तमिलनाडु में नई सरकार के गठन का मामला उलझा ……………..

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन का पूरा मामला उलझ गया है. विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली एक्टर विजय की पार्टी टीवीके सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े को हासिल करने में विफल रही है. 234 सदस्यीय विधानसभा में उसको 108 सीटें मिली हैं. लेकिन, सरकार बनाने के लिए 118 का […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 7 मई 2026, 05:30 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन का मामला उलझा ……………..
Photo: UB India News Archive

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन का पूरा मामला उलझ गया है. विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली एक्टर विजय की पार्टी टीवीके सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े को हासिल करने में विफल रही है. 234 सदस्यीय विधानसभा में उसको 108 सीटें मिली हैं. लेकिन, सरकार बनाने के लिए 118 का जादुई आंकड़ा चाहिए. कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बावजूद वह बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पा रही है. इस कारण राज्यपाल के सामने दावा पेश करने के बावजूद टीवीके को सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है. टीवीके के प्रमुख विजय ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन राज्यपाल ने उससे पहले जरूरी नंबर दिखाने को कह दिया. विजय आज ही यानी गुरुवार को सरकार बनाने वाले थे लेकिन इससे पहले ही राज्यपाल ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया. इस बीच रिपोर्ट है कि डीएमके जनादेश का सम्मान करते हुए विपक्ष में बैठने का मन बना चुकी है. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य की दूसरी प्रमुख पार्टी एआईएडीएमके ने बैक चैनल से सरकार बनाने के लिए डीएमके से समर्थन मांगा था, लेकिन डीएमके ने समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया. इस बीच कांग्रेस पार्टी ने डीएमके से नाता तोड़कर टीवीके के साथ जाने का फैसला किया है लेकिन उसके समर्थन के बावजूद थलापति विजय सरकार नहीं बना पा रहे हैं. ऐसे में राजनीति के जानकार कह रहे हैं कि कांग्रेस ने बेहद जल्दबाजी में फैसला लिया और वह अब न तो डीएमके की रही और न ही टीवीके की हो पाई.

आज सुबह 11 बजे राज्यपाल से मिलेंगे टीवीके प्रमुख

टीवीके प्रमुख विजय आज सुबह 11 बजे तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 234 में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है। कांग्रेस ने पांच सीटें जीतने के बाद सरकार बनाने के लिए टीवीके को पूरा समर्थन देने का फैसला किया है।

टीवीके को समर्थन पर फैसला लेगी वीसीके

वीसीके के नेता तोल तिरुमावलवन ने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने का अवसर दिया है और उन्हें इसे आगे बढ़ाना चाहिए। तिरुमावलवन ने यह भी कहा कि यह जनता का जनादेश है। लेकिन टीवीके के पास अभी पूर्ण बहुमत नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से विजय ने कांग्रेस, वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल से समर्थन मांगा है। कांग्रेस पहले ही टीवीके को समर्थन दे चुकी है। हालांकि, वाम दल और वीसीके ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। तिरुमावलवन ने कहा कि वे जल्द ही अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे, उसके बाद ही टीवीके के समर्थन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

कांग्रेस का टीवीके को सशर्त समर्थन

तमिलनाडु कांग्रेस समिति ने टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का एलान किया है। कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और उसे पांच सीटें मिली हैं। हालांकि, कांग्रेस ने समर्थन के साथ एक शर्त भी रखी है। पार्टी ने कहा कि टीवीके किसी भी ऐसी ‘सांप्रदायिक ताकत’ को अपने साथ न रखे, जो भारत के संविधान में भरोसा नहीं करती हो। कांग्रेस ने बयान में कहा कि तमिलनाडु कांग्रेस समिति और कांग्रेस विधायक दल ने टीवीके को पूरा समर्थन देने का फैसला किया है।

इधर, चेन्नई के जवाहर लाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में टीवीके प्रमुख विजय के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि, शपथ ग्रहण की तारीख को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है, क्योंकि सरकार बनाने के लिए टीवीके को अभी भी पांच और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। पहले खबरें थीं कि विजय सात मई को शपथ ले सकते हैं।

एआईएएडीएम ने नवनिर्वाचित विधायकों को पुदुचेरी के होटल में ठहराया

एआईएडीएमके ने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों (एमएलए) को पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी ले जाया गया है और उन्हें वहीं ठहराया गया है। पार्टी प्रवक्ता कोवई सत्यन ने बुधवार को बताया कि विधायकों को पुदुचेरी में रखा गया है। लेकिन कितने विधायक वहां ले जाए गए हैं, इस बारे में उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

उन्होंने यह भी नहीं बताया कि इन विधायकों को पुदुचेरी ले जाने के पीछे क्या कारण है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब राज्य की 234 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने को लेकर सियासी हलचल तेज है और विभिन्न दलों के बीच समर्थन जुटाने की कोशिशें चल रही हैं।

इसी बीच, टीवीके बहुमत हासिल करने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं Iकांग्रे के पास 5 विधायक हैं और उसने पहले ही टीवीके को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों के अनुसार, डीएमके को 59 सीटें मिली हैं। एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं, जबकि टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके अलावा, कांग्रेस को 5, पीएमके को 4, आईयूएमएल को 2, भाकपा को 2, माकपा को 2 और वीसीके को 2 सीटें मिली हैं।

 

विजय ने शपथ से पहले मुख्यमंत्री के काफिले वाली गाड़ियां लेने से इनकार किया: टीवीके

तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के अध्यक्ष विजय ने मुख्यमंत्री बनने से पहले उन्हें प्रोटोकॉल के तहत दी गई पुलिस के काफिले वाली गाड़ियों को लेने से इनकार कर दिया। पार्टी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें जो मुख्यमंत्री स्तर की काफिले की गाड़ियां दी गई थीं, वे वापस कर दी गई हैं। लेकिन उन्हें आधिकारिक रूप से वापस नहीं लिया गया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि शपथ ग्रहण समारोह की सभी तैयारियां पहले से ही चल रही हैं।

टीवीके ने साफ किया कि पार्टी के संस्थापक विजय ने खुद अनुरोध किया था कि काफिले की गाड़ियां वापस कर दी जाएं। टीवीके ने बयान जारी कर कहा कि विजय ने कहा है कि वह निर्णायक जनादेश के साथ सरकार बनाने के बाद ही मुख्यमंत्री स्तर की आधिकारिक सुरक्षा स्वीकार करेंगे। चार मई को जब टीवीके ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतीं, तब विजय को दी गई चार काफिले की गाड़ियां उनके आवास से उनके अनुरोध के बाद वापस भेज दी गईं।

बयान में कहा गया कि छह मई को भी पुलिस ने उनके पनैयूर स्थित आवास और यहां लोक भवन के सामने सुरक्षा तैनात की थी, जब विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उस समय भी विजय ने सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया और राज्यपाल से मिलने निजी तौर पर गए।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰