पश्चिम बंगाल में बुधवार (29 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग होनी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच होने का अनुमान है। […]
By UB India News • Patna, Bihar बुधवार, 29 अप्रैल 2026, 05:44 AM • 4 मिनट read
पश्चिम बंगाल में बुधवार (29 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग होनी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच होने का अनुमान है। हालांकि, कभी बंगाल की सत्ता पर राज करने वाली कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी मुकाबले में हैं। इन दलों ने भी अलग-अलग चुनाव लड़ते हुए कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर बंगाल में इस बार मतदाताओं और मतदान केंद्रों की क्या संख्या है? इस बार राज्य में कौन से खास चेहरे उतरे हैं? बंगाल में इस बार कड़ी टक्कर किस-किस सीट पर होने के आसार हैं? राज्य में पिछले चुनाव के क्या नतीजे थे?
बंगाल में इस बार मतदाताओं और मतदान केंद्रों की क्या संख्या?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदाताओं और मतदान केंद्रों की संख्या में इस बार बदलाव हुआ है।
2021 के चुनावों में लेफ्ट फ्रंट, कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के गठबंधन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। पश्चिम बंगाल के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि कांग्रेस और माकपा अपना खाता भी नहीं खोल पाए। इस गठबंधन में सिर्फ आईएसएफ को एक सीट पर जीत मिली।
दूसरी तरफ पिछले चुनाव में सबसे चर्चित मुकाबला नंदीग्राम सीट पर था। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सामना भाजपा के शुभेंदु अधिकारी (जो पहले टीएमसी में ही उनके करीबी थे) से हुआ था। इस कड़े मुकाबले में शुभेंदु ने ममता बनर्जी को लगभग 1,956 वोटों से हरा दिया था। हालांकि, ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की थी।