आज यानी गुरुवार को अपना घोषणापत्र जारी करेगी. पूर्व पीएम केपी ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) का घोषणापत्र भी आज ही जारी किया जाएगा. बता दें कि सितंबर 2025 के Gen-Z आंदोलन में केपी ओली के नेतृत्व वाली ही सरकार गिर गई थी.

नेपाली कांग्रेस के घोषणापत्र में क्या है?

नेपाली कांग्रेस के नए चुने गए अध्यक्ष गगन थापा ने मधेश प्रदेश की राजधानी जनकपुरधाम में पार्टी की पहली बड़ी जनसभा में घोषणापत्र जारी किया. इस घोषणापत्र को “कमिटमेंट पेपर” नाम दिया गया है. घोषणापत्र में कहा गया है कि नेपाली कांग्रेस का मुख्य एजेंडा समृद्धि, समावेश और आर्थिक विकास है. इसमें 10 मुख्य वादे शामिल हैं, जैसे सम्मान के साथ जीवन, बड़े सपने, रोजगार सृजन और समृद्धि, अच्छा शासन और आत्मसम्मान.

जहां पारंपरिक दल एनसी और यूएमएल की विदेश नीति उनके पूर्व शासन अनुभव के आधार पर जानी-पहचानी है, वहीं अगली सरकार का नेतृत्व करने की आकांक्षा रखने वाली आरएसपी की विदेश नीति को लेकर खास उत्सुकता थी। पार्टी ने पूर्व काठमांडू महानगरपालिका मेयर बालेन शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। आरएसपी ने अपने घोषणा पत्र में ‘संतुलित और गतिशील कूटनीति’ अपनाने की बात कही है। पार्टी ने नेपाल को ‘बफर स्टेट’ से ‘सक्रिय सेतु’ (वाइब्रेंट ब्रिज) में बदलने का संकल्प जताया है। इसके तहत त्रिपक्षीय आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने की योजना है, विशेष रूप से भारत और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ।

पार्टी ने माना कि नेपाल में भारत और चीन के रणनीतिक हित हैं और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव हो रहा है। ऐसे में नेपाल को सक्रिय और लचीली कूटनीतिक नीति अपनानी चाहिए, ताकि वह बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं के उदय से लाभ उठा सके। आरएसपी ने पिछले दशक में भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, उच्च गुणवत्ता वाली भौतिक परियोजनाओं, अर्थव्यवस्था के औपचारिककरण और औद्योगिक-सेवा क्षेत्र समन्वय में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि नेपाल दक्षिणी पड़ोसी के अनुभव से लाभ ले सकता है। साथ ही, चीन के साथ रियायती वित्तपोषण के जरिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, राज्य-निर्देशित विकास योजना और अंतर-प्रांतीय प्रतिस्पर्धा के मॉडल से सीखने पर भी जोर दिया गया है।

एनसी ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि उसकी विदेश नीति के तहत नेपाल किसी भी रक्षा, सैन्य या सुरक्षा संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा और न ही प्रमुख शक्तियों के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में शामिल होगा। पार्टी ने समानता के आधार पर सभी देशों के साथ मित्रता बनाए रखने के अपने पुराने सिद्धांत को दोहराया। पार्टी ने कहा, ‘हमारे पड़ोसी और मित्र देशों के साथ संबंध समानता और पारस्परिक सम्मान पर आधारित होंगे तथा पारस्परिक लाभ और आर्थिक साझेदारी के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे।’ पार्टी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेगा।

सीपीएन-यूएमएल ने भी अपनी लंबे समय से चली आ रही विदेश नीति ‘सबसे मित्रता, किसी से शत्रुता नहीं’ को दोहराया। पार्टी ने पड़ोसी मित्र देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध और सहयोग को मजबूत करने तथा व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़ाव बढ़ाने का संकल्प जताया। यूएमएल ने कहा कि उसके नेतृत्व में नेपाल किसी भी पड़ोसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखेगा और ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे उनके हितों को नुकसान पहुंचे। आगामी चुनावों में विदेश नीति, क्षेत्रीय संतुलन और पड़ोसी देशों के साथ संबंध प्रमुख मुद्दों में शामिल होते दिख रहे हैं।

आज आएगा बालेन शाह और केपी ओली का घोषणापत्र

इसी तरह राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी गुरुवार को अपना घोषणापत्र “सिटिजन्स कॉन्ट्रैक्ट पेपर” जारी करेगी. इसके नेता रवि लामिछाने हैं. इसमें रोजगार और आर्थिक विकास पर खास जोर दिया गया है. यह घोषणापत्र पश्चिमी नेपाल के कर्णाली प्रदेश में जारी किया जाएगा. इसमें पांच साल में 12 लाख लोगों को रोजगार देने और प्रति व्यक्ति आय को मौजूदा 1450 अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 3000 अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है.

पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बलेंद्र शाह उर्फ “बालेन” ने बुधवार को सुदूरपश्चिम प्रदेश के धनगढी में पार्टी की पहली बड़ी चुनावी रैली “परिवर्तन उद्घोष” को संबोधित किया. चार मिनट के अपने छोटे भाषण में बालेन ने कहा कि वह वोट मांगने नहीं, बल्कि काम मांगने आए हैं.

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