क्यों ओपनएआई से 12 लाख करोड़ का हर्जाना मांग रहे मस्क…………

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जिसकी पहुंच आज घर-घर तक हो चुकी है, उसके भविष्य से जुड़ा एक अहम फैसला जल्द ही अब अमेरिका की एक अदालत में होने वाला है। दरअसल, टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के संस्थापक और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने कुछ समय पहले ही एआई मॉडल चैटजीपीटी को बनाने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026, 08:30 AM 12 मिनट read
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क्यों ओपनएआई से 12 लाख करोड़ का हर्जाना मांग रहे मस्क…………
Photo: UB India News Archive
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जिसकी पहुंच आज घर-घर तक हो चुकी है, उसके भविष्य से जुड़ा एक अहम फैसला जल्द ही अब अमेरिका की एक अदालत में होने वाला है। दरअसल, टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के संस्थापक और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने कुछ समय पहले ही एआई मॉडल चैटजीपीटी को बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी एआई कंपनियों में शुमार ओपनएआई और इसके अधिकारियों के खिलाफ अदालत में एक कानूनी मुकदमा दायर किया था। इसमें मस्क ने आरोप लगाया था कि एआई को दुनियाभर में पहुंचाने का वादा करने वाली इस कंपनी के अधिकारियों ने न सिर्फ मस्क को अंधेरे में रखा, बल्कि ओपनएआई के असल गैर-लाभकारी मिशन रहने के मकसद के साथ भी दगाबाजी की और इसे लाभ के लिए चलाना शुरू कर दिया।

कहा जा रहा है कि इस मामले के कोर्ट पहुंचने का समय भी अपने आप में काफी दिलचस्प है, क्योंकि ओपनएआई ने अपना जबरदस्त आईपीओ शेयर बाजार में लाने की तैयारी कर ली थी। ऐसे में अगर एलन मस्क इस केस को जीत लेते हैं तो ओपनएआई, इसके संस्थापक ऑल्टमैन और प्रमुख ग्रेग ब्रॉकमैन को अपने पद तक गंवाने पड़ सकते हैं। इतना ही नहीं ओपनएआई का आने वाला आईपीओ भी दांव पर लग सकता है। मस्क ने इस मामले में ओपनएआई से 134 अरब डॉलर (करीब 12 लाख करोड़ रुपये) का हर्जाना मांगा है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर यह पूरा मामला क्या है? एलन मस्क के आरोप क्या हैं? ओपनएआई और ऑल्टमैन के इस पर क्या जवाब हैं? इस हाई-प्रोफाइल मामले में किस-किस एआई के जानकार को गवाह के तौर पर पेश होने के लिए बुलाया जा सकता है? मामले में क्या चीजें दांव पर हैं? आइये जानते हैं…

क्या है अदालत पहुंचा एलन मस्क vs सैम ऑल्टमैन का केस

एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच विवाद के कई गहरे वैचारिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत कारण हैं। हालांकि, इसके केंद्र में है- ‘ओपनएआई’। एक कंपनी जिसकी स्थापना एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन दोनों के साथ मिलकर करने की बातें सामने आती हैं। मस्क के आरोप हैं कि न सिर्फ इस कंपनी की स्थापना के वक्त इसके सिद्धांतों को तोड़ा गया है, बल्कि इसके लक्ष्य भी बदले गए।

मस्क का आरोप- मूल मिशन से भटका ओपनएआई
मस्क का दावा है कि उनकी तरफ से दिए गए शुरुआती 3.8 से 4.4 करोड़ डॉलर के फंड और उनके नाम का इस्तेमाल करके ऑल्टमैन ने एक लंबी अवधि की साजिश रची और उनकी पीठ पीछे कंपनी को एक लाभकारी ‘वेल्थ मशीन’ में बदल दिया।

‘मूल गैर-लाभकारी मिशन से विश्वासघात’ 
एलन मस्क का मुख्य आरोप है कि ऑल्टमैन और ग्रेग ब्रॉकमैन ने मानवता के लाभ के लिए सुरक्षित और ओपन-सोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विकसित करने के ओपनएआई के मूल गैर-लाभकारी (नॉन-प्रॉफिट) मिशन के साथ धोखाधड़ी की है। उनका कहना है कि ओपनएआई अब एक लाभकारी (फॉर-प्रॉफिट) व्यवसाय में तब्दील हो गई है, जो सार्वजनिक भलाई के बजाय निजी लाभ के लिए काम कर रही है।

‘धोखाधड़ी और गुमराह किया गया’ 
मस्क ने ऑल्टमैन पर एक लंबी साजिश रचने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ऑल्टमैन और ब्रॉकमैन ने कंपनी के ढांचे और उसके दीर्घकालिक इरादों के बारे में उन्हें जानबूझकर धोखे में रखा और गुमराह किया। हालांकि, मस्क ने अपने मुकदमे से यह आरोप बाद में हटा लिए।

‘नाम और पैसे का निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल’
मस्क के मुताबिक, उन्होंने 2015 से 2017 के बीच ओपनएआई को लगभग 3.8 करोड़ से 4.4 करोड़ डॉलर का शुरुआती फंड दिया था और कई बेहतरीन तकनीकी विशेषज्ञों को काम पर रखा था। उनका आरोप है कि इन अधिकारियों ने उनके नाम और पैसे का इस्तेमाल खुद के लिए एक वेल्थ मशीन (धन कमाने का साधन) बनाने के लिए किया। मस्क का दावा है कि कंपनी ने उनके द्वारा दिए गए शुरुआती योगदान से अनुचित और गलत तरीके से मुनाफा कमाया है। उन्होंने इसे शेक्सपियर के नाटकों के स्तर का विश्वासघात करार दिया है।

माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलीभगत का भी आरोप 
मस्क ने ओपनएआई की माइक्रोसॉफ्ट के साथ की गई साझेदारी पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट को इस मामले में सह-प्रतिवादी बनाया है और उस पर आरोप लगाया है कि उसने ओपनएआई को उसके चैरिटेबल ट्रस्ट का उल्लंघन करने में मदद की है।

मस्क के आरोपों पर क्या हैं ओपनएआई के क्या है जवाब?
एलन मस्क के आरोपों का ओपनएआई और सैम ऑल्टमैन ने कड़ा विरोध किया है और इन दावों को पूरी तरह से नकार दिया है। उन्होंने मस्क के मुकदमे को निराधार, दिखावटी और उत्पीड़न अभियान करार दिया है।

‘मस्क खुद चाहते थे पूर्ण नियंत्रण और लाभकारी ढांचा’ 
ओपनएआई का दावा है कि मस्क खुद कंपनी को एक लाभकारी ढांचे में बदलने की चर्चाओं में शामिल थे। कंपनी के मुताबिक, मस्क ओपनएआई पर पूर्ण नियंत्रण पाना चाहते थे और सीईओ के पद की मांग कर रहे थे। जब ग्रेग ब्रॉकमैन और इल्या सुतस्कीवर जैसे अन्य सह-संस्थापकों ने उनके इन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया, तो मस्क 2018 में कंपनी से अलग हो गए।

‘मुकदमे के पीछे मस्क की जलन’

 ओपनएआई के वकीलों का तर्क है कि मस्क का यह कदम जलन और कंपनी छोड़ने के पछतावे से प्रेरित है। कंपनी का मानना है कि मस्क जानबूझकर ओपनएआई के विकास को बाधित करना चाहते हैं, ताकि उनकी खुद की नई और प्रतिद्वंद्वी एआई कंपनी- एक्सएआई (xAI) को फायदा मिल सके।

‘मस्क का पैसा दान था, निवेश नहीं’
ओपनएआई का कहना है कि मस्क की तरफ से दिए गए 3.8 करोड़ डॉलर के शुरुआती फंड एक गैर-लाभकारी संस्था को दिया गया दान था और उसका इस्तेमाल कंपनी के मिशन के तहत ही किया गया था। कंपनी के मुताबिक, मस्क अब जानबूझकर अपने दान को एक निवेश साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे इसके एवज में मुआवजा या मालिकाना हक मांग सकें। मस्क के आरोपों के उलट कंपनी का कहना है कि वे अपने रास्ते से नहीं भटके हैं। कंपनी आज भी मानवता को लाभ पहुंचाने वाले आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) के निर्माण के अपने मूल मिशन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

इन कानूनी और व्यावसायिक विवादों के इतर, सैम ऑल्टमैन ने व्यक्तिगत स्तर पर भी मस्क को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। फरवरी 2023 के एक ईमेल में ऑल्टमैन ने मस्क को अपना हीरो बताते हुए कहा था कि उनका मानना है कि ओपनएआई उनके बिना संभव नहीं था। हालांकि, उन्होंने मस्क से यह भी कहा था कि जब वे सार्वजनिक रूप से ओपनएआई पर हमला करते हैं, तो इससे उन्हें बहुत दुख पहुंचता है।

कैसे निजी और राजनीतिक जंग में बदल गई मस्क-ऑल्टमैन का विवाद?

दोनों अरबपतियों के बीच गहरा व्यक्तिगत मतभेद भी है। सैम ऑल्टमैन 25 करोड़ डॉलर के सुपरयॉट, महंगी हवेलियों और हाइपरकार जैसी बेहद शानदार जीवनशैली जीते हैं, जबकि 14 बच्चों के पिता मस्क अपनी सादगी और भौतिकवादी चीजों से दूर रहने वाली जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। मस्क कई मौकों पर यह संकेत दे चुके हैं कि वे उन लोगों को नापसंद करते हैं जो केवल सेल्समैन या मैनेजर होते हैं और खुद तकनीकी निर्माण में हाथ नहीं बंटाते। ऑल्टमैन को भी कई लोग तकनीकी विशेषज्ञ से ज्यादा एक अच्छे सेल्समैन के रूप में देखते हैं।

धीरे-धीरे मस्क और ऑल्टमैन के बीच यह जंग राजनीतिक रूप भी ले चुकी है। एआई विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ समय पहले ही जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओपनएआई के साथ 500 अरब डॉलर के स्टारगेट एआई डाटा सेंटर सौदे की घोषणा की, तो मस्क ने खुद को दरकिनार महसूस किया। इसके तुरंत बाद मस्क ने सोशल मीडिया पर ऑल्टमैन को सरेआम धोखेबाज और झूठा करार दिया।

इस मुकदमे में कौन-कौन दे सकता है गवाही?

एलन मस्क (वादी): xAI, टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ इस मुकदमे में अपना पक्ष रखेंगे कि कैसे ऑल्टमैन और ब्रॉकमैन ने ओपनएआई के मूल गैर-लाभकारी मकसद को छोड़कर खुद को आर्थिक फायदा पहुंचाया।

सैम ऑल्टमैन (मुख्य प्रतिवादी): ओपनएआई के सीईओ अपने ऊपर लगे धोखाधड़ी और साजिश के आरोपों का बचाव करेंगे और कंपनी के फैसलों को लेकर अपना पक्ष रखेंगे।

ग्रेग ब्रॉकमैन (प्रतिवादी): ओपनएआई के अध्यक्ष और सह-संस्थापक, जिन्हें मस्क नेतृत्व के पद से हटाना चाहते हैं, वे भी स्टैंड पर गवाही देंगे।

सत्या नडेला: माइक्रोसॉफ्ट ने 2019 में ओपनएआई के लाभकारी ढांचे में बदलाव के बाद इसमें एक अरब डॉलर का निवेश किया था, इसलिए माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ नडेला से वित्तीय-रणनीतिक रिश्तों की जानकारी ली जा सकती है।

इल्या सुतस्कीवर: ओपनएआई के सह-संस्थापक और पूर्व मुख्य वैज्ञानिक। 2023 में ऑल्टमैन को सीईओ पद से कुछ समय के लिए हटाने में उनकी अहम भूमिका थी। उनकी गवाही से कंपनी के आंतरिक विवादों पर से पर्दा उठ सकता है।

शिवोन जिलिस: ओपनएआई की पूर्व बोर्ड सदस्य और न्यूरालिंक की कार्यकारी, जो मस्क के कुछ बच्चों की मां भी हैं एक प्रमुख गवाह होंगी। ओपनएआई का तर्क है कि जिलिस ने ओपनएआई की अंदरूनी जानकारी मस्क तक पहुंचाई।

जैरेड बिर्चाल: मस्क की संपत्ति के प्रबंधक और उनके बेहद करीबी सहयोगी। बिर्चाल की गवाही मस्क के वित्तीय मकसद और ओपनएआई की स्थापना के शुरुआती वर्षों में पर्दे के पीछे हुई सौदेबाजी को सामने ला सकती है।

इनके अलावा, ओपनएआई के कुछ और मौजूदा और पूर्व उच्चाधिकारी और मस्क के करीबी लोग भी इस मामले में गवाही दे सकते हैं।

इस केस में एलन मस्क, सैम ऑल्टमैन और ओपनएआई के लिए क्या दांव पर?

इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे में एलन मस्क, सैम ऑल्टमैन और ओपनएआई तीनों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है, जिसका असर पूरे एआई उद्योग के भविष्य पर पड़ सकता है।

1. ओपनएआई और सैम ऑल्टमैन के लिए क्या दांव पर?

नेतृत्व और नियंत्रण छिनने का खतरा: एलन मस्क की प्रमुख मांग है कि सैम ऑल्टमैन (सीईओ) और ग्रेग ब्रॉकमैन (अध्यक्ष) को कंपनी के नेतृत्व और बोर्ड के पदों से हटा दिया जाए। अगर ऐसा होता है, तो ऑल्टमैन अपनी ही बनाई हुई कंपनी से बाहर हो सकते हैं।

मेगा आईपीओ पर संकट: ओपनएआई इस समय एक संभावित ब्लॉकबस्टर आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे कंपनी की वैल्यू एक ट्रिलियन डॉलर तक हो सकती है। इस मुकदमे के कारण नेतृत्व पर संदेह पैदा होने से यह आईपीओ खटाई में पड़ सकता है।

वित्तीय और ढांचागत झटका: मस्क 130 अरब डॉलर से लेकर 150 अरब डॉलर तक के हर्जाने की मांग कर रहे हैं, जो सीधे ओपनएआई की गैर-लाभकारी शाखा या चैरिटी को दिया जाना है। इसके साथ ही, वे कंपनी को उसके पुराने गैर-लाभकारी ढांचे में वापस लौटने के लिए मजबूर करना चाहते हैं।

प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान: मुकदमे के दौरान कंपनी के अंदरूनी ईमेल, व्यक्तिगत डायरियों (जैसे ब्रॉकमैन की) और निजी संवादों के खुलासे हो रहे हैं। इससे ऑल्टमैन की एक छवि को नुकसान पहुंच सकता है और एआई तकनीक के प्रति जनता में निराशा या डर बढ़ सकता है।

2. एलन मस्क के लिए दांव पर

xAI को फायदा और बाजार में दबदबा: मस्क ने 2023 में अपनी खुद की एआई कंपनी एक्सएआई शुरू की थी, जो अभी ओपनएआई से काफी पीछे है। अगर मस्क यह केस जीतते हैं और ओपनएआई का विकास बाधित होता है या ऑल्टमैन को हटाया जाता है, तो इससे मस्क की एक्सएआई के लिए आगे बढ़ने का रास्ता आसान हो जाएगा।

व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और स्पेसएक्स का आईपीओ: मस्क की खुद की छवि के लिए भी यह मुकदमा जोखिम भरा है। हाल ही में एक अन्य जूरी ने उन्हें ट्विटर (अब एक्स) के 44 अरब डॉलर के अधिग्रहण के दौरान निवेशकों को धोखा देने का जिम्मेदार ठहराया था। इस मुकदमे में मस्क के बर्निंग मैन फेस्टिवल (जहां नशीली दवाओं का इस्तेमाल आम माना जाता है) में जाने और ओपनएआई की पूर्व बोर्ड सदस्य शिवोन जिलिस के साथ उनके संबंधों को लेकर पूछताछ की अनुमति दी गई है। ऐसे खुलासे मस्क की निजी छवि बिगाड़ सकते हैं और उनकी स्पेसएक्स के सबसे बड़े आईपीओ को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

3. एआई उद्योग और भविष्य के लिए दांव पर

इस केस का अंतिम फैसला यह तय कर सकता है कि भविष्य में एआई के विकास और नियंत्रण पर किसका दबदबा होगा। इसके अलावा यह मुकदमा इस बात की भी कसौटी हो सकता है कि क्या कोई टेक कंपनी सार्वजनिक भलाई का वादा करके फंड जुटा सकती है और बाद में उसे पूरी तरह से एक लाभकारी व्यवसाय में बदल सकती है।

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