दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बंगाल में सुरक्षा कड़ी, 2,321 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात
भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण (29 अप्रैल) के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए 2,321 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है. प्रत्येक कंपनी में कम से कम 72 सशस्त्र जवान होंगे. अधिकारियों के अनुसार, यह तैनाती संवेदनशीलता के आकलन और पिछले चुनावी अनुभवों के आधार पर की गई है, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके. दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी. केंद्रीय बलों में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी और असम राइफल्स शामिल हैं, जो गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हैं. जिलावार तैनाती पर नजर डालें तो दक्षिण 24 परगना में सबसे अधिक 409 कंपनियां तैनात होंगी. कोलकाता पुलिस क्षेत्र में 273, पूर्व बर्धमान में 260 और हुगली (ग्रामीण) में 234 कंपनियां तैनात की जाएंगी. इसके अलावा बारासात, बोंगांव, बशीरहाट, बैरकपुर, हावड़ा और नदिया समेत कई इलाकों में भी बड़ी संख्या में बल तैनात रहेगा. आयोग ने साफ किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी. वहीं, मतदान खत्म होने के बाद भी करीब 500 कंपनियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य में तैनात रहेंगी.
जहां टैगोर की चित्र होनी चाहिए थी वहां ‘ममता दीदी’की लगा दी गई- योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यही वह धरती है जिसने देश को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों दिए हैं, और आज मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ. यह क्षेत्र गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के ‘ठाकुर बारी’ (पैतृक घर) का स्थान भी है. गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़ा यह परिसर अत्यंत महत्वपूर्ण विरासत स्थल है. यह कितना दुखद है कि जिस स्थान पर रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिमा या चित्र प्रदर्शित होना चाहिए था, जहां ‘भारत माता’ की छवि होनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर लिया और ‘ममता दीदी’ का चित्र लगा दिया. यह भारतीयता की भावना का अपमान है, बंगाल की गरिमा और पहचान पर धब्बा है”
मतदान केंद्रों पर ईवीएम पहुंचाई गईं, 5.73 करोड़ मतदाता 4,023 उम्मीदवारों का भाग्य तय करेंगे
23 अप्रैल को होने वाले महत्वपूर्ण तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरे 4,023 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे. इस बहुप्रतीक्षित चुनावी मुकाबले में द्रविड़ की दोनों प्रमुख पार्टियां – एसपीए का नेतृत्व कर रही डीएमके और एनडीए का नेतृत्व कर रही एआईएडीएमके – आमने-सामने हैं. डीएमके सत्ता बरकरार रखने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है, जबकि एआईएडीएमके पांच साल विपक्ष में रहने के बाद सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है.








