देश के कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद ! एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955′ लागू

मध्य पूर्व में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से दुनिया भर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर असर बड़ा है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और LPG आपूर्ति में रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिया है […]

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मंगलवार, 10 मार्च 2026, 08:19 AM 10 मिनट read
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देश के कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद ! एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955′ लागू
Photo: UB India News Archive

मध्य पूर्व में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से दुनिया भर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर असर बड़ा है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और LPG आपूर्ति में रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे ज्यादा LPG बनाएं और उसका इस्तेमाल सिर्फ घरेलू LPG के लिए करें। जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए अब 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड शुरू कर दिया गया है।  मंत्रालय ने साफ कहा है कि आयातित LPG से गैर-घरेलू सप्लाई पहले अस्पतालों और स्कूल-कॉलेज जैसे जरूरी जगहों को दी जाएगी।

केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते होने वाली गैस सप्लाई ठप होने के बाद सरकार ने ये कदम उठाया है। गैस किल्लत को देखते हुए दिल्ली मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस रोक की वजह से रेस्टोरेंट्स और होटलों के बंद होने की नौबत आ गई है। छोटे होटल और भोजनालय चलाने वालों ने सरकार से कहा है कि सप्लाई बहाल की जाए।

कई राज्यों में कमर्शियल LPG की सप्लाई ठप

मंत्रालय का आदेश है कि अस्पतालों और स्कूल-कॉलेज के अलावा बाकी गैर-घरेलू क्षेत्रों यानी कि रेस्टोरेंट, होटल, इंडस्ट्री आदि के लिए ED के 3 अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है, जो आए आवेदनों की समीक्षा करेगी। सरकार के इस फैसले का असर अब साफ दिखने लगा है। दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत देश के कई राज्यों में कमर्शियल LPG की सप्लाई ठप हो गई है, जिससे छोटे-बड़े होटल-रेस्टोरेंट पर आफत आ पड़ी है। बताया जा रहा है कि कई जगह सप्लाई रुकने की वजह से होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं और हजारों बंद होने की कगार पर खड़े हैं।

दिल्ली में गैस सप्लाई बंद होने से लोग परेशान

दिल्ली की छोटी गैस एजेंसियों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है। एक गैस एजेंसी मालिक ने बताया, ‘आगे से कमर्शियल गैस नहीं आ रहे हैं इसलिए हम भी सप्लाई नहीं दे पा रहे हैं। पैनिक की स्थिति पैदा हो रही है। कुछ कस्टमर परेशान होकर गैस एजेंसी में आए हुए हैं।’ वहीं,  कस्टमरों की हालत और भी खराब है। एक कस्टमर ने बताया, ’25 दिन पूरे नहीं हुए हैं और मेरा घर का सिलेंडर 15 दिन में ही खत्म हो गया। अब दूसरा सिलेंडर नहीं मिल रहा है। लोग बहुत परेशान हैं।’ एजेंसियों के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिए गए हैं। होटल, ढाबा और अन्य कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई अब बंद हो गई है और घरेलू सिलेंडर भी सिर्फ 25 दिन पूरे होने के बाद ही मिलेगा।

मुंबई में 20 फीसदी होटल गैस की कमी से बंद

होटलों के संगठन ‘आहार’ ने कहा है कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में अब तक 20 फीसदी होटल गैस सप्लाई की वजह से बंद हो चुके हैं। आहार ने कहा, ‘अगर ऐसे ही चलता रहा तो आने वाले 2-3 दिनों में मुंबई के 50 फीसदी तक होटल बंद हो सकते हैं। किस होटल के पास कितनी गैस बची है, उसी पर निर्भर करेगा कि वह कब तक खुला रख पाएगा।’  आहार ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई है। बता दें संगठन लगभग 8000 छोटे रेस्टोरेंट, परमिट रूम और होटलों का प्रतिनिधित्व करता है और महाराष्ट्र में 65 संगठनों से जुड़ा है।

कर्नाटक में भी परेशान हैं रेस्टोरेंट के मालिक

कर्नाटक में कुल लगभग एक लाख रेस्टोरेंट और होटल हैं, और एक मध्यम रेस्टोरेंट को रोज कम से कम 6 कमर्शियल LPG सिलेंडर चाहिए होता है। ज्यादातर जगहों पर एक दिन का एक्स्ट्रा स्टॉक रहता है। सोमवार से तेल कंपनियों ने अचानक कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रोक दी जिसके बाद रेस्टोरेंट मालिक बहुत परेशान हैं। रेस्टोरेंट्स के पास मंगलवार तक स्टॉक है, लेकिन अगर आज भी सप्लाई नहीं हुई तो दिक्कत शुरू हो जाएगी। बेंगलुरु में लकड़ी या कोयला इस्तेमाल करना मना है, इसलिए शहर के करीब 40 हजार रेस्टोरेंट बंद होने का खतरा है। डिस्ट्रीब्यूटरों के पास 4 दिन का स्टॉक बचा है और एक सिलेंडर की कीमत 1950 रुपये है, लेकिन ब्लैक में 3000 रुपये तक बिक रहा है।

जयपुर में भी ठप पड़ी है LPG की सप्लाई

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी LPG की सप्लाई में देरी हो रही है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट मालिक बहुत चिंतित हैं। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि सप्लाई के ठप पड़ने से अब दिक्कत शुरू हो गई है। वहीं, सप्लाई करने वाले डिस्ट्रिब्यूटर्स का कहना है कि आगे से गोदाम में ही नहीं आ रहा, इसलिए वे मांग को पूरा करने में असमर्थ हैं। फेडरेशन ऑफ होटल एसोसिएशन राजस्थान के गजेंद्र लूनीवाल ने इस मुद्दे पर कहा, ‘आज से टेंशन शुरू हो गई है। सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। अगर सिलेंडर नहीं आए तो होटल-रेस्टोरेंट ठप हो जाएंगे, खर्चा कैसे निकलेगा?’

हरियाणा में कालाबाजारी रोकने की तैयारी

हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने कहा है कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार कुछ दिनों के लिए कमर्शियल LPG सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगाई गई है। साथ ही घरेलू सिलेंडर बुकिंग के लिए 21 से 25 दिनों के बीच का अंतर रखने की एडवाइजरी जारी की गई है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके। मंत्री ने बताया कि आज शाम खाद्य आपूर्ति विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने सभी तेल कंपनियों के साथ बैठक बुलाई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को लिखे पत्र में हरियाणा में गैस की कालाबाजारी न हो, इस पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और विभाग के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। सभी डिप्टी कमिश्नरों और डीएफसी को रोजाना गैस सिलेंडरों की रिपोर्टिंग करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कमोडिटी एक्ट लागू होने के बाद 4 कैटेगरी में गैस बंटेगी

  • पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई): इसमें आपके घर की रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों में डलने वाली CNG आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी।
  • दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जाएगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है।
  • तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग): नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी।
  • चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल): शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जाएगी।

क्या है एसेंशियल कमोडिटी एक्ट?

एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 का एक ऐसा कानून है, जो सरकार को यह ताकत देता है कि वह किसी भी जरूरी चीज जैसे- अनाज, दालें, खाने का तेल, दवाइयां या ईंधन की सप्लाई और कीमतों को कंट्रोल कर सके। इसे आसान भाषा में ‘जमाखोरी रोकने वाला कानून’ कह सकते हैं।

ब कभी किसी चीज की कमी होने लगती है या उसकी कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ने लगती हैं, तो सरकार इस कानून को लागू कर देती है। इसके तहत व्यापारियों के लिए स्टॉक की एक लिमिट तय कर दी जाती है कि वे एक सीमा से ज्यादा सामान गोदामों में नहीं भर सकते।

संकट से निपटने सरकार ने 4 जरूरी कदम उठाए

1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी।

2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है।

3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक होगा।

4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं।

5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। इस एक्स्ट्रा उत्पादन का इस्तेमाल घरेलू रसोई गैस के लिए होगा।

सप्लाई संकट की 2 वजह

1. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।

2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका

पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।

कब तक सुधरेंगे हालात?

इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर का कहना है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल मार्केट में ऊर्जा संकट को कम किया जा सके। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए

3 दिन पहले सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी।

वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।

इससे पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर के दामों में 50 रुपए का इजाफा किया था। यानी ये बढ़ोतरी करीब एक साल बाद की गई है। वहीं 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 31 रुपए तक बढ़ाए गए थे।

सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस की किल्लत की आशंका जताई गई है।

 

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