कमाई का मौका या मंदी का डर? इस हफ्ते बाजार की चाल तय करेंगे 9 बड़े फैक्टर

इस हफ्ते निफ्टी में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. जिसकी बड़ी वजह IT स्टॉक्स में गिरावट थी. वहीं ऑटो और कंज्यूमर स्टॉक्स में भी काफी बिकवाली देखने को मिली. सोमवार को जब घरेलू बाज़ार फिर से खुलेंगे, तो इस पूरे हफ्ते होने वाले कई अहम इवेंट्स का असर बाजार के मूड पर पड़ने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 26 अप्रैल 2026, 08:32 AM 7 मिनट read
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कमाई का मौका या मंदी का डर? इस हफ्ते बाजार की चाल तय करेंगे 9 बड़े फैक्टर
Photo: UB India News Archive

इस हफ्ते निफ्टी में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. जिसकी बड़ी वजह IT स्टॉक्स में गिरावट थी. वहीं ऑटो और कंज्यूमर स्टॉक्स में भी काफी बिकवाली देखने को मिली. सोमवार को जब घरेलू बाज़ार फिर से खुलेंगे, तो इस पूरे हफ्ते होने वाले कई अहम इवेंट्स का असर बाजार के मूड पर पड़ने की संभावना है. शुक्रवार को, 50 स्टॉक्स वाला यह इंडेक्स 275 पॉइंट्स, यानी 1.14 फीसदी गिरकर 23,898 पर बंद हुआ.

अब कुल मिलाकर ट्रेंड कमजोर नजार आ रहा है, और निफ्टी 23,500 की ओर बढ़ सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि 24,200 का लेवल एक बड़ी रुकावट बना हुआ है, और इस लेवल से ऊपर जाने पर बाजार का मूड स्थिर होने में मदद मिल सकती है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वो कौन से कारण हैं, जिनकी वजह से शेयर बाजार अगले प्रभावित हो सकता है.

इन कारणों से प्रभावित हो सकता है शेयर बाजार

फेड रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग

ग्लोबल बाजार US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर बारीकी से नजर रखेंगे, जो मंगलवार, 28 अप्रैल से शुरू हो रही है. इसके नतीजे बुधवार, 29 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे. उम्मीद है कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को 3.50-3.75 फीसदी पर ही बनाए रखेगा.

चौथी तिमाही के नतीजे

BSE पर लिस्टेड 200 से ज़्यादा कंपनियां इस हफ़्ते अपने चौथी तिमाही के नतीजे घोषित करने वाली हैं. निफ़्टी के जिन अहम स्टॉक्स पर खास नज़र रहेगी, उनमें कोल इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट एंड एसईजेड, बजाज फिनसर्व, एचयूएल, और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं. निफ्टी से बाहर के जिन स्टॉक्स पर सबकी नज़र रहेगी, उनमें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बजाज हाउसिंग बैंक, बंधन बैंक, आरईसी, जीआरएसई, अडानी पॉवर, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज, वेदांता, वारी एनर्जी, एसीसी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एवेन्यू सुपरमार्ट के नतीजे आने वाले हैं.

ईरान-इजरायल विवाद

ईरान और US के बीच सीज़फायर (युद्धविराम) को लेकर चल रही बातचीत अब एक तरह से रुक सी गई है. वीकेंड में होने वाली बातचीत नहीं हो पाई, क्योंकि ईरान ने संकेत दिया कि उसके अधिकारी अमेरिका के साथ उस संघर्ष को खत्म करने पर बातचीत करने की योजना नहीं बना रहे हैं, जिसने पहले ही हजारों लोगों की जान ले ली है और ग्लोबल बाजारों में उथल-पुथल मचा दी है. यह युद्ध, जो 27 फरवरी को ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाते हुए अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ था, इसकी तीव्रता में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. हालांकि दुश्मनी कुछ कम हुई है, फिर भी दोनों पक्ष किसी समाधान से अभी भी काफी दूर हैं. इस्लामाबाद में हुई बातचीत का पहला दौर भी कोई प्रगति नहीं कर पाया. इन वार्ताओं की दिशा वैश्विक बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक होने की संभावना है.

अमेरिकी शेयर बाजार

लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच, भारतीय शेयर बाजार भी वॉल स्ट्रीट से संकेत लेंगे. शुक्रवार को अमेरिकी बेंचमार्क सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, क्योंकि निवेशक फेड के फैसले से पहले सतर्क बने रहे. डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 127.88 अंक, या 0.16% गिरकर 49,230.71 पर बंद हुआ. S&P 500 0.80% (56.68 अंक) बढ़कर 7,165.08 पर पहुँच गया, जबकि टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट 398.09 अंक, या 1.63 फीसदी बढ़कर 24,836.60 पर बंद हुआ.

कच्चे तेल की कीमतें

ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव घरेलू बाज़ारों के लिए एक प्रमुख कारक बना रहेगा. शुक्रवार को अमेरिकी WTI क्रूड वायदा 94.88 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जिसमें 0.97 डॉलर या 1.01 फीसदी की गिरावट आई, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.77 फीसदी या 0.81 डॉलर बढ़कर 105.33 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ.

FII/DII की गतिविधियां

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) इस सप्ताह के दौरान बड़े पैमाने पर बिकवाली करते रहे, और शुक्रवार को समाप्त हुए पांच सत्रों में उन्होंने 17,140 करोड़ रुपए के घरेलू शेयर बेच दिए. अप्रैल में कुल आउटफ्लो अब बढ़कर 43,967 करोड़ रुपए हो गया है, जिससे 2026 के लिए अब तक का कुल आउटफ्लो 1,75,089 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. शुक्रवार को, FIIs ने 8,827.87 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) 4,700.71 करोड़ रुपए के शुद्ध खरीदार रहे.

तकनीकी संकेत

चार्ट्स का विश्लेषण करते हुए, Religare Broking के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च, अजीत मिश्रा ने कहा कि इंडेक्स अपने अहम सपोर्ट लेवल 23,900 (20-DEMA) से नीचे फिसल गया है, जो यह संकेत देता है कि शॉर्ट-टर्म रुझान अब नीचे की ओर हो गया है. तत्काल सपोर्ट 23,500 के आसपास देखा जा रहा है. ऊपर की ओर, 24,200-24,500 का जोन एक मजबूत रेजिस्टेंस बैंड (बाधा क्षेत्र) के तौर पर काम कर सकता है. मिश्रा ने आगे कहा कि इन लेवल्स की ओर कोई भी उछाल बिकवाली के दबाव का सामना कर सकता है, जब तक कि इसे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और बेहतर वैश्विक संकेतों का सपोर्ट न मिले.

रुपया बनाम डॉलर

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की चाल पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी. पिछले हफ़्ते, भारतीय रुपया सभी पांचों ट्रेडिंग सत्रों में कमज़ोर हुआ, और सितंबर 2022 के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की. यह गिरावट अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम की कमज़ोरी और ऊर्जा आपूर्ति में संभावित रुकावटों को लेकर चिंताओं के कारण हुई, जिससे तेल की कीमतों में फिर से तेज़ी आ गई. शुक्रवार को रुपया 94.2475 पर बंद हुआ, जो इस हफ़्ते 1.4 फीसदी की गिरावट दर्शाता है. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए नियामक कदमों और मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की संभावना को लेकर आशावाद ने कुछ समय के लिए मुद्रा को सहारा दिया था. हालांकि, यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई, क्योंकि शांति वार्ता को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच तेल की कीमतों ने फिर से ऊपर की ओर बढ़ना शुरू कर दिया.

वॉचलिस्ट पर स्टॉक्स

मेटल की बड़ी कंपनी वेदांता पर सबकी नजर रहने की संभावना है, क्योंकि इसके डीमर्जर की एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट क्रमशः 30 अप्रैल और 1 मई को पड़ रही हैं. इस बीच, वेदांता की सब्सिडियरी कंपनी हिंदुस्तान जिंक (HZL) ने अपने 11 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड के लिए शेयरहोल्डर्स की पात्रता तय करने के लिए 30 अप्रैल को रिकॉर्ड डेट तय की है.

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