केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया बरी……

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को बहुचर्चित आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई अन्य को आरोप मुक्त कर दिया है। हालांकि अरविंद केजरीवाल को अभी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने अपने फैसले में कहा […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 27 फरवरी 2026, 08:36 AM 7 मिनट read
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केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया बरी……
Photo: UB India News Archive

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को बहुचर्चित आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई अन्य को आरोप मुक्त कर दिया है। हालांकि अरविंद केजरीवाल को अभी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि प्रथम दृश्य कोई भी आपराधिक षड्यंत्र नहीं मिला है। कोर्ट सीबीआई मामले में सुनवाई कर रही थी। उधर, सीबीआई सूत्र के मुताबिक, सीबीआई इस फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट जाएगी।

दिल्ली शराब घोटाला मामले की देखें पूरी टाइमलाइन 

 

  • अक्टूबर 2023: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तत्कालीन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब नीति मामले में पहला समन जारी किया।
  • 2 नवंबर 2023: केजरीवाल ने ईडी के पहले समन को अनदेखा करते हुए मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक राजनीतिक रैली में भाग लिया।
  • दिसंबर 2023: केजरीवाल ने ईडी के दूसरे समन को भी अनदेखा कर दिया और इसे “अवैध और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया।
  • जनवरी 2024: केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साजिश का आरोप लगाते हुए ईडी के तीसरे समन को भी अनदेखा कर दिया।
  • 18 जनवरी 2024: ईडी ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए पेश होने हेतु चौथा समन जारी किया।
  • 2 फरवरी 2024: केजरीवाल ने ईडी के पांचवें और उसके बाद के छठे समन को भी अनदेखा कर दिया, क्योंकि उनकी कानूनी टीम ने समन की वैधता पर सवाल उठाए थे।
  • 16 मार्च, 2024: सत्र न्यायालय ने केजरीवाल को ईडी द्वारा दायर दो शिकायतों पर जमानत दे दी, जिसमें उन पर समन का पालन न करने का आरोप था।
  • 21 मार्च 2024: केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में ईडी के समन को चुनौती दी, जिसने उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने से इनकार कर दिया।
  • 21 मार्च 2024: केजरीवाल ने दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील की।
  • 21 मार्च 2024: ईडी के नौ समन में हाजिर न होने के बाद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।
  • 10 मई 2024: सर्वोच्च न्यायालय ने केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम जमानत दे दी, जिससे उन्हें लोकसभा चुनाव प्रचार करने की अनुमति मिल गई।
  • 1 जून 2024: केजरीवाल ने दिल्ली की एक अदालत में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दी।
  • 2 जून 2024: केजरीवाल ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।
  • 5 जून 2024: दिल्ली की अदालत ने चिकित्सकीय आधार पर केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
  • 20 जून 2024: दिल्ली की अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को नियमित जमानत दे दी।
  • 21 जून 2024: ईडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की, जिसने केजरीवाल की रिहाई पर रोक लगा दी।
  • 26 जून 2024: केजरीवाल को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया।
  • 5 सितंबर, 2024: केजरीवाल की गिरफ्तारी और दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जमानत नामंजूर किए जाने को चुनौती देने वाली उनकी जमानत याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
  • 13 सितंबर, 2024: सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए केजरीवाल को जमानत दे दी।
  • 22 जनवरी, 2026: दिल्ली की अदालत ने उन्हें ईडी के दो मामलों में बरी कर दिया।
  • 27 फरवरी, 2026: दिल्ली की अदालत ने केजरीवाल को क्लीन चिट दे दी।

इससे पहले 12 फरवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और सभी आरोपियों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा था। सुनवाई में सीबीआई ने अदालत में दावा किया कि पहली चार्जशीट और पूरक आरोप पत्र में साजिश के पर्याप्त आधार मौजूद हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों की ओर से आरोपों को निराधार बताया था। सीबीआई का आरोप है कि साउथ लॉबी ने दिल्ली की आबकारी मामला अपने पक्ष में कराने के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी।

अरविंद केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया था कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियां निभा रहे थे और उन्हें किसी भी तरह की रिश्वत मांगने या लेने से जोड़ने वाला कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि केजरीवाल का नाम पहली चार्जशीट और तीन पूरक चार्जशीट में नहीं था, बल्कि चौथी पूरक चार्जशीट में जोड़ा गया, जो पहले की चार्जशीट का दोहराव है। बहस के दौरान अप्रूवर बने राघव मगुंटा के बयान का भी जिक्र हुआ था। बचाव पक्ष ने कहा कि ऐसा कोई सीधा लिंक नहीं है जिससे साबित हो कि केजरीवाल ने किसी से पैसे लेने को कहा था।

आखिर क्या है शराब नीति मामला? 
कोरोना काल के बीच दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली आबकारी नीति 2021-22’ लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई थी। हालांकि, नई शराब नीति को बाद में इसे बनाने और इसके कार्यान्वयन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया।

जांच कैसी शुरू हुई?
सीबीआई ने अगस्त 2022 में इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ नियमों के कथित उल्लंघन और नई शराब नीति में प्रक्रियागत गड़बड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। बाद में सीबीआई द्वारा दर्ज मामले के संबंध में ईडी ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच शुरू कर दी।

सीबीआई की जांच ईडी की जांच से कैसे अलग है? 
ईडी और सीबीआई दिल्ली सरकार की नई शराब नीति में कथित घोटाले की अलग-अलग जांच कर रही हैं। ईडी नीति को बनाने और लागू करने में धन शोधन के आरोपों की जांच कर रही है। वहीं, सीबीआई की जांच नीति बनाते समय हुई कथित अनियमितताओं पर केंद्रित थी।

फैसले के बाद केजरीवाल ने कही यह बात
आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों से भाजपा जिस तरह से शराब घोटाले के बारे में कह रही थी और हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी तो आज कोर्ट ने सभी आरोप खारिज कर दिए और सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। सत्य की जीत हुई। आप को खत्म करने के लिए सभी बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था, यह पूरा फर्जी केस था, केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है। मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आप कट्टर ईमानदार है। अच्छा काम करके सत्ता में आइए और झूठे केस करके हमें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता।”

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