ख्वाजा आसिफ के अरमानों पर जख्म हैं ये तारीखें………………..

तुम दोस्ती करते हो, वो दगा देते हैं…हम भारतीय क्या हैं,चलो उस कायर पाकिस्तान को बता देते हैं…. पाकिस्तान की हालत देखिए… थाली में भोजन नहीं है और गाड़ी में पेट्रोल नहीं है… जो है उसे रोज खाने की और भरवाने की औकात नहीं है, लेकिन पड़ोसी मुल्क सुधरता कहां है. 1947 में एक जिद […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 5 अप्रैल 2026, 07:58 AM 8 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
ख्वाजा आसिफ के अरमानों पर जख्म हैं ये तारीखें………………..
Photo: UB India News Archive

तुम दोस्ती करते हो, वो दगा देते हैं…हम भारतीय क्या हैं,चलो उस कायर पाकिस्तान को बता देते हैं…. पाकिस्तान की हालत देखिए… थाली में भोजन नहीं है और गाड़ी में पेट्रोल नहीं है… जो है उसे रोज खाने की और भरवाने की औकात नहीं है, लेकिन पड़ोसी मुल्क सुधरता कहां है. 1947 में एक जिद से भारत को छलनी करने वाले पाकिस्तान के हुक्मरानों और सेना के दिलो-दिमाग में हमारे देश के प्रति कितनी नफरत है,बताने की जरूरत नहीं है. अब इनके रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने धमकी भरे स्वर में कहा है कि अगर भविष्य में भारत की ओर से कोई दुस्साहस हुआ, तो पाकिस्तान इसका जवाब कोलकाता तक हमला करके देगा. ख्वाजा आसिफ शायद इस गीदड़भभकी देने से पहले भूल गए कि भारत पाकिस्तान आजादी के बाद से कितने घाव उसे दे चुका है. फिर वह चाहे 1965 की जंग हो, 1971 की या 1999 का कारगिल युद्ध… भारत से पाकिस्तान ने हमेशा मुंह की खाई है. अब पाकिस्तान भूल जाता है क्या करें… हम ही उसे उसकी बीती शिकस्तों की लिस्ट बता देते हैं.

पहले जानिए ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा था?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में कोई दुस्साहस हुआ, तो पाकिस्तान इसका जवाब कोलकाता तक हमला करके देगा. अपने गृहनगर सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए आसिफ ने कहा, “अगर भारत इस बार कोई ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ (बनावटी हमला) करने की कोशिश करता है, तो इंशाअल्लाह, हम इसे कोलकाता तक ले जाएंगे.”

ख्वाजा के खोखले दावे
ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि उनके पास ऐसी खबरें हैं कि भारत एक ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ की योजना बना रहा है. उनके मुताबिक, भारत अपने ही लोगों या हिरासत में लिए गए पाकिस्तानियों का इस्तेमाल कर कहीं लाशें बिछाएगा और फिर उन्हें ‘आतंकवादी’ बताकर पाकिस्तान पर आरोप मढ़ेगा. हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया. ख्वाजा आसिफ का यह बयान भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पड़ोसी देश की किसी भी गलती का मुंहतोड़ और अभूतपूर्व जवाब दिया जाएगा.पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक संघर्ष चला था, जिसके बाद से तनाव बना हुआ है.

एक महीने पहले सता रहा था ये डर 

ख्वाजा आसिफ ने ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भी पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को एक डर सता गया था. ख्वाजा आसिफ ने एख महीने पहले कहा था कि अगर इस संघर्ष में इजरायल को बढ़त मिलती है, तो वह अफगानिस्तान, भारत और ईरान को साथ लेकर पाकिस्तान के खिलाफ एक गुट बना सकता है. इससे पाकिस्तान चारों ओर से दुश्मनों से घिर जाएगा और सुरक्षा कमजोर होगी.

ख्वाजा आसिफ ये हार के जख्म हरे कर लो 

पाकिस्तान को भी पता है कि आज के सूरत-ए-हाल में भारत के आगे वह कहीं नहीं टिकता. युद्ध में उसे कैसी हार मिली है बताने की जरूरत नहीं है पर ख्वाजा आसिफ की इस गीदड़भभकी के बाद युद्ध या भारत की ओर से दिए जख्म हरे किए देते हैं–

 1. 1965 की जंग याद है न, नहीं तो लो पहला जख्म 
आज से 60 साल पहले भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया था.  पाकिस्तान ने लगभग 30,000 घुसपैठियों को कश्मीर में विद्रोह भड़काने के लिए भेजा.भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 28 अगस्त 1965 को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हाजी पीर दर्रे पर तिरंगा फहरा दिया था. पाकिस्तान ने जम्मू के अखनूर सेक्टर पर कब्जा करने के लिए भारी टैंकों के साथ हमला किया था. 6 सितंबर को अखनूर पर दबाव कम करने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर लाहौर की ओर बढ़ने का आदेश दिया था. भारतीय सेना इछोगिल नहर तक पहुंच गई थी.पंजाब के खेमकरण सेक्टर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अजेय माने जाने वाले अमेरिकी पैटन टैंकों को मिट्टी में मिला दिया.यहां अब्दुल हमीद ने अपनी वीरता से परमवीर चक्र प्राप्त किया था. संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से 23 सितंबर 1965 को युद्धविराम हुआ. जनवरी 1966 में ताशकंद समझौता हुआ, जिसके तहत दोनों सेनाएं 5 अगस्त 1965 की स्थिति (Status Quo) पर वापस लौट गई थी. अगर UN नहीं होता तो शायद भारत लाहौर पर कब्जा कर लेता.

Latest and Breaking News on NDTV

2.   1971 में कर दिए थे पाकिस्तान के दो टुकड़े
तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के आदेश पर भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान को इससे बड़ा जख्म शायद ही दिया हो. एक तो युद्ध ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए जिसने बांग्लादेश को जन्म दिया तो पाक के 93000 सैनिकों के सरेंडर ने उसकी इंटरनेशनल बेइज्जती करा दी.यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सरेंडर था. भारत ने 1971 की जंग महज 13 दिनों में जीत ली थी. इंदिरा गांधी के दृढ़ नेतृत्व और भारतीय सेना के अदम्य साहस से पाक घुटनों पर आ गया था. 3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने भारत के हवाई अड्डों (अमृतसर, श्रीनगर, आगरा) पर हवाई हमले किए. भारतीय सेना ने तुरंत जवाब देते हुए जल, थल और वायु सेना ने एक साथ मिलकर पाकिस्तान को पछाड़ दिया था. लोंगेवाला की लड़ाई में 120 भारतीय सैनिकों ने रात भर 2000 पाकिस्तानी सैनिकों को रोके रखा। नौसेना ने रूसी मिसाइलों का इस्तेमाल कर कराची बंदरगाह को तबाह कर दिया था. 16 दिसंबर 1971 को, ढाका में पाकिस्तानी जनरल नियाजी ने भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल जे.एस. अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे. इस युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्तान एक स्वतंत्र देश “बांग्लादेश” बन गया.

Latest and Breaking News on NDTV

3. 1999 का कारगिल ने दी थी एक और चोट
पाकिस्तान मानता कहां है. उसने 28 साल बाद फिर हिमाकत की और नतीजन उसे फिर मुहं की खानी पड़ी. भारत ने कारगिल युद्ध में सैनिकों की वीरता और पराकम्र से पाक सैनिकों को घुटनों पर ला दिया था. कारगिल की जीत को भारत विजय दिवस के रूप में मनाता है. मई-जुलाई के बीच में करागिल की लड़ाई में पाकिस्तानी घुसपैठियों के एलओसी में घुसने की नापाक कोशिश ने पड़ोसी मुल्क को हार का स्वाद चखाया था. लगभग 84 दिनों तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस दिखाते हुए चोटी पर बैठे दुश्मनों को खदेड़ा और 26 जुलाई 1999 को निर्णायक जीत हासिल की थी. घुसपैठियों का मुख्य उद्देश्य श्रीनगर-लेह राजमार्ग (NH-1A) को काटकर कश्मीर को लद्दाख से अलग करना था पर यह मंसूबा कामयाब न हो सका और कैप्टन विक्रम बत्रा, राइफलमैन संजय कुमार और ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव जैसे शूरवीरों ने बाकी जवानों संग मिलकर पाकिस्तान को पटखनी दी थी.

Latest and Breaking News on NDTV

4.  दर्द दिया तो भारत ने पूरा इलाका ही धुआं-धुआं कर दिया
इसके बाद भी अगर जख्म हरे न हुए हों तो ख्वाजा आसिफ के लिए उरी हमले का जवाब, पुलवामा का जवाब और हाल में पहलगाम का दर्द देने पर पाकिस्तान के एयर बेस के साथ आतंक के आकाओं के आतंकी ठिकानों तक को नेस्तनाबूद कर दिया गया था. 2016 में उरी हमले का जवाब सेनाओं ने LOC पार कर आतंकियों को सजा दी थी. 2019 के पुलवामे हमले के बाद भारत ने एयर स्ट्राइक कर बालाकोट में बैठे आतंक के आकाओं के अंदर दहशत पैदा कर दी थी. इतना कि पाकिस्तान की तब की इमरान सरकार इससे मानने से कतराती रही पर सच तो वो भी जानती थी.  पिछले साल पहलगाम में 28 निर्दोषों को मारने की सजा ऑपरेशन सिंदूर करके दी थी. इस बार 6-7 मई की दरमियानी रात पाक और पीओके आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए. पाक में मुरीदके, बहावलपुर, और रावलपिंडी में आतंकी प्रशिक्षण शिविरों और कमांड सेंटरों को निशाना बनाया गया,पाकिस्तान के फॉरवर्ड एयर डिफेंस सिस्टम या तो नष्ट हो गए या भारतीय ब्रह्मोस मिसाइलों के डर से बंद कर दिए गए थे.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰