बंगाल दूसरा चरण: SIR में कटे 12.9 लाख वोटर्स में से 1468 को मिली हरी झंडी

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान कल बुधवार (29 अप्रैल) को होना है. इससे पहले उन वोटर्स की लिस्ट आ गई है जिनके नाम एसआईआर में कट गए थे, लेकिन उन्होंने ट्रिब्यूनल में अपील की थी. दूसरे चरण के लिए ट्रिब्यूनल ने ऐसे 1468 वोटर्स को जोड़ा है. आयोग की तरफ से जारी किए […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026, 08:36 AM 4 मिनट read
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बंगाल दूसरा चरण: SIR में कटे 12.9 लाख वोटर्स में से 1468 को मिली हरी झंडी
Photo: UB India News Archive

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान कल बुधवार (29 अप्रैल) को होना है. इससे पहले उन वोटर्स की लिस्ट आ गई है जिनके नाम एसआईआर में कट गए थे, लेकिन उन्होंने ट्रिब्यूनल में अपील की थी. दूसरे चरण के लिए ट्रिब्यूनल ने ऐसे 1468 वोटर्स को जोड़ा है. आयोग की तरफ से जारी किए गए आकंड़ों के मुताबिक, कुल 1474 आवेदनों का रिव्यू किया गया, जिनमें से 1468 वोटरों का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया है जबकि 6 वोटरों के नाम काट दिए गए. दूसरे चरण के लिए 7 जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है जिनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर में भी शामिल है.

बंगाल में एसआईआर का मुद्दा चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही काफी गर्म रहा. इस प्रक्रिया को लेकर जमकर तकरार भी हुए, और यह अभी तक चल रहा है. पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था और उसमें ट्रिब्यूनल की तरफ से 139 वोटर्स को रिव्यू के बाद शामिल किया गया था. पहले चरण के लिए ट्रिब्यूनल की ओर से 657 आवेदनों का रिव्यू किया गया था और उनमें से 139 वोटर्स के नाम जोड़े गए थे. जबकि 8 डिलीट कर दिए गए थे और 518 को ‘गलत आवेदन’ बताया गया.

दूसरे चरण में 1474 आवेदनों का रिव्यू
इसके बाद दूसरे चरण की वोटिंग के लिए 1474 आवेदनों का रिव्यू किया गया जिनमें 1468 वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया गया, 6 डिलीट किए गए हैं. इसमें गलत आवेदन की संख्या इस बार 0 बताई गई है. हालांकि, इस गलत आवेदन में क्या आधार लिए गए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी आयोग की तरफ से अभी तक नहीं मिली है.

दूसरे चरण के तहत पश्चिम बंगाल में 7 जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाने हैं और इन क्षेत्रों में न्यायिक जांच प्रक्रिया के दौरान 12,87,622 वोटर्स के नाम काट दिए गए थे. फिर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक, SIR ट्रिब्यूनल ने आज फाइनल वोटर लिस्ट जारी किया, और अब इन्हें सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा. पहले चरण की तुलना में इस बार शामिल किए गए वोटर्स की संख्या अधिक है. पहले चरण वोटर लिस्ट में सिर्फ 139 नाम ही जोड़े गए थे.

वोटर लिस्ट से हटाए गए 90 लाख वोटर्स
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया शुरू से ही चर्चा में रही. इस प्रक्रिया के दौरान पूरे पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए, जो कुल वोटर्स का करीब 12% है. इसमें से 60 लाख से अधिक लोगों को गैर-हाजिर या मृत की श्रेणी में रखा गया, जबकि 27 लाख लोगों का मामला ट्रिब्यूनल के सामने पहुंचा.

जांच के दौरान पर्यवेक्षकों ने पाया कि जिन लोगों का स्टेटस तय नहीं हो पाया था, उनमें से करीब 65% मुस्लिम थे, जबकि दलित हिंदू खासकर मतुआ समुदाय के लोग भी कुछ जिलों में काफी प्रभावित हुए. पहले चरण में, जिसमें 152 विधानसभा सीटों में 23 अप्रैल को वोट डाले गए.

राज्य में 34 लाख से अधिक मामले दर्ज
सुप्रीम कोर्ट ने 13 अप्रैल को, संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, चुनाव आयोग को सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया, ताकि SIR ट्रिब्यूनल से मंजूरी पाने वाले वोटर्स अपना वोट डाल सकें. कोर्ट ने फैसला दिया कि जिन लोगों की अपील पर 21 अप्रैल और 27 अप्रैल से पहले फैसला हो गया, वे क्रमशः पहले और दूसरे चरण में वोट डालने के हकदार होंगे.

साथ ही कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सिर्फ अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने अपील पेंडिंग होने की वजह से किसी व्यक्ति को वोट डालने का अधिकार नहीं मिल जाता, राज्य में 34 लाख से अधिक अपील दायर की गई थीं जिसमें गलत तरीके से नाम हटाए जाने से जुड़े मामलों के अलावा उन लोगों की ओर से भी आपत्ति जताई गई थी जिन्हें संशोधित वोटर लिस्ट में कुछ लोगों के नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति थी.

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