इंडियन स्टार्टअप इंडस्ट्री के पोस्टर बॉय की हीरो से जीरो, उत्थान से पतन की कहानी……………

कभी देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप रही बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन को सिंगापुर की एक अदालत ने 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। उन्हें कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई गई है और सजा के लिए 15 जून को पेश होने को कहा गया है। बायजू रवींद्रन को कभी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 28 मई 2026, 06:07 AM 3 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
इंडियन स्टार्टअप इंडस्ट्री के पोस्टर बॉय की हीरो से जीरो, उत्थान से पतन की कहानी……………
Photo: UB India News Archive

कभी देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप रही बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन को सिंगापुर की एक अदालत ने 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। उन्हें कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई गई है और सजा के लिए 15 जून को पेश होने को कहा गया है। बायजू रवींद्रन को कभी भारतीय स्टार्टअप की सक्सेस स्टोरी का पोस्टर बॉय माना जाता था। इस एडटेक स्टार्टअप की वैल्यू 2022 में 22 अरब डॉलर पहुंच गई थी और उसने वैश्विक निवेशकों से 4 अरब डॉलर से अधिक जुटाए थे। दुनियाभर के निवेशकों ने इसमें पैसा लगाया था और आज वे अपना पैसा पाने के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे हैं। आखिर अर्श से फर्श पर कैसे आई बायजू?

बायजू की स्थापना 2011 में हुई थी। यह वह दौर था जब देश में स्मार्टफोन का चलन और टेस्ट-प्रेप कल्चर का चलन बढ़ रहा था। लेकिन इसमें असली तेजी कोरोना काल में आई। लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद हो गए और स्टूडेंट ऑनलाइन आ गए। बायजू ने इसका फायदा उठाते हुए आक्रामक मार्केटिंग की, शाहरुख खान और लियोनल मेसी जैसे दिग्गजों को अपना ब्रांड एंबेसेडर बनाया। इसके साथ ही आकाश, ग्रेट लर्निंग और एपिक जैसी कंपनियों का अधिग्रहण किया। इससे कंपनी की इमेज ग्लोबल एडटेक लीडर की बन गई और पैसा बरसने लगा।

कंपनी का घाटा

लेकिन कोरोना महामारी के बाद जैसे ही डिमांड सामान्य हुई, बायजू के रेवेन्यू की रफ्तार मंद हो गई जबकि ऑपरेशन कॉस्ट बढ़ गया। बायजू ने पूरी दुनिया में करीब 3 अरब डॉलर की खरीदारी की। इसके लिए कंपनी ने कर्ज लिया। इसमें से 1.2 अरब डॉलर का कर्ज विदेशी निवेशकों से लिया गया। अधिग्रहण से कंपनी ने दुनियाभर में अपने पैर पसारे लेकिन इससे कॉस्ट बहुत बढ़ गई। फाइनेंशियल ईयर 2022 में ही कंपनी का घाटा 8,245 करोड़ रुपये था जो 2021 की तुलना में करीब दोगुना था।

इसके बाद निवेशकों ने कंपनी के कामकाज पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। ऑडिटर्स ने भी कंपनी के भविष्य को लेकर चिंता जताई। नतीजा यह हुआ कि कंपनी की वैल्यू 22 अरब डॉलर से गिरकर 8 अरब डॉलर रह गई और फिर यह 1 अरब डॉलर तक गिर गई। कंपनी को खुद को बचाए रखने के लिए राइट्स इश्यू और एसेट सेल्स का सहारा लेना पड़ा। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2021 में ऑडिटेड रिजल्ट फाइल करने में 17 महीने लगा दिए।

हीरो से जीरो

कंपनी के ऑडिटर डेलॉयट ने रिजाइन कर दिया और कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री ने भी कंपनी को नोटिस थमा दिया। इससे कंपनी की इमेज को बट्टा लगा। निवेशकों के कान खड़े हो गए और अपना पैसा पाने के लिए वे कानूनी रास्ते तलाशने लगे। कंपनी ने अमेरिका की एक अदालत में लेंडर्स को घसीट लिया जबकि क्रेडिटर्स ने कंपनी पर 533 मिलियन डॉलर के गबन का आरोप लगाया। इसके बाद कंपनी एक के बाद एक कई विवादों में फंसती चली गई।

आज हालत यह है कि बायजू अपना वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। बड़े निवेशक निकल चुके हैं और कंपनी खुद को इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग से बचाने की जद्दोजहद में लगी है। अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में बायजू के खिलाफ केस चल रहे हैं। कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन की नेटवर्थ भी अप्रैल 2023 की शुरुआत में 2.1 अरब डॉलर थी। लेकिन आज उनकी नेटवर्थ जीरो है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰