ईरान ने इजराइल पर सबसे बड़ा हमला शुरू किया,अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट में यह […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 11 मार्च 2026, 09:43 AM 10 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
ईरान ने इजराइल पर सबसे बड़ा हमला शुरू किया,अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं
Photo: UB India News Archive

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।

ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स को भी निशाना बना सकता है। संभावित टारगेट की सूची में गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, IBM और ओरेकल जैसी कंपनियों के नाम बताए गए हैं।

इजराइल, दुबई और अबू धाबी में मौजूद इन कंपनियों के ऑफिस और डेटा सेंटर भी निशाने पर हो सकते हैं। इस बीच UNSC आज एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने वाली है। इसमें ईरान से कहा गया है कि वो बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन पर हमले बंद करे।

पीएम मोदी बोले- मिडिल ईस्ट के हालात पर चिंतित हूं

पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट पर जारी जंग को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट के हालात को लेकर चिंतित हूं।पीएम ने केरलम में एक सभा को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।

दावा- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मामूली रूप से घायल, सीक्रेट जगह रह रहे

इजराइल मीडिया YNET की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई युद्ध के पहले दिन हुए हमले में मामूली रूप से घायल हो गए थे। यह दावा एक इजराइली अधिकारी ने किया है।

इजराइली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि उनकी चोट ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन इसी वजह से मुजतबा खामेनेई अभी तक सार्वजनिक तौर पर दिखाई नहीं दिए हैं।

इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि हमले के दौरान उनके पैरों में चोट लगी थी, हालांकि चोट कितनी गंभीर है यह साफ नहीं बताया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा कारणों से मोजतबा खामेनेई फिलहाल किसी सुरक्षित और सीक्रेट जगह पर रह रहे हैं।

इजराइली हमलों के बाद लेबनान में 7.8 लाख लोग बेघर

लेबनान में इजराइल के हमले शुरू होने के बाद से करीब 7.80 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। यह जानकारी लेबनान के सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने दी है।

सरकार के मुताबिक इनमें से लगभग 1 लाख 20 हजार लोग सरकारी राहत शिविरों में रह रहे हैं। इसी बीच UN ने मंगलवार को सीमा के पास स्थित अल्मा अश-शाब शहर से अपने कर्मचारियों को हटा लिया।

यह शहर इजराइल बॉर्डर के पास है और यहां ज्यादातर ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना की कई चेतावनियों के बावजूद यहां के कई लोग अपने घर छोड़ना नहीं चाहते थे।

रिपोर्ट- अली खामेनेई बेटे को सुप्रीम लीडर नहीं बनाना चाहते थे

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई नहीं चाहते थे कि उनके बेटे मुजतबा खामेनेई उनके बाद देश के सुप्रीम लीडर बनें। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अपनी वसीयत में भी लिखा था कि मुजतबा को उनका उत्तराधिकारी न बनाया जाए। उनका मानना था कि मुजतबा के पास देश चलाने का ज्यादा राजनीतिक अनुभव नहीं है।

लेकिन 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में अली खामेनेई की मौत के बाद हालात बदल गए। इसके बाद ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मुजतबा खामेनेई का नाम आगे बढ़ाया।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में सुप्रीम लीडर चुनने वाली संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के कुछ लोग मुजतबा के नाम से सहमत नहीं थे। रिवोल्यूशनरी गार्ड के दबाव के कारण आखिरकार मुजतबा को नया सुप्रीम लीडर बना दिया गया।

मुजतबा इससे पहले सरकार में किसी बड़े पद पर नहीं रहे हैं। वे ज्यादातर अपने पिता के दफ्तर का काम देखते थे और सेना के अधिकारियों से उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि उनके सत्ता में आने से ईरान में सेना का असर और बढ़ सकता है।

सुप्रीम लीडर बनने के बाद से अब तक मुजतबा खामेनेई ने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

जेलेंस्की का दावा- ईरान की मदद कर रहा रूस

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस अब ईरान की मदद करने लगा है। उनका कहना है कि रूस ईरान को ड्रोन से जुड़ी मदद दे रहा है।

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस आगे चलकर मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम में भी ईरान की मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो रूस ईरान में अपने सैनिक भी भेज सकता है।

जेलेंस्की ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उत्तर कोरिया ने रूस की मदद के लिए करीब 10 हजार सैनिक भेजे थे, वैसे ही रूस भी ईरान की मदद के लिए सैनिक भेज सकता है।

ईरान के निशाने पर अमेरिका-इजराइल के बैंक

ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंकों और आर्थिक ठिकानों पर हमला कर सकता है। ईरान का कहना है कि उसके एक बैंक पर हमला हुआ है, इसलिए अब वह जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि दुश्मनों के हमले के बाद अब ईरान के पास जवाब देने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंक और आर्थिक सेंटर्स ईरान के निशाने पर आ सकते हैं।

साथ ही ईरान ने लोगों को चेतावनी दी है कि बैंकों के आसपास न जाएं और उनसे कम से कम 1 किलोमीटर दूर रहें, क्योंकि वहां हमला हो सकता है।

लेबनान में इजराइल का हवाई हमला, 7लोगों की मौत

लेबनान के पूर्वी बालबेक जिले में इजराइल के एक हवाई हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 18 घायल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला तमनीन अल-तहता इलाके में एक इमारत पर किया गया। इस इमारत में सीरिया का एक परिवार रहता था, जो हमले की चपेट में आ गया।

ईरान अमेरिकी नौसेना के ठिकानों पर लगातार बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन बरसा रहा है. फारस की खाड़ी में मौजूद यूएस कैरियर ग्रुप्स पर ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं. तेहरान का दावा है कि ‘अमेरिकी बेड़ा कमजोर हो चुका है’. ईरान के इस जवाब हमले के बीच अमेरिका को एक बार फिर वह काला रविवार याद आ रहा है, जब द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 7 दिसंबर 1941 का पर्ल हार्बर पर हमला हुआ था. ठीक उसी तरह जैसे आज ईरान की ‘सप्राइज स्ट्राइक’ ने अमेरिकी नौसेना को झकझोर दिया, 85 साल पहले जापान ने बिना चेतावनी दिए अमेरिका के सबसे बड़े नौसैनिक अड्डे को तबाह कर दिया था. उस हमले ने अमेरिका को द्वितीय विश्वयुद्ध में घसीट लिया. आज फिर वही सवाल… क्या ईरान का हमला पर्ल हार्बर की तरह ‘डे ऑफ इन्फेमी’ यानी बदनामी का दिन बन जाएगा?

7 दिसंबर की वह तबाही

7 दिसंबर 1941 की सुबह भी किसी आम रविवार की तरह अलसाई हुई थी. हवाई द्वीप के पर्ल हार्बर नौसैनिक अड्डे पर शांति पसरी थी. सैकड़ों अमेरिकी सैनिक अभी नींद से उठे ही थे. युद्धपोतों की कतारें ‘बैटलशिप रो’ पर लहरा रही थीं. अचानक आसमान में गड़गड़ाहट हुई. सुबह 7:48 बजे अचानक से आसमान में विमानों की गड़गड़ाहट गूंज उठी. ये सभी जापानी लड़ाकू विमान थे, जो मानो पर्ल हार्बर के ऊपर आसमान पर छा गए थे.
प्रशांत महासागर में मौजूद छह जापानी एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़कर पहुंचे 183 फाइटर जेट ने पर्ल हार्बर पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी है. जापानी टॉरपीडो बमवर्षक, डाइव बमवर्षक और फाइटर जेट ने पहले ही कुछ मिनटों में हेल्दी फील्ड, व्हीलर फील्ड और फोर्ड आइलैंड पर पार्क 188 अमेरिकी फाइटर और बॉम्बर जेट को राख कर दिया.

दुनिया ने पहली बार देखा कामाकाजी विमान

ये कामाकाजी विमान थे, जो अमेरिकी सैनिकों को मारने के बाद खुद मरने के मक्सद से वहां तक आए थे. दुनिया तब पहली इस कामाकाजी शब्द से रूबरू हुई थी. दरअसल जापान से उड़े उन फाइटर जेट्स के पास इतना ईंधन ही नहीं था कि वे वापस सुरक्षित लौट सके. इसलिए उन्होंने आखिर में विमानों को ही हथियार की तरह इस्तेमाल किया और सीधा जाकर अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर से टकरा दिया.
इन एयरक्राफ्ट कैरियर पर विमान एक-दूसरे से चिपके हुए थे, कोई उड़ नहीं सका. महज 90 मिनट में अमेरिकी सेना की कमर टूट गई. लेकिन असली तबाही नौसेना पर हुई. ‘बैटलशिप रो’ पर आठ बड़े युद्धपोत खड़े थे. जापानी टॉरपीडो विमानों ने उन्हें निशाना बनाया. सबसे पहले USS ओक्लाहोमा पर चार टॉरपीडो लगे. इस हमले से विशाल युद्धपोत पलट गया. पानी में फंस गए 429 नाविकों की चीखें आसमान छू रही थीं. कई घंटों तक बचाव अभियान चला, लेकिन 429 जवान वहीं दम तोड़ गए.
Iran US conflict, ईरान-अमेरिका संघर्ष, Iran US War, ईरान अमेरिका युद्ध, Iran attack, ईरान हमला, iran Attack US, अमेरिका पर ईरान का हमला, US Navy, अमेरिकी नौसेना, ballistic missiles, बैलिस्टिक मिसाइलZoom
अमेरिकी इतिहास में यह सबसे बड़ा हमला है.
फिर आया सबसे भयानक क्षण… सुबह 8:10 बजे 1,800 पाउंड का एक बम USS एरिज़ोना के गोला-बारूद भंडार में जा घुसा. पूरा एयरक्राफ्ट कैरियर धमाके से फट गया. आग की लपटें सैकड़ों फीट ऊपर उठीं. 1,177 नाविक और अफसर एक ही पल में शहीद हो गए.
कुल मिलाकर आठ युद्धपोतों में से चार डूब गए, बाकी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. 21 जहाज़ों को नुकसान पहुंचा. अमेरिकी नौसेना बेड़ा क्षणभर में तबाह हो गया. जापान ने कुछ ही वक्त के अंतराल पर लगातार दो बड़े हमले किए. हमले की दूसरी लहर में 170 विमान 8:50 बजे पहुंचे. उन्होंने बचे-खुचे ठिकानों को निशाना बनाया. कुल 2,403 अमेरिकी मारे गए, 1,178 घायल हुए, जिनमें आम नागरिक भी शामिल थे.

जापान ने क्यों किया अमेरिका पर हमला?

जापान एशिया में विस्तार चाहता था, जबकि अमेरिका ने धुरी राष्ट्रों यानी जर्मनी, इटली और जापान को तेल और स्टील की सप्लाई रोक दी थी. जापानी कमांडरों ने सोचा कि अगर पर्ल हार्बर का बेड़ा नष्ट कर दिया जाए तो अमेरिका महीनों तक जवाब नहीं दे पाएगा. लेकिन वे गलत साबित हुए. अमेरिका के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर समुद्र में थे, इसलिए बच गए. पर्ल हार्बर ने अमेरिका को जगा दिया. युद्ध के अंत में जापान को हिरोशिमा-नागासाकी का सामना करना पड़ा.

क्या दोहाराय जाएगा 2026 का इतिहास?

अमेरिकी हमले में ईरानी सुप्रीम लीड आयतुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद जब IRGC कमांडर कह रहे हैं कि ‘हम 6 महीने की जंग के लिए तैयार हैं, नई मिसाइलें अभी इस्तेमाल नहीं हुईं’, और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन-मिसाइल बरस रहे हैं, तो पर्ल हार्बर की याद ताजा हो रही है. फारस की खाड़ी में USS जेराल्ड आर. फोर्ड जैसे कैरियर ग्रुप पर हमले हो रहे हैं. ठीक वैसे ही जैसे 1941 में जापान ने बिना चेतावनी हमला किया, आज ईरान की ‘सप्राइज स्ट्राइक्स’ अमेरिका को चौंका रही हैं.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰