बाजार खुलते ही निवेशकों के ₹5 लाख करोड़ स्वाहा, सेंसेक्स 900 और निफ्टी 264 अंक टूटे……….

पश्चिमी एशिया में गहराते तनाव का सीधा असर निवेशकों की जेब पर पड़ रहा है. गुरुवार की सुबह जैसे ही बाजार का कारोबारी सत्र शुरू हुआ, महज 5 सेकंड के भीतर ही निवेशकों के करीब ₹5 लाख करोड़ पानी में बह गए. बिकवाली की इस तेज आंधी में सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांक ताश […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 12 मार्च 2026, 06:43 AM 3 मिनट read
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बाजार खुलते ही निवेशकों के ₹5 लाख करोड़ स्वाहा, सेंसेक्स 900 और निफ्टी 264 अंक टूटे……….
Photo: UB India News Archive

पश्चिमी एशिया में गहराते तनाव का सीधा असर निवेशकों की जेब पर पड़ रहा है. गुरुवार की सुबह जैसे ही बाजार का कारोबारी सत्र शुरू हुआ, महज 5 सेकंड के भीतर ही निवेशकों के करीब ₹5 लाख करोड़ पानी में बह गए. बिकवाली की इस तेज आंधी में सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांक ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिससे बाजार में चौतरफा हाहाकार मच गया.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,863.71 के मुकाबले सीधे 494.06 अंक गोता लगाकर 76,369.65 पर खुला. चंद मिनटों में ही यह गिरावट और गहरी हो गई. सुबह सवा नौ बजे के करीब सेंसेक्स 915.72 अंक (1.19%) लुढ़ककर 75,947.99 के स्तर पर आ गया.

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी 50 का हाल भी कुछ अलग नहीं था. निफ्टी 192 अंकों की कमजोरी के साथ 23,674.85 पर खुला. शुरुआती दबाव के चलते यह सूचकांक 264.85 अंक (1.11%) टूटकर 23,602.00 पर आ गया. बाजार का हर कोना इस भारी बिकवाली की चपेट में नजर आ रहा है और लगभग हर सेक्टर में लाल निशान हावी है.

दिग्गज कंपनियों के शेयर धड़ाम

रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे मजबूत शेयर में 0.51% की गिरावट देखी गई और यह 1383.95 रुपये पर आ गया. एचडीएफसी बैंक 0.65% टूटकर 828.55 रुपये और भारती एयरटेल 0.58% लुढ़ककर 1795.60 रुपये पर कारोबार करते दिखे. आईटीसी, इन्फोसिस, टीसीएस, और एशियन पेंट्स जैसे एफएमसीजी और आईटी सेक्टर के प्रमुख शेयर भी दबाव में नजर आए.

ऑटो, मेटल और बैंकिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है. मारुति, एसबीआई, कोटक बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में 1.5% से लेकर 1.74% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई. इंडिगो (2.94%) और लार्सन एंड टुब्रो (2.56%) जैसे शेयर तो और भी ज्यादा टूट गए. हालांकि, इस घोर निराशा के बीच टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे चुनिंदा आईटी शेयरों ने मामूली बढ़त के साथ निवेशकों को थोड़ी सांत्वना देने का प्रयास किया है.

विदेशी बाजारों का बढ़ता दबाव

इस भयंकर गिरावट को केवल घरेलू कारणों से जोड़कर नहीं देखा जा सकता. विदेशी मोर्चे पर भी निराशा ही हाथ लगी है. एशियाई बाजारों में भारी कमजोरी हावी है. जापान का निक्केई इंडेक्स 848 से ज्यादा अंक (1.54%) गिरकर 54,177.15 पर आ गया. वहीं, हांगकांग के हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स ने भी एक प्रतिशत से अधिक का गोता लगाया है.

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