शेयर बाजार में मचा कोहराम, 1 घंटे में निवेशकों के ₹7.6 लाख करोड़ डूबे

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन ‘ब्लैक थर्सडे’ साबित हुआ। बुधवार की जिस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लाई थी, गुरुवार की सुबह उसने मातम में बदल दिया। ग्लोबल मार्केट से आए खराब संकेतों और पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध की भीषण आग ने दलाल स्ट्रीट को झुलसा कर रख दिया […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 19 मार्च 2026, 09:29 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
शेयर बाजार में मचा कोहराम, 1 घंटे में निवेशकों के ₹7.6 लाख करोड़ डूबे
Photo: UB India News Archive

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन ‘ब्लैक थर्सडे’ साबित हुआ। बुधवार की जिस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लाई थी, गुरुवार की सुबह उसने मातम में बदल दिया। ग्लोबल मार्केट से आए खराब संकेतों और पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध की भीषण आग ने दलाल स्ट्रीट को झुलसा कर रख दिया है। बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर चला कि देखते ही देखते सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए।

गुरुवार,19 मार्च को सुबह जैसे ही बाजार खुला, दोनों प्रमुख इंडेक्स सेंसक्स-निफ्टी क्रैश हो गए. आज गिरावट इतना भयंकर था कि महज एक घंटे के भीतर निवेशकों के 7.6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही 2% से ज्यादा टूट चुके हैं और बाजार में हर तरफ लाल निशान नजर आ रहा है.

1 घंटे में 7.6 लाख करोड़ साफ, सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम

आज सुबह 9:23 बजे के करीब बाजार में ऐसी भगदड़ मची कि सेंसेक्स 1,548.85 अंक गिरकर 75,155.28 पर आ गया, वहीं निफ्टी 458.35 अंक फिसलकर 23,319.45 पर पहुंच गया. इस गिरावट की वजह से BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 438.63 लाख करोड़ रुपये से घटकर 430.99 लाख करोड़ रुपये रह गया. यानी निवेशकों को पलक झपकते ही ₹7.6 ट्रिलियन का फटका लगा.

यहां जानिए आखिर आज बाजार में यह कोहराम क्यों मचा है और आज शेयर बाजार में आई गिरावट की वो 5 बड़ी वजहें क्या हैं…

1. कच्चे तेल में लगी’आग’, $113 पर पहुंचा भाव

बाजार को गिराने में सबसे बड़ा हाथ कच्चे तेल (Crude Oil) का है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग भड़कने से ब्रेंट क्रूड 4% से ज्यादा उछलकर $111.78 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने का मतलब हैमहंगाई बढ़ना और कंपनियों का मुनाफा कम होना. जानकारों का कहना है कि जब तक युद्ध नहीं थमता, तेल की कीमतें डराती रहेंगी.

2. मिडिल ईस्ट युद्ध अब बेकाबू

पिछले 20 दिनों से चल रही यह जंग अब एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच गई है. ईरान ने कतर के रास लफान गैस फैसिलिटी पर मिसाइल हमला किया. यह दुनिया का बड़ा LNG हब है. जवाब में अमेरिका-इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया. इस तनाव ने पूरी दुनिया के सप्लाई चेन और एनर्जी मार्केट में डर पैदा कर दिया है कि कहीं तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप न हो जाए.

3. बैंकिंग और दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली

बाजार की इस गिरावट को लीड कर रहे हैं बैंकिंग स्टॉक्स. अकेले HDFC बैंक ने सेंसेक्स को 373 अंक नीचे खींच लिया, इसके शेयर 3.65% गिरकर ₹812.50 पर आ गए. इसके अलावा ICICI बैंक और एक्सिस बैंक ने मिलकर इंडेक्स को 220 अंक और नीचे धकेला. लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयरों में भी बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है.

4. विदेशी निवेशकों का ‘एग्जिट’ मोड

विदेशी निवेशक (FPIs) भारतीय बाजार से अपना पैसा बहुत तेजी से निकाल रहे हैं. मार्च के शुरुआती 12 दिनों में ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने 77,214 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं. यानी हर दिन औसतन ₹6,400 करोड़ की निकासी हो रही है. इस लगातार बिकवाली ने बाजार और रुपये दोनों पर भारी दबाव बना दिया है.

 5.यूएस फेड और ग्लोबल मार्केट का दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.5-3.75% पर स्थिर रखा है और संकेत दिया है कि फिलहाल रेट कट की कोई उम्मीद नहीं है. इससे एशियाई बाजारों में भी मातम पसर गया. जापान का निक्केई, हांगकांग का हेंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पीसभी 2 से 3% तक टूट चुके हैं.

इन्वेस्टर्स को अब क्या करना चाहिए?

बाजार की यह गिरावट घरेलू वजहों से नहीं, बल्कि ग्लोबल झटकों की वजह से है. अगर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं और युद्ध का तनाव कम होता है, तो बाजार को सहारा मिल सकता है. लेकिन फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए निवेशकों को बहुत संभलकर रहने की जरूरत है.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰