कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपने बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर दिए गए उनके कई तीखे और विवादित बयान अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गए हैं। कभी पीएम मोदी को ‘जहरीला सांप’ और ‘आतंकवादी’ बताने से लेकर बीजेपी को ‘आतंकवादी पार्टी’ कहने तक, खरगे के बयान लगातार राजनीतिक तापमान बढ़ाते रहे हैं। आइए जानते हैं उनके ऐसे ही 5 बयान, जिन्होंने सबसे ज्यादा विवाद खड़ा किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपनी एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवादों के केंद्र में हैं। दरअसल एक रैली में उन्होंने पहले पीएम मोदी की तुलना आतंकवादी से कर दी। हालांकि बाद में सफाई देते हुए पना बचाव किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी माहौल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को और भी तीखा कर दिया है।
बढ़ते विवाद को देखते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने तुरंत अपने बयान पर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि मैंने यह कभी नहीं कहा कि प्रधानमंत्री एक आतंकवादी हैं। मेरे कहने का मतलब यह था कि वह लोगों और राजनीतिक दलों को डराने-धमकाने का काम करते हैं। खरगे ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा धमकियां देते हैं और उनके आचरण से राजनीतिक गलियारों में डर पैदा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाना था, न कि उन पर कोई व्यक्तिगत हमला करना।
अपनी सफाई के दौरान खरगे ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईडी, आयकर विभाग और सीबीआई जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं पूरी तरह से प्रधानमंत्री के हाथों में हैं और इनका इस्तेमाल विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है। खरगे ने यह भी चिंता जताई कि प्रधानमंत्री परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं को भी अपने नियंत्रण में लेना चाहते हैं।
मोदी को गाली देना कांग्रेस की साजिश- संबित पात्रा
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए इसे कांग्रेस की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी कहना कोई जुबान फिसलना नहीं, बल्कि राहुल गांधी के इशारे पर की गई टिप्पणी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हर दिन प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं और अब खरगे ने भी उसी रास्ते पर चलते हुए देश के प्रधानमंत्री का अपमान किया है, जो बेहद निंदनीय है।
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह वही पार्टी है जो ओसामा बिन लादेन को जी कहकर संबोधित करती है और जाकिर नाइक जैसे लोगों को शांति का दूत बताती है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब भी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को गाली दी है, भारत की जनता ने सजा दी है। पात्रा ने साथ ही यह भी कहा कि इस बार भी देश की जनता कांग्रेस के इन अपमानजनक बयानों का करारा जवाब देगी और उन्हें उनकी असली जगह दिखाएगी।
जब खरगे ने बीजेपी का कहा था ‘आतंकवादियों की पार्टी’
अक्टूबर 2024 में कर्नाटक के कलबुर्गी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अर्बन नक्सल’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी को ‘आतंकवादियों की पार्टी’ बता दिया था। इससे देश में भयंकर सियासी विवाद तेज हो गया था। खरगे का यह बयान उस समय आया था जब दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चरम पर थे, और उनके इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अप्रैल 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक विवादित बयान देते हुए उनकी तुलना “जहरीले सांप” से की थी। खरगे ने कहा था, ‘पीएम मोदी जहरीले सांप की तरह हैं। आप सोचेंगे कि यह जहर है या नहीं? अगर आप इसे चखेंगे तो मर जाएंगे।’ बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा पीएम को व्यक्तिगत रूप से सांप कहने का नहीं था, बल्कि बीजेपी की विचारधारा को लेकर था, लेकिन इस बयान से राजनीतिक घमासान मच गया था।
नवंबर 2022 में गुजरात चुनाव के दौरान खरगे ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि क्या मोदी के पास ‘रावण की तरह 100 सिर’ हैं जो हर चुनाव में हर जगह नजर आते हैं। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने संकेत दिया था कि प्रधानमंत्री हर छोटे-बड़े चुनाव (नगर निगम से लेकर संसद तक) में प्रचार कर रहे हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव के समय उन्होंने एक विवादित बयान में कहा था कि अगर कांग्रेस को 40 से ज्यादा सीटें मिलती हैं, तो क्या मोदी विजय चौक पर फांसी लगाएंगे? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए एक सभा में पूछा था, ‘मोदी जी जहां भी जाते हैं, कहते हैं कि कांग्रेस को 40 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी। अगर कांग्रेस को 40 से ज्यादा सीटें मिल गईं, तो क्या मोदी दिल्ली के विजय चौक पर फांसी लगा लेंगे?








