केंद्रीय कर्मचारियों की लॉटरी! 8वें वेतन आयोग के लिए मांगे सुझाव ……………….

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हुई है. सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.उम्मीद की जा रही है कि नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 11 मार्च 2026, 08:58 AM 4 मिनट read
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केंद्रीय कर्मचारियों की लॉटरी!  8वें वेतन आयोग के लिए मांगे सुझाव ……………….
Photo: UB India News Archive

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हुई है. सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.उम्मीद की जा रही है कि नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा. अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को बकाया एरियर (Arrears) भी मिल सकता है.

भारत में वेतन आयोग का सिस्टम काफी पुराना है. 1946 में पहला वेतन आयोग बना था, जिसके बाद अब तक सात आयोग वेतन और पेंशन में बदलाव कर चुके हैं. हर आयोग ने महंगाई, आर्थिक स्थिति और सरकारी कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव किया है.आजादी के समय से लेकर अब तक सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में जमीन-आसमान का अंतर आया है.

यहां जानिए पहले वेतन आयोग से लेकर अब तक सैलरी में कितना बदलाव आया और 8वें आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्श को क्या उम्मीदें रखनी चाहिए…

1 से 7वें वेतन आयोग तक, कितनी बढ़ी मिनिमम और मैक्सिमम सैलरी?

अब तक बने सातों वेतन आयोगों ने समय-समय पर कर्मचारियों की न्यूनतम और अधिकतम बेसिक सैलरी बढ़ाई है. आइए जानते हैं हर वेतन आयोग में यह सैलरी कितनी थी.

1st Pay Commission (1946–47)

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी: 55 रुपये
  • अधिकतम बेसिक सैलरी: 2,000 रुपये
  • Compression Ratio: 1:36.4

2nd Pay Commission (1957–59)

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी: 80 रुपये
  • अधिकतम बेसिक सैलरी: 3,000 रुपये
  • Compression Ratio: 1:37.5

3rd Pay Commission (1972–73)

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी: 196 रुपये
  • अधिकतम बेसिक सैलरी: 3,500 रुपये
  • Compression Ratio: 1:17.9

4th Pay Commission (1986)

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी: 750 रुपये
  • अधिकतम बेसिक सैलरी: 8,000 रुपये
  • Compression Ratio: 1:10.7

5th Pay Commission (1996)

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी: 2,550 रुपये
  • अधिकतम बेसिक सैलरी: 26,000 रुपये
  • Compression Ratio: 1:10.2

6th Pay Commission (2006)

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी: 7,000 रुपये
  • अधिकतम बेसिक सैलरी: 80,000 रुपये
  • Compression Ratio: 1:11.4

7th Pay Commission (2016)

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी: 18,000 रुपये
  • अधिकतम बेसिक सैलरी: 2,50,000 रुपये
  • Compression Ratio: 1:13.9

8वें वेतन आयोग से क्या हैं उम्मीदें?

7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुकी है. ऐसे में अब कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है.अगर आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाती हैं, तो कर्मचारियों को उस तारीख से लेकर लागू होने की वास्तविक तारीख तक का एरियर मिल सकता है.

सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है? (8th pay Commission Salary Hike)

कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0 या उससे ज्यादा रखा जाता है तो लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों को अच्छी-खासी बढ़ोतरी मिल सकती है. लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों को फिटमेंट फैक्टर (2.0 या ज्यादा) की वजह से एरियर के रूप में एकमुश्त लाखों रुपये मिल सकते हैं.

कुछ अनुमानों के अनुसार, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू किया जाता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 46,260 रुपये तक हो सकती है.इससे ज्यादातर कर्मचारियों की सैलरी में करीब 30% से 34% तक बढ़ोतरी हो सकती है.

8वें वेतन आयोग के लिए सरकार ने मांगे सुझाव

वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से 8वें वेतन आयोग के लिए सुझाव मांगे हैं.ये सुझाव सैलरी, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े हो सकते हैं.सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की है, ताकि सुझाव देने की प्रक्रिया पारदर्शी और आसान रहे.सुझाव देने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2026 तय की गई है.अगर आप सैलरी, पेंशन या भत्तों को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो ऑनलाइन माध्यम से 30 अप्रैल 2026 तक अपनी राय दे सकते हैं.

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