भूले-बिसरे पैसों को खोजना अब और भी आसान,सरकार ने लॉन्च किया नया पोर्टल

कई बार ऐसा होता है कि लोग किसी बैंक में पैसा जमा करके भूल जाते हैं या फिर किसी पुरानी बीमा पॉलिसी, शेयर या म्यूचुअल फंड का पैसा सालों तक बिना दावे के पड़ा रहता है. इसी बड़ी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने एक बेहद अहम कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 30 मई 2026, 07:32 AM 3 मिनट read
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भूले-बिसरे पैसों को खोजना अब और भी आसान,सरकार ने लॉन्च किया नया पोर्टल
Photo: UB India News Archive

कई बार ऐसा होता है कि लोग किसी बैंक में पैसा जमा करके भूल जाते हैं या फिर किसी पुरानी बीमा पॉलिसी, शेयर या म्यूचुअल फंड का पैसा सालों तक बिना दावे के पड़ा रहता है. इसी बड़ी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने एक बेहद अहम कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग ने एक नया पोर्टल लॉन्च किया है, जिसे ‘कॉमन लैंडिंग पोर्टल फॉर अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स’ (Common Landing Portal for Unclaimed Financial Assets) नाम दिया गया है. इस खास वेबसाइट (www.unclaimedassetsportal.in) के जरिए अब देश का कोई भी नागरिक बड़ी आसानी से अपने या अपने परिवार के उस पैसे का पता लगा सकता है, जिस पर सालों से किसी ने दावा नहीं किया है.

एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी हर जानकारी

पहले के समय में अगर आपको किसी पुराने बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट या बीमा पॉलिसी के बारे में पता करना होता था, तो अलग-अलग संस्थाओं की वेबसाइट या दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे. अब इस नए पोर्टल ने पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है. यह एक ऐसा यूनिफाइड (एकीकृत) प्लेटफॉर्म है, जहां आप बैंकिंग, इंश्योरेंस, शेयर बाजार के डिविडेंड (लाभांश) से लेकर म्यूचुअल फंड तक की जानकारी एक साथ खंगाल सकते हैं. पूरे वित्तीय ईकोसिस्टम को इस एक जगह पर जोड़ दिया गया है, ताकि आम आदमी को अपने हक का पैसा खोजने में कोई तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत न आए.

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मिला साथ

इस महत्वपूर्ण पोर्टल को पब्लिक सेक्टर बैंक अलायंस (PSBA) के विशेष सहयोग से तैयार किया गया है. आपको बता दें कि यह अलायंस देश के 12 बड़े सरकारी बैंकों का एक साझा और केंद्रीय संगठन है. इन सरकारी बैंकों के साथ मिलकर वित्तीय सेवा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि आम लोगों को एक पारदर्शी और पूरी तरह से नागरिक-केंद्रित व्यवस्था मिल सके.

इस अहम पोर्टल के लॉन्च के मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने भी इसके दूरगामी फायदों पर जोर दिया. उनका कहना है कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की सुविधा को कई गुना बढ़ाना है. जब अलग-अलग जगहों पर बिखरी हुई सर्च सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाता है, तो इससे लोगों का समय और ऊर्जा दोनों बचते हैं. सरकार का यह प्रयास उन सभी लोगों को उनके सही वित्तीय अधिकारों से दोबारा जोड़ने की एक मजबूत कोशिश है, जो किसी वजह से अपनी ही जमा-पूंजी से दूर हो गए थे. अब कोई भी आम नागरिक बिना किसी झंझट के यह चेक कर सकता है कि सिस्टम में उसका कोई लावारिस फंड मौजूद है या नहीं.

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