IMEC को लेकर चर्चा शुरू जो होर्मुज का विकल्प बन सकता…………….

ईरान ने इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का ऐलान किया है।हालांकि, इस सीजफायर से शांति आएगी या नहीं और होर्मुज स्ट्रेट कब तक खुला रहेगा, इस पर सवाल उठ रहे हैं। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत समेत ऐसे देशों को ज्यादा परेशानी हो रही है, […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 18 अप्रैल 2026, 07:51 AM 5 मिनट read
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IMEC को लेकर चर्चा शुरू जो होर्मुज का विकल्प बन सकता…………….
Photo: UB India News Archive

ईरान ने इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का ऐलान किया है।हालांकि, इस सीजफायर से शांति आएगी या नहीं और होर्मुज स्ट्रेट कब तक खुला रहेगा, इस पर सवाल उठ रहे हैं। मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत समेत ऐसे देशों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जो तेल और गैस के लिए सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे खाड़ी देशों पर निर्भर हैं। वह भी उस समय जब अमेरिका-ईरान के बीच छिड़े संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से तेल-गैस के जहाजों की आवाजाही रुक-रुककर हो पा रही है। दुनिया की 20 फीसदी ऑयल सप्लाई की लाइफलाइन कही जाने वाली होर्मुज की खाड़ी का तोड़ अब भारत ने निकाल लिया है। एक ‘गलियारा’ सबकी टेंशन दूर कर सकता है।

IMEC: कहां से कहां तक है यह कॉरिडोर

  • प्रस्तावित इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) के बारे में लॉन्च होने के वक्त कहा गया था कि यह भारत को मिडिल ईस्ट से होते हुए यूरोप से जोड़ेगा। यह मौजूदा समुद्री रास्तों जैसे स्वेज नहर या केप ऑफ गुड होप का विकल्प बन सकेगा।
  • यह परियोजना सऊदी अरब और इजरायल के बीच राजनयिक संबंधों की संभावित शुरुआत पर निर्भर थी। इससे मिस्र के कंट्रोल वाले स्वेज नहर को बायपास करने के लिए रास्ता मिल जाता। मगर, IMEC के ऐलान के कुछ ही हफ्तों के भीतर 7 अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया, जिससे क्षेत्र में दो साल तक चलने वाला संघर्ष शुरू हो गया। इसके बाद से ही यह परियोजना खटाई में पड़ गई।

प्रस्तावित गलियारे को लेकर अमेरिका का बढ़ा इंटरेस्ट

  • अमेरिका ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को होर्मुज के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल को लेकर चर्चा शुरू की है।
  • पश्चिम एशिया में चल रही उथल-पुथल के बीच इस कॉरिडोर का बुनियादी ढांचा तकरीबन निष्क्रिय रहा है। मगर, हाल ही में भारत और यूएई के प्रयासों से इसे तेजी से पूरा किए जाने के कयास लग रहे हैं। इस कॉरिडोर को लेकर बातचीत होने लगी है। अमेरिका भले ही इस कॉरिडोर से दूर है, मगर यह मूल समझौते के वक्त सदस्य था।
  • हाल ही में इस कॉरिडोर की चर्चा तब हुई, जब अमेरिका के उप सहायक विदेश मंत्री डेन जॉन्सटन ने IMEC और वॉशिंगटन के इरादों के बारे में एक थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के एलिसन माइनर से बात की। होर्मुज को ईरान की ओर से बंद किए जाने के बाद से जॉन्सटन ने IMEC जैसे वैकल्पिक रूटों की जरूरत बताई।

    अमेरिका के एक टॉप के मंत्री ने कही ये बात

    • जॉन्सटन ने कहा-जब हम IMEC के बारे में बात करते हैं तो इसे शुरुआती प्रशासन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘इतिहास में सबसे बड़े ट्रेड रूट्स में से एक’ बताया था।
    • जॉन्सटन ने कहा-IMEC की आर्थिक क्षमता बेजोड़ है। यह हमारे राजनीतिक और सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने का भी एक तरीका है।
    • मेरा मानना है कि अब एक से ज्यादा ट्रेड रूट़स होने चाहिए, क्योंकि हमने देखा है कि किसी एक प्वॉइंट के फेल होने से जोखिम बढ़ जाता है। अब पहले से कहीं अधिक हमने कारोबारी रास्तों और माल की आवाजाही के रास्ते तलाशे हैं।
  • अब भारत और UAE ने उठाया बीड़ा

    • भारत और यूएई ने द्विपक्षीय कारोबार को 2032 तक दोगुना करके 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। दोनों देशों की सरकारों ने निर्यात और आयात को बढ़ावा देने के लिए कई निर्णय लिए हैं।
    • यूएई की लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता कंपनी डीपी वर्ल्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा के दौरान 2024 में दुबई में भारत मार्ट का शुभारंभ किया। दोनों सरकारों ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आपस में जोड़ने का भी प्रयास किया है।
    • हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी यूएई के दौरे पर गए थे, जिनमें दोनों देश रक्षा, एनर्जी समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हुए थे।
    • मोदी के दौरे के वक्त मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया क्षेत्र में MSME उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भारत मार्ट, ‘वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर’ और ‘भारत-अफ्रीका सेतु’ जैसी प्रमुख पहल शुरू की गई। जनवरी, 2026 में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में भी इस कॉरिडोर को बढ़ाए जाने का संकेत दिया गया था।

    IMEC को कब किया गया था लॉन्च

    2023 में नई दिल्ली में G-20 देशों के लीडर्स के सम्मेलन के दौरान IMEC गलियारे का भव्य तरीके से उद्घाटन किया गया था। मौलिक सहमति के साझापत्र (MOU) पर उस वक्त सात देशों और एक ब्लॉक ने भारत, यूएई, अमेरिका, सऊदी अरब, फ्रांस, इटली, जर्मनी और यूरोपीय यूनियन ने दस्तखत किए थे।

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