हम सब एक ही कश्ती के मुसाफिर…

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने हाल ही में मुस्लिम समुदाय के 14 प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. नई पीएमओ बिल्डिंग में हुई इस अहम बैठक में 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में उद्योगपति, शिक्षाविद्, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार शामिल थे. करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में डोभाल ने शिष्टमंडल में शामिल सभी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 25 अप्रैल 2026, 05:11 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
हम सब एक ही कश्ती के मुसाफिर…
Photo: UB India News Archive

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने हाल ही में मुस्लिम समुदाय के 14 प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. नई पीएमओ बिल्डिंग में हुई इस अहम बैठक में 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में उद्योगपति, शिक्षाविद्, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार शामिल थे.

करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में डोभाल ने शिष्टमंडल में शामिल सभी लोगों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और फिर अपने विचार साझा किए. बैठक का नेतृत्व कर रहे उद्योगपति और शिक्षाविद जफर सरेशवाला ने इंडिया टुडे डिजिटल से बात करते हुए कहा कि सरकार ने हमें आमंत्रित किया यह एक सकारात्मक संकेत है.

उन्होंने बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि डोभाल ने साफ कहा, ‘भारत एक कश्ती है, हम सभी या तो साथ यात्रा करेंगे या साथ डूबेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि डोभाल ने देश में धर्मों की एकता के महत्व पर जोर दिया.

जफर सरेशवाला ने कहा, ‘बैठक में, हमने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता पर जोर दिया. हमने कहा कि न तो मुसलमानों के साथ भेदभाव होना चाहिए और न ही उन्हें कोई विशेष सुविधा मिलनी चाहिए. यह तो बस एक खास चीज की शुरुआत है. हम भविष्य में भी इसे जारी रखेंगे.’

सरेशवाला के अलावा, डोभाल से मिलने वाले प्रमुख लोगों में केपी ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष फारुक पटेल, जर्मन स्टील के सीएमडी इनामुलहक इराकी, जर्मन स्टील के कार्यकारी निदेशक इबरारुलहक इराकी, निटोन वाल्व के सीईओ जुनेद शरीफ, जीएलएस स्विचगियर के निदेशक जफर लारी, दाऊदी बोहरा नेता जमात अल्ताफ सादिकोट, अंजुमन-ए-इस्लाम के अध्यक्ष जहीर काजी, समुदाय के नेता हाजी रायमा और हज कमेटी इंडिया के अध्यक्ष कौसर जहां शामिल थे. इसके अलावा पर्यावरण कार्यकर्ता सहर भामला, एम्स डॉक्टर निशात हुसैन, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की कुलपति नईमा खातून और पत्रकार समीना शेख भी समूह का हिस्सा थे.

बैठक को सभी ने बताया सकारात्मक

बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षा, रोजगार और समान अवसर जैसे मुद्दों को उठाया. सरेशवाला ने कहा कि उन्होंने सरकार से ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ की मांग की- न तो किसी के साथ भेदभाव हो और न ही विशेष सुविधा दी जाए. इसे एक संतुलित और समावेशी दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है.

अन्य प्रतिभागियों ने भी इस पहल को सकारात्मक बताया. अंजुमन-ए-इस्लाम के अध्यक्ष जाहिर काजी ने कहा कि इस तरह के संवाद से गलतफहमियां दूर होती हैं और समाज में भरोसा बढ़ता है. वहीं पत्रकार समीना शेख ने सोशल मीडिया पर बढ़ते विवादों और समुदाय को लेकर उठने वाली चिंताओं को सामने रखा, जिस पर डोभाल ने समाधान सुझाए.

वरिष्ठ पत्रकार शीला भट्ट ने इस पहल को ‘धुरंधर कदम’ बताया और कहा कि यह मुलाकात वोट-बैंक राजनीति से आगे बढ़कर संवाद और विश्वास की नई शुरुआत है. उन्होंने लिखा, ‘सभी मुस्लिम नेताओं का चयन सोच-समझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से किया गया था. ये भारतीय तथाकथित ‘वोट बैंक की राजनीति’ का हिस्सा बनने से इनकार कर रहे हैं, जहां किसी का वोट केवल एक पार्टी को हराने या दूसरी पार्टी को चुनने का एक साधन बन जाता है.’

स्वतंत्र पत्रकार समीना शेख ने डोभाल से मुलाकात के बाद X के बारे में अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा, ‘चूंकि मैं एक स्वतंत्र पत्रकार हूं और मीडिया जगत का हिस्सा होने के साथ-साथ एक मुस्लिम लड़की भी हूं, इसलिए यह बताना महत्वपूर्ण था कि समुदाय हमारी शिक्षा और महत्वाकांक्षाओं के लिए किस प्रकार हमारा समर्थन करता है.’

शेख ने कहा, ‘जब सोशल मीडिया पर मुद्दे बेकाबू हो जाते हैं और मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है, तो यह हमें चिंतित करता है और हम सोचते हैं कि इसे कैसे नियंत्रित किया जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि डोभाल ने ‘न केवल हमारी बात को बारीकी से सुना, बल्कि हमारी चिंताओं का समाधान भी प्रदान किया.’

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक सरकार और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में और बड़े सामाजिक समन्वय का आधार बन सकता है.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰