सड़क पर क्यों उतरी उत्तर प्रदेश सरकार?

भारतीय राजनीति में कब-क्या हो जाए, इसका अंदाजा किसी को नहीं होता है. वैसे तो आमतौर पर विपक्ष सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरती है. लेकिन यूपी में इसके ठीक उलट देखने को मिला है. मंगलवार को बीजेपी और सहयोगी दलों के नेतृत्व में जनआक्रोश पदयात्रा निकाली गई है. यह पदयात्रा महिला आरक्षण बिल का […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 21 अप्रैल 2026, 07:42 AM 4 मिनट read
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सड़क पर क्यों उतरी उत्तर प्रदेश सरकार?
Photo: UB India News Archive
भारतीय राजनीति में कब-क्या हो जाए, इसका अंदाजा किसी को नहीं होता है. वैसे तो आमतौर पर विपक्ष सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरती है. लेकिन यूपी में इसके ठीक उलट देखने को मिला है. मंगलवार को बीजेपी और सहयोगी दलों के नेतृत्व में जनआक्रोश पदयात्रा निकाली गई है. यह पदयात्रा महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाली पार्टियों के खिलाफ निकाली गई है, यानी कि विपक्ष के खिलाफ. मंगलवार को जब यह पदयात्रा शुरू हुई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे आगे नजर आए.
नकाब वालों के चक्कर में बिल का किया विरोध- पंकज चौधरी
सिर पर गमछा बांधे हुए सीएम योगी चल रहे थे. वहीं उनके बगल में दोनों डिप्टी सीएम यानी कि ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी नजर आए. इनके अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शामिल हुए. यह पदयात्रा सीएम आवास से लेकर विधानसभा तक हुई. पदयात्रा खत्म होने के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और सीएम योगी ने संबोधित किया. इस दौरान पंकज चौधरी ने कहा कि नकाब वालों के चक्कर में, 20 फीसदी के चक्कर में सपा और कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया.
सीएम योगी बोले- सपा और कांग्रेस का चेहरा अलोकतांत्रिक
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का चेहरा अलोकतांत्रिक है. इनका कृत्य महिला विरोधी है. इसलिए आज देशभर में आधी आबादी महिला विरोधी आचरण के खिलाफ विरोध कर रहा है. सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा है कि देश में चार जातियां हैं, महिला, गरीब, युवा और किसान है. उनकी सारी नीतियां इन्हीं चार जातियों के लिए हैं.

‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’

राजधानी लखनऊ में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ का आयोजन किया गया, जिसकी अगुवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब दो किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में लगभग 15 हजार महिलाएं शामिल हुईं। मुख्यमंत्री के साथ दोनों डिप्टी सीएम, कैबिनेट मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी पैदल चले। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं का उत्साह देखने लायक रहा।

इस आक्रोश को बूथ स्तर पर एक कैंपेन के तौर पर बढ़ाना होगा- सीएम योगी
सभी योजनाएं प्रधानमंत्री मोदी जी ने आधी आबादी को ,गरीब को नौजवान को और अन्नदाता किसानों को केंद्र में रख के बनाई है. लेकिन हर एक स्कीम का विरोध कांग्रेस ,,समाजवादी पार्टी ,इंडी गठबंधन करते हैं. इस आक्रोश मार्च का हिस्सा बनने पर आपको धन्यवाद देता हूं. इस आक्रोश को हर जिले,हर बूथ स्तर पर एक कैंपेन के रूप में आगे बढ़ना होगा. किसी को इस गर्मी में कोई समस्या न हो इसके बारे में इंतजाम किए जाएं.

‘आधी आबादी का अधिकार’ बनाकर पेश होगा महिला आरक्षण

सरकार और संगठन ने तय किया है कि महिला आरक्षण को ‘आधी आबादी का अधिकार’ के रूप में जनता के बीच स्थापित किया जाएगा। इसके तहत ब्लॉक, मंडल और जिला स्तर तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी। महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों को जोड़कर इस अभियान को जनांदोलन का रूप देने की योजना है, ताकि गांव से शहर तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

विपक्ष पर सीधा प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिन दलों ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध या टालमटोल किया, वे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को रैलियों, जनसभाओं और घर-घर संपर्क अभियान के जरिए जनता के बीच ले जाया जाएगा।

नकाब वालों के चक्कर में बिल का किया विरोध- पंकज चौधरी
सिर पर गमछा बांधे हुए सीएम योगी चल रहे थे. वहीं उनके बगल में दोनों डिप्टी सीएम यानी कि ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी नजर आए. इनके अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शामिल हुए. यह पदयात्रा सीएम आवास से लेकर विधानसभा तक हुई. पदयात्रा खत्म होने के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और सीएम योगी ने संबोधित किया. इस दौरान पंकज चौधरी ने कहा कि नकाब वालों के चक्कर में, 20 फीसदी के चक्कर में सपा और कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया.
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