बालेन शाह का नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय……

नेपाल के संसदीय चुनाव में काठमांडू के पू्र्व मेयर और रैपर बालेन्द्र शाह उर्फ बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। गुरुवार देर रात को शुरू हुई मतगणना अभी जारी है और RSP अब तक बड़े अंतर से आगे चल रही है। रुझानों को देखकर कहा जा सकता है कि नेपाल […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 7 मार्च 2026, 06:36 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
बालेन शाह का नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय……
Photo: UB India News Archive

नेपाल के संसदीय चुनाव में काठमांडू के पू्र्व मेयर और रैपर बालेन्द्र शाह उर्फ बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। गुरुवार देर रात को शुरू हुई मतगणना अभी जारी है और RSP अब तक बड़े अंतर से आगे चल रही है। रुझानों को देखकर कहा जा सकता है कि नेपाल की यह नई नवेली पार्टी भारी बहुमत के साथ जीत की ओर बढ़ रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह 8 बजे तक FPTP यानी कि फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट श्रेणी की 165 सीटों में से 135 में मतगणना चल रही है और अगले कुछ घंटों में परिणाम आने की उम्मीद है। बालेन शाह का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।

कैसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर?
बालेन शाह का यह सफर आसान नही रहा है। साल 2022 में रैप की दुनिया से पहचान बनाने वाले स्ट्रक्चरल इंजीनियर बालेन शाह ने उस वक्त सबको चौंका दिया था, जब उन्होंने नेपाल के बड़े राजनीतिक दलों को हराकर काठमांडू के मेयर का पद जीता। उनका चुनाव चिह्न छड़ी था। उन्हें चुनाव में 61,767 वोट मिले। उन्होंने नेपाली कांग्रेस की सिर्जना सिंह को हराया, जिन्हें 38,341 वोट मिले थे। वहीं, सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार और पूर्व मेयर केशव स्थापित को 38,117 वोट मिले।

अब चार साल बाद 35 साल के बालेन शाह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं। उनकी यह सफलता अचानक नहीं मिली है। साल 2013 में वह ‘रॉ बर्ज’ रैप बैटल से मशहूर हुए थे। मेयर बनने से पहले उन्होंने ढाई साल तक जमीन पर काम किया। उन्होंने हिमालयन व्हाइट हाउस कॉलेज से इंजीनियरिंग की और भारत से मास्टर डिग्री ली। उनकी पढ़ाई और तकनीकी समझ ने जनता का भरोसा जीता।

दशकों पुराने ओली के दबदबे को किया खत्म
बालेन की राजनीतिक रणनीति बहुत सोची-समझी रही है। सितंबर के विरोध प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत के बाद केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया था। उस समय युवाओं ने बालेन को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए कहा। बालेन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का समर्थन किया। उन्होंने छह महीने की अस्थायी सरकार के बजाय पांच साल के पूर्ण कार्यकाल को चुना।

18 जनवरी 2026 को बालेन औपचारिक रूप से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) में शामिल हो गए। उन्होंने अगले ही दिन जनकपुर से अपना चुनाव प्रचार शुरू किया। उन्होंने झापा-05 सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया। यह इलाका दिग्गज नेता केपी शर्मा ओली का गढ़ माना जाता है। जानकारों का मानना है कि बालेन की लोकप्रियता ओली के दशकों पुराने दबदबे को खत्म कर दी है।

क्या था चुनाव का एजेंडा?

बालेन सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय हैं। फेसबुक पर उनके 35 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय सीधे जनता से बात करते हैं। हालांकि, वह अपने कड़े बयानों के लिए विवादों में भी रहे। उन्होंने एक बार अमेरिका, भारत और चीन जैसे देशों के साथ-साथ अपनी ही पार्टी की भी आलोचना की थी। उनके समर्थक उन्हें पुराने नेताओं के विकल्प के रूप में देखते हैं।

बालेन का जन्म 1990 में हुआ था। उनके स्वर्गीय पिता राम नारायण शाह एक आयुर्वेदिक डॉक्टर थे। उनका निधन बालेन शाह के मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स में फॉर्मल एंट्री से ठीक पहले हुआ था। राजनीति के साथ-साथ बालेन अभी काठमांडू यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी कर रहे हैं। नेपाल अब एक नए मोड़ पर है, जहां पुराने नेताओं की पकड़ कमजोर होती दिख रही है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰