सोनू कुमार राय भोजपुर जिले के आरा क्षेत्र के मीरगंज के रहने वाले हैं. उनका परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है. उनके पिता लालदास राय बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और आरजेडी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे. अब उसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए सोनू राय ने चुनावी मैदान में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. राजनीतिक गलियारों में सोनू राय को आरजेडी का सक्रिय और जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है. पार्टी संगठन में भी वे लगातार सक्रिय रहे हैं. बताया जाता है कि उनकी पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से उनके अच्छे रिश्ते हैं. यही वजह रही कि पार्टी ने इस अहम सीट पर उन पर भरोसा जताया. और वो इस भरोसे पर खरे भी उतरे.
कन्हैया प्रसाद बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से जुड़े नेता हैं. वह आरा-बक्सर क्षेत्र के चर्चित नेता राधा चरण साह उर्फ सेठ जी के बेटे हैं. राधा चरण साह दो बार आरा-बक्सर से एमएलसी रह चुके हैं और फिलहाल संदेश विधानसभा सीट से विधायक हैं. भोजपुर-बक्सर एमएलसी उपचुनाव में जेडीयू ने कन्हैया प्रसाद को उम्मीदवार बनाया था. लेकिन उन्हें महागठबंधन के उम्मीदवार सोनू कुमार राय से हार का सामना करना पड़ा. यह चुनाव काफी दिलचस्प रहा और दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली.
भोजपुर-बक्सर सीट को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इस सीट पर आम जनता नहीं, बल्कि स्थानीय निकाय प्रतिनिधि वोट डालते हैं. इसलिए यहां का चुनावी गणित विधानसभा चुनाव से अलग होता है. इस बार उपचुनाव इसलिए हुआ क्योंकि पहले यह सीट जेडीयू नेता राधा चरण साह के पास थी. 2025 विधानसभा चुनाव में संदेश सीट से विधायक बनने के बाद उन्होंने एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था. जीत के बाद सोनू कुमार राय ने जनता, समर्थकों और पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे.






