नोएडा में फिर शुरू हुआ हंगामा, सेक्टर 64, 80, 121 में पत्थरबाजी, तोड़ी गाड़ियां

वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन में सोमवार को नोएडा में 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई। इस दौरान 100 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, 20 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। झड़पों में 10 पुलिसकर्मियों समेत 30 […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026, 05:43 AM 7 मिनट read
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नोएडा में फिर शुरू हुआ हंगामा, सेक्टर 64, 80, 121 में पत्थरबाजी, तोड़ी गाड़ियां
Photo: UB India News Archive

वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन में सोमवार को नोएडा में 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई। इस दौरान 100 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, 20 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। झड़पों में 10 पुलिसकर्मियों समेत 30 से अधिक लोग चोटिल हो गए। नोयडा के सेक्टर 121 में क्लियो कॉउंटी के बाहर लोगो ने किया हंगमा. यूपी पुलिस लोगों को डिटेन कर रही है  यूपी पुलिस मौके पर मौजूद गाड़िया तोड़ी गयी.

दिन में उभरे श्रमिकों के असंतोष के बाद सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी। नए आदेश एक अप्रैल 2026 से लागू होंगे। अलग-अलग श्रेणियों में अधिकतम करीब 3000 तक का इजाफा हुआ है। यह तात्कालिक फैसला है। आगे व्यापक समीक्षा के साथ वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नोएडा के एक औद्योगिक संस्थान में काम करने वालीं श्रमिक किरन ने बताया कि उन्हें हर महीने 12,000 रुपये सैलरी मिलती है. इतनी महंगाई में इतने से रुपये में कैसे काम चलेगा. हमें 12,000 रुपये नहीं, कम से कम 20,000 रुपये सैलरी चाहिए. इतनी कम आय में परिवार का पालन-पोषण करना बहुत मुश्किल हो गया है. कंपनी को हमारी समस्याओं को समझना चाहिए.

नोएडा आंत्रप्रिन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया, हिंसक प्रदर्शन में 300 से अधिक कंपनियों को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश सरकार ने उच्चस्तरीय समिति का गठन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चार दिन से जारी श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया। सुबह फेज-2 में मदरसंस कंपनी के बाहर नाराज श्रमिकों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़-फोड़ की। कई अन्य वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद पूरे शहर में प्रदर्शन हिंसक हो गया।

अंदर से पत्थर फेंके गए
महिला श्रमिक योगेंद्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे दबाव बनाकर काम कराया जाता है. हंगामे के दौरान अंदर से पत्थर फेंके गए थे, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई. हमने केवल अपने बचाव में प्रतिक्रिया दी. हमें न्याय और सुरक्षित काम करने वाला वातावरण चाहिए. श्रमिक राहुल ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिला अधिकारी द्वारा नोटिस लगाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन फैक्ट्री गेट पर ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला. हमारी मांगों को लेकर नोटिस लगाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वह कहीं भी दिखाई नहीं दिया. हम चाहते हैं कि हमारी समस्याओं का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाए.
पुलिस ने साफ किया है कि आज किसी नए प्रदर्शन या ट्रैफ‍िक चक्का जाम का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. राज्य सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए साजिश की आशंका जताई है. योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों को भी सुरक्षा का भरोसा दिया है. वहीं प्रशांत कुमार (DGP) ने उपद्रवियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही है. इस मामले पर अपडेट और बाकी डिटेल क्‍या है, आइये जानते हैं..

नोएडा फेस-2 इलाके में विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ी

नोएडा फेस-2 इलाके में विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ा. फेस-2 के नया गांव के पास कुछ लोग दोबारा एकत्रित होते दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने तुरंत पहुंचकर वहां से हटाया. हालांकि, प्रदर्शनकारी रुक-रुक कर सड़कों पर आकर विरोध जारी रख रहे हैं. स्थिति को देखते हुए नया गांव इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.

सेक्टर 64 में सैलरी को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन

नोएडा के सेक्टर 64 में सैलरी को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए थे. सूचना मिलते ही यूपी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. कई श्रमिकों का कहना था कि उन्हें यह जानकारी ही नहीं थी कि उनकी सैलरी में बढ़ोतरी की गई है. इसके बाद मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों को सैलरी से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से दी और संवाद के जरिए स्थिति को शांत कराने की कोशिश की.

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने जारी किया बयान

गौतम बुद्ध नगर जिले में औद्योगिक श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है. औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का एक पैनल गठित किया गया है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अराजक एवं गुंडा तत्वों ने ऐसे प्रदर्शनों की आड़ में प्रदेश की शांति और कानून-व्यवस्था को बार-बार बाधित करने की साजिश रची है. प्रथम दृष्टया यह नकारा नहीं जा सकता कि मजदूरों को अफवाहों के जरिए भड़काने में उनकी संदिग्ध भूमिका रही है. सरकार द्वारा गठित समिति श्रमिक संगठनों, उद्योग समूहों और सभी हितधारकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रही है. सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा और समुचित विचार-विमर्श के बाद जल्द से जल्द इस समस्या का उपयुक्त समाधान निकाला जाएगा. इस पहचान और वातावरण को चुनौती देने वाले किसी भी असामाजिक तत्व के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि सात पीढ़ियां अपराध का नाम सुनकर कांप उठेंगी. मैं सभी पक्षों से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूं.

कहां-कहां हुई हिंसा
प्रशासन के अनुसार, सेक्टर-60, 62, 63 और औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. साथ ही सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अफवाह को तुरंत रोका जा सके. कल प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा असर सेक्टर-63 क्षेत्र में देखने को मिला, जहां आईटी कंपनियों और फैक्ट्रियों पर हमला किया गया. कार शोरूम समेत कई परिसरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई. सेक्टर-63 थाने पर भी पथराव हुआ, जिसमें SHO अमित काकरान बीच-बचाव के दौरान गिर गए. कई पुलिस वाहन भी उपद्रवियों के निशाने पर रहे.
पुलिस के मुताबिक, शहर के 83 स्थानों पर करीब 42 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया. अब तक करीब 300 लोगों को प्रिवेंटिव अरेस्ट कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. CCTV फुटेज और वीडियो के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान जारी है. मजदूरों का यह प्रदर्शन सैलरी बढ़ोतरी, तय कार्य घंटे और ओवरटाइम भुगतान जैसी मांगों को लेकर हुआ था. इस मामले में राज्य सरकार ने भी संज्ञान लेते हुए बातचीत शुरू कर दी है और समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.
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