BRICS शिखर सम्मेलन में नहीं आया संयुक्त बयान… जाने किन मुद्दों पर बनी सहमति, किन पर नहीं

नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स (BRICS)शिखर सम्मेलन का शुक्रवार को समापन हो गया है. इस बार विदेश मंत्री पश्चिम एशिया संघर्ष पर आम सहमति बनाने में विफल रहे, जिसकी वजह से यह समूह कोई संयुक्त बयान जारी नहीं कर सका. सदस्य देशों ने ऊर्जा सहयोग, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), व्यापार, वित्तीय समावेशन और बहुपक्षीय […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 15 मई 2026, 12:22 PM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
BRICS शिखर सम्मेलन में नहीं आया संयुक्त बयान… जाने किन मुद्दों पर बनी सहमति, किन पर नहीं
Photo: UB India News Archive

नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स (BRICS)शिखर सम्मेलन का शुक्रवार को समापन हो गया है. इस बार विदेश मंत्री पश्चिम एशिया संघर्ष पर आम सहमति बनाने में विफल रहे, जिसकी वजह से यह समूह कोई संयुक्त बयान जारी नहीं कर सका. सदस्य देशों ने ऊर्जा सहयोग, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), व्यापार, वित्तीय समावेशन और बहुपक्षीय सुधारों सहित लगभग 60 अन्य एजेंडा मदों पर सहमति व्यक्त की है.

ये मतभेद तब और भी ज़्यादा साफ तौर पर सामने आए, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिक्स (BRICS) देशों से अपील की कि वे ईरान को निशाना बनाकर की गई हालिया सैन्य कार्रवाइयों के लिए अमेरिका और इजराइल की साफ तौर पर निंदा करें. तेहरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और इस समूह से आग्रह किया कि वह ‘बाहरी आक्रमण’ और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के ‘राजनीतिकरण’ के खिलाफ एक मजबूत रुख अपनाए.

चेयर स्टेटमेंट एंड आउटकम डॉक्यूमेंट की खास बातें

भारत के लिए बड़ी बातें-

इस स्टेटमेंट में आतंकवाद पर भारत को खुला समर्थन दिया गया. साथ ही BRICS ने 22 अप्रैल 2025 जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और 26 लोगों की हत्या का जिक्र किया. इसके अलावा क्रॉस बोर्डर टेररिज्म, टेरर फंडिंग और सेफ हेवन पर सख्त बयान जारी किया. UN में Comprehensive Convention on International Terrorism जल्दी लाने की मांग की गई.

वहीं चीन और रूस ने दोहराया कि भारत और ब्राजील को UN Security Council में बड़ी भूमिका मिलनी चाहिए. साथ ही ग्लोबल साउथ की आवाज बढ़ाने की बात कही गई. इसके अलावा भारत की चेयर शिप और AI Summit की भी तारीफ की गई. सबसे अहम Geopolitical बातें

मिडिल ईस्ट पर रहा ब्रिक्स में मतभेद

इस पूरे सम्मेलन में ईरान और UAE आमने-सामने रहे. डॉक्यूमेंट में साफ लिखा गया कि “Some members had differing views” यानी ईरान-इजराइल, गाजा, रेड सी, आदि मिडिल ईस्ट मुद्दों पर BRICS पूरी तरह एकमत नहीं था. सम्मेलन में गाजा में सीजफायर की मांग की गई और गाजा में Humanitarian aid पहुंचाने पर जोर दिया गया.

Global Governance पर क्या कहा गया?

ग्लोबल गवर्नेंस पर ब्रिक्स ने UN में सुधार की मांग की, मेंबर्स ने कहा मौजूदा ग्लोबल सिस्टम अनफेयर है. UN में विकासशील देशों की और हिस्सेदारी की मांग की गई. साथ ही IMF और Bretton Woods institutions में Global South की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की गई.

Multilateralism बनाम पश्चिमी दबाव

इस समिट में ब्रिक्स देशों ने Unilateral sanctions का विरोध किया और कहा कि UN अप्रूवल के बिना सेंक्शन गलत हैं.साथ ही पश्चिमी दबाव से WTO को बचाने की मांग की गई और Trade wars और tariff barriers पर चिंता जताई गई.

डॉलर की जगह BRICS payments पर जोर

ब्रिक्स के मंत्रियों ने व्यापार में लॉकल करेंसी या ब्रिक्स पेमेंट इस्तेमाल करने की बात की और डॉलर की डिपेंडेंसी को कम करने के लिए कहा. साथ ही ब्रिक्स देशों की सुरक्षा के लिए साथ आने पर जोर दिया और पश्चिमें हथियार को जगह देने का विरोध किया गया.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰