कर्नाटक का नाटक खत्‍म…………

कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे सत्ता हस्तांतरण के विवाद पर आखिरकार कांग्रेस हाईकमान ने निर्णायक कदम उठा लिया है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में चली कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर पद छोड़ने का दबाव बनाया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने पर सहमति […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 28 मई 2026, 06:03 AM 6 मिनट read
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कर्नाटक का नाटक खत्‍म…………
Photo: UB India News Archive
कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे सत्ता हस्तांतरण के विवाद पर आखिरकार कांग्रेस हाईकमान ने निर्णायक कदम उठा लिया है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में चली कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर पद छोड़ने का दबाव बनाया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने पर सहमति जता दी. बताया जा रहा है कि सिद्दारमैया ने शुरुआत में दो सप्ताह का समय मांगा था, ताकि वह जातीय जनगणना रिपोर्ट को कैबिनेट में पेश कर सकें, लेकिन पार्टी नेतृत्व तत्काल नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में था. कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें याद दिलाया कि 2023 में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ ढाई-ढाई साल के सत्ता साझेदारी फार्मूले पर सहमति बनी थी और सिद्दारमैया पहले ही तय अवधि से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ‘डेक्‍कन हेराल्‍ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने बंद कमरे में हुई बैठकों के दौरान सिद्दारमैया से कहा कि पार्टी की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पुराने वादे का सम्मान जरूरी है. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में बताए जा रहे हैं. राहुल गांधी ने दोनों नेताओं (सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार) से संयुक्त और अलग-अलग बैठकें कर पार्टी एकता बनाए रखने की अपील की.
बताया जाता है कि बैठक के दौरान सिद्दारमैया ने यह तर्क दिया कि 2025 में पद छोड़ने को लेकर कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ था, लेकिन राहुल गांधी अपने रुख पर कायम रहे. पार्टी नेतृत्व ने यह भी कहा कि सिद्दारमैया पहले ही आठ वर्षों से अधिक समय तक मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं, इसलिए अब दूसरे नेताओं को अवसर देने का समय है. सूत्रों के मुताबिक, बाद में सिद्दारमैया ने वरिष्ठ नेताओं केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला से चर्चा की, जिन्होंने भी हाईकमान के निर्देश को मानने की सलाह दी. शाम को सिद्दारमैया ने ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज के आवास पर अपने करीबी सहयोगियों से मुलाकात की। कुछ मंत्रियों ने उन्हें जल्दबाजी में फैसला न लेने की सलाह दी, लेकिन सिद्धारमैया ने साफ कहा कि वह अब और इंतजार नहीं करेंगे. सूत्रों के अनुसार, सिद्दारमैया ने अपने सहयोगियों से कहा, ‘मैं शुरू से कहता आया हूं कि राहुल गांधी जब कहेंगे, मैं इस्तीफा दे दूंगा. अब जब उन्होंने कहा है, तो मैं तुरंत पद छोड़ दूंगा.’

कांग्रेस के लिए अहम

कांग्रेस नेतृत्व इस फैसले को पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण के लिहाज से अहम मान रहा है. 2014 के बाद कांग्रेस कई राज्यों में क्षेत्रीय नेताओं पर नियंत्रण बनाए रखने में संघर्ष करती रही है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सत्ता साझा करने के वादों के बावजूद नेतृत्व परिवर्तन नहीं हो सका था. ऐसे में कर्नाटक में हाईकमान का यह कदम पार्टी के भीतर स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व के फैसले सर्वोपरि होंगे.

डीके शिवकुमार का ब्रेकफास्‍ट मीटिंग में मास्‍टरस्‍ट्रोक

कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ब्रेकफास्ट बैठक में एक-दूसरे को गले लगाया. बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्दारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया. दोनों नेताओं की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हैं. कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात को पार्टी एकजुटता और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

सिद्दारमैया के आवास पर पहुंचने लगे विधायक

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच गृह मंत्री जी परमेश्वर ने संकेत दिए हैं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जल्द इस्तीफा दे सकते हैं. परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाया है और इस्तीफा सौंपने से पहले वह मंत्रियों को सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं. वहीं, सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला कांग्रेस हाईकमान को लेना है. परमेश्वर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि सिद्धारमैया को दिल्ली में कोई पद देने की पेशकश की गई है या नहीं. कांग्रेस में जारी राजनीतिक हलचल पर सबकी नजर बनी हुई है.

सिद्दारमैया की ब्रेकफास्‍ट पॉलिटिक्‍स, डीके शिवकुमार भी होंगे शामिल

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार आज सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा बुलाई गई अहम ब्रेकफ़ास्ट मीटिंग में शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. हाल के दिनों में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर लगातार राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं. कांग्रेस नेतृत्व की दिल्ली बैठकों के बाद यह मुलाकात और भी अहम मानी जा रही है. हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक किसी बदलाव को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.

तो राज्‍यसभा जाएंगे सिद्दारमैया

कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस आलाकमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजकर उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने के विकल्प पर विचार कर रहा है. हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर नेतृत्व परिवर्तन की खबरों से इनकार किया है, लेकिन दिल्ली में हुई मैराथन बैठकों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार का रास्ता साफ करने के लिए सम्मानजनक फॉर्मूला तलाश रही है. माना जा रहा है कि सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजे जाने से कर्नाटक में नेतृत्व बदलाव आसान हो सकता है, जबकि पार्टी राज्य में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है.

आलाकमान के सख्‍त रुख के बाद सिद्दारमैया इस्‍तीफा देने को हुए तैयार

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री पद छोड़कर डीके शिवकुमार के लिए रास्ता साफ करने को कहा है. इसके बाद सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों और पार्टी नेताओं के साथ ब्रेकफास्ट बैठक बुलाई. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सिद्धारमैया आज बाद में राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक नेतृत्व परिवर्तन पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

 

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