ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में बातचीत फेल होते ही भारत अलर्ट मोड में आ गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ( Strait of Hormuz ) में फंसे 18 जहाजों को निकालने के लिए भारत ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इन जहाजों पर लदा माल भारत आना है। भारत के इस ऑपरेशन का उद्देश्य एनर्जी सिक्योरिटी को बहाल करना और भारत के बंदरगाहों पर जमा माल साफ करना है।
जंग फिर से शुरू होने की अटकलों के बीच भारत सरकार ने यह ऑपरेशन इसलिए लॉन्च किया, ताकी तेल टैंकर, LPG और LNG से लदे जहाज सुरक्षित रूप से लौट सकें। बता दें कि ईरान बनाम इजरायल और अमेरिका के युद्ध के कारण भारतीय बंदरगाहों पर गंभीर रुकावटें आ रही हैं।
होर्मुज से आ रहे जहाज क्या लेकर आ रहे
- 18 जहाजों में से 4 LPG से लदे हुए हैं
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 3 LNG जहाज हैं
- जलडमरूमध्य में 11 कच्चे तेल के टैंकर हैं
- 5 जहाज भारतीय झंडे के तहत चल रहे हैं
- बाकी को भारतीय कंपनियों ने लीज पर लिया है
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में भारत से जुड़े 15 जहाज हैं
- ओमान की खाड़ी और अदन की खाड़ी में 3-3 जहाज हैं
- इस समय भारत के 2 जहाज लाल सागर में हैं।
LPG जहाज ने पार किया होर्मुज
बंदरगाहों को इन जहाज़ों को बर्थिंग में प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार LPG जहाज’ग्रीन आशा’ ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है और मुंबई स्थित JNPT की ओर बढ़ रहा है।
फंसा है खराब होने वाला माल
भारत के अभियान से बंदरगाहों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जहां करीब 106,890 TEU के कंटेनर और बड़ी मात्रा में खराब होने वाला माल फंसा हुआ है। इस स्थिति के कारण बंदरगाह प्रबंधकों को हालात सामान्य होने तक खाड़ी देशों के लिए शिपमेंट रोकने पर मजबूर होना पड़ा है। बंदरगाह प्रबंधकों ने अनुरोध किया है कि शिपिंग कंपनियों को डॉकिंग शुल्क में राहत दी जाए, ताकि डेमरेज और डॉकिंग शुल्क को कम से कम रखा जा सके।
20,000 भारतीय नाविक भी फंसे
फारस की खाड़ी और उसके आस-पास के इलाकों में न केवल जहाज फंसे हुए हैं, बल्कि 20,000 भारतीय नाविक भी फंसे हैं। इनमें से कम से कम 475 नाविक भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत हैं। अब तक सरकार ने 1,754 नाविकों को वहां से निकाल लिया है और बाकी सभी को भी सुरक्षित रूप से बचाने के प्रयास कर रही है। IMO ने ध्वज-धारक देशों और तटीय देशों से निकासी गलियारों को संस्थागत बनाने तथा प्रभावित शिपिंग मार्गों को साफ करने के लिए संघर्ष-विराम समझौते का उपयोग करने को कहा है।








