राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल ,क्रॉस वोटिंग का सता रहा डर………….

देशभर की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर गर्माहट बढ़ गया है। दूसरी ओर इस चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच ओडिशा में 16 मार्च को होने वाले राजसभा चुनाव से पहले विपक्षी कांग्रेस ने अपने 14 में से 8 विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है। यह कदम […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 13 मार्च 2026, 09:00 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल ,क्रॉस वोटिंग का सता रहा डर………….
Photo: UB India News Archive

देशभर की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर गर्माहट बढ़ गया है। दूसरी ओर इस चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच ओडिशा में 16 मार्च को होने वाले राजसभा चुनाव से पहले विपक्षी कांग्रेस ने अपने 14 में से 8 विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है। यह कदम क्रॉस वोटिंग और भाजपा के प्रभाव से बचाने के लिए उठाया गया है। इन 8 विधायकों में मुख्य व्हिप सीएस राजेन एक्का भी शामिल हैं। इस बात की जानकारी कांग्रेस के नेताओं ने शुक्रवार को दी।

जानकारी के अनुसार कांग्रेस के विधायकों को बंगलूरू के एक रिसॉर्ट में रखा गया है। कांग्रेस विधायकों के नेता रमा चंद्र कदम ने कहा कि हमारे विधायकों को भाजपा के प्रलोभन और दबाव से बचाने के लिए बंगलूरू भेजा गया है। हमारे विधायक एकजुट रहेंगे। इन विधायकों को सोमवार को भुवनेश्वर लौटकर सीधे विधानसभा में वोट डालना है। इससे पहले कांग्रेस ने सभी 14 विधायकों को भुवनेश्वर बुलाया था। बाकी 6 विधायक अभी भुवनेश्वर में बजट सत्र में शामिल हैं।
ओडिशा में राज्यसभा सीटों का गणित समझिए
बता दें कि इस चुनाव में ओडिशा के चार राजसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। बीजेडी के पास एक सीट लगभग तय है, जबकि भाजपा के पास दो सीटें पक्की हैं। चौथी सीट के लिए दोनों पार्टियों के पास आवश्यक वोटों की संख्या पूरी नहीं है। भाजपा के पास 79 विधायक और 3 निर्दलीय समर्थन हैं, यानी कुल 82, जो तीन सांसद चुनने के लिए 8 कम हैं। वहीं बीजेडी के पास 48 विधायक हैं, जिसमें से एक सांसद चुनने के बाद उनके पास 18 वोट बचे, उन्हें दूसरी सीट के लिए 12 और चाहिए और कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं, जबकि सीपीआई(एम) के पास एक विधायक है।
उम्मीदवारी और समर्थन का समीकरण भी समझिए
ध्यान देने वाली बात यह है कि ओडिशा में बीजेडी ने संत्रुप्त मिश्रा और दत्तेश्वर होटा को उम्मीदवार बनाया है। जहां कांग्रेस ने होटा को समर्थन दिया है। वहीं भाजपा ने अपने उम्मीदवार मनोमहन सामल और सुपजीत कुमार को नामित किया है और निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे का समर्थन किया है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस का होटा को समर्थन देना ओडिशा की राजनीति में महत्वपूर्ण कदम है। बीजेडी और कांग्रेस दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भाजपा तीन में से तीन सीटें न जीत पाए।
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰