ईरान तुरंत छोड़ दें भारतीय, भारत ने सीजफायर के कुछ ही घंटे बाद जारी की एडवाइजरी , युद्धविराम का किया स्वागत ……….

भारत ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को वहां से जल्द से जल्द निकल जाने को कहा है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद जारी की गई है। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 8 अप्रैल 2026, 08:34 AM 4 मिनट read
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ईरान तुरंत छोड़ दें भारतीय, भारत ने सीजफायर के कुछ ही घंटे बाद जारी की एडवाइजरी , युद्धविराम का किया स्वागत ……….
Photo: UB India News Archive

भारत ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को वहां से जल्द से जल्द निकल जाने को कहा है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद जारी की गई है।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के एलान से कूटनीतिक हल का निकलने का रास्ता नजर आने लगा है। इस युद्धविराम पर भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इस युद्धविराम का स्वागत किया गया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम इस युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी कई बार कहा है, मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति आवश्यक हैं।”

भारत ने कहा, ”इस संघर्ष ने लोगों को भारी पीड़ा पहुंचाई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति एवं व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हम आशा करते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।”

भारतीय नागरिकों को एडवाइजरी- ईरान से तुरंत निकल जाएं

तेहरान में भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक ताजा एडवाइजरी जारी करके वहां अभी भी मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि क्षेत्र में सुरक्षा हालातों की अनिश्चितता को देखते हुए वे जितनी जल्दी हो सके ईरान छोड़ दें। भारतीय दूतावास ने 8 अप्रैल, 2026 को जारी एडवाइजरी में कहा है-

india issued advisory in iran

7 अप्रैल, 2026 की एडवाइजरी के ही क्रम में और हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए, ईरान में अब भी मौजूद भारतीय नागरिकों को बहुत ही गंभीरता से सलाह दी जाती है कि वे दूतावास के साथ तालमेल में और दूतावास के द्वारा सुझाए गए मार्गों का इस्तेमाल करते हुए शीघ्रता से ईरान से निकल जाएं।
भारतीय दूतावास, तेहरान

 

बॉर्डर क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से जाने से बचने की भी एडवाइजरी

भारतीय दूतावास की ओर से अपने नागरिकों को जारी एडवाइजरी में इस बात पर जोर दिया गया है कि किसी भी सूरत में वह खुद से बिना पूर्व मंजूरी के सीमा पर स्वतंत्र रूप से यात्रा करने से बचें।

यह बात फिर से दोहराई जाती है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय जमीनी सीमा तक बिना दूतावास के साथ पूर्व परामर्श और तालमेल के पहुंचने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
भारतीय दूतावास, तेहरान
“भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए इमरजेंसी सुविधाएं
ईरान में भारतीय दूतावास ने इसके लिए इमरजेंसी मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं-
989128109115
+989128109102
+989128109109
+989932179359
ईमेल पर सहायता के लिए संपर्क करें- cons.tehran@mea.gov.in.
पहले भारतीयों को घर के अंदर रहने को कहा था
भारतीय दूतावास ने पहले की एडवाइजरी में ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से 48 घंटे तक घर के अंदर रहने की सलाह दी थी।
यह एडवाइजरी अमेरिका की ओर से ईरान में बड़े हमले की डेडलाइन दिए जाने के बाद दी गई थी।
तब भारतीयों से कहा गया था कि इलेक्ट्रिक और मिलिट्री ठिकानों से दूर रहें।
अगर मल्टी-स्टोरी इमारतों में रह रहे हों तो ऊपर के फ्लोर से दूरी बनाएं।
अगर किसी हाइवे पर जाना हो तो यह निश्चित रूस से दूतावास के साथ तालमेल करके ही जाएं।
अमेरिका-ईरान में सीजफायर के बाद एडवाइजरी क्यों
अमेरिका और ईरान के बीच जो दो हफ्तों की सीजफायर की घोषणा की गई है, उसमें कई सारे विरोधाभास हैं।
सीजफायर की घोषणा में ही अमेरिका और ईरान की ओर से किए गए दावे अलग-अलग हैं।
खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों ओर से अलग जानकारी दी गई है, इससे इस युद्धविराम को लेकर संदेह पैदा हुआ है।
युद्धविराम के बावजूद इजरायल ने कहा है कि वह लेबनान पर हमले बंद नहीं करेगा।
युद्धविराम में जिस तरह से चीन की ओर से मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान को चेहरा बनाने की कोशिश की गई है, उससे कई तरह की आशंकाएं खड़ी हुई हैं।
सीजफायर को अमेरिका अपनी जीत की तरह पेश कर रहा है, वहीं ईरान का दावा है कि उसने एक तरह से अमेरिका को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है।
ईरान ने सीजफायर के बाद भी धमकी दी है कि ‘हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं।'”
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