दिल्ली पुलिस ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के 9 एजेंटों को गिरफ्तार किया है. ये संदिग्ध आतंकी देश की राजधानी को दहलाने की साजिश रच रहे थे. इनका मकसद दिल्ली ,मुंबई समेत बड़े शहरों में आतंकी हमला करने का था. गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी दिल्ली, मुंबई,पंजाब […]
By UB India News • Patna, Bihar शनिवार, 30 मई 2026, 09:19 AM • 5 मिनट read
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के 9 एजेंटों को गिरफ्तार किया है. ये संदिग्ध आतंकी देश की राजधानी को दहलाने की साजिश रच रहे थे. इनका मकसद दिल्ली ,मुंबई समेत बड़े शहरों में आतंकी हमला करने का था. गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी दिल्ली, मुंबई,पंजाब से हैं. कुछ लोग विदेशी भी हैं. पकड़े गए लोगों का मुंबई अंडरवर्ल्ड से भी कनेक्शन सामने आया है. सभी गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर भारत में हमला करने की साजिश रच रहे थे.
हथियार, ग्रेनेड, विस्फोटक बरामद
संदिग्ध आतंकियों के पास से पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं. सभी गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर भारत में हमला करने की साजिश रच रहे थे. उनके पास से पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं. साथ ही पाकिस्तान से लाया गया विस्फोटक भी बरामद किया गया है. ग्रेनेड और कई हथियार भी इनके पास से मिले हैं.
इन जगहों पर हमले की साजिश नाकाम
- पावर प्लांट
- न्यूक्लियर प्लांट
- बिजली घर
- एयरपोर्ट
- रेलेव स्टेशन
दिल्ली पुलिस ने 9 संदिग्ध आतंकियों को धर दबोचा
पकड़े गए संदिग्ध 9 आतंकी देश के पावर प्लांट, न्यूक्लियर प्लांट, बिजली घर, एयरपोर्ट, रेलेव स्टेशनों को निशाना बनाने साजिश रच रहे थे. इनमें ज्यादातर वह जगहें हैं, जहां बड़ी संख्या में भीड़ होती है.
पाकिस्तान से भेजा गया विस्फोटक भी जब्त
पाकिस्तान से भेजा गया विस्फोटक भी बरामद कर लिया गया है. बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी भारत के लोगों को ही देश को दहलाने की साजिश के लिए इस्तेमाल कर रही थी. ताकि बाहर से लोग भेजने का जोखिम भी न उठाना पड़े और अपने नापाक मंसूबों में वह कामयाब आसानी से हो सके. लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसके मंसूबों पर पानी फेरते हुए सभी 9 संदिग्ध आतंकियों को धर दबोचा है.
सूत्रों के अनुसार इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान और दुबई तक जुड़े हुए हैं. गिरफ्तारियां दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियान के दौरान की गईं. जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों को देश की महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थापनाओं को निशाना बनाने का जिम्मा सौंपा गया था.
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि नेटवर्क तीन स्तरों पर संचालित हो रहा था. सूत्रों के मुताबिक पूरे ऑपरेशन का रणनीतिक मास्टरमाइंड पाकिस्तान की आईएसआई थी, जबकि नेटवर्क का एक हिस्सा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े तत्वों के निर्देश पर काम कर रहा था. वहीं दूसरे हिस्से का संचालन पाकिस्तान से जुड़े कथित ऑपरेटर शहजाद भट्टी द्वारा किया जा रहा था. जांच एजेंसियां इन सभी कड़ियों की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं.
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं थीं. संभावित लक्ष्यों में पावर प्लांट, बिजली उत्पादन एवं वितरण केंद्र, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल थे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ठिकानों पर हमला कर व्यापक जनहानि के साथ-साथ देश की आवश्यक सेवाओं को बाधित करने की साजिश रची जा रही थी.
जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद विस्फोटक सामग्री कथित तौर पर सीमा पार से भारत पहुंचाई गई थी. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटकों और हथियारों की खेप देश के भीतर किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे. बरामद सामग्री में ग्रेनेड और कई अत्याधुनिक विदेशी हथियार शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है.
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है. जांच एजेंसियां उनके डिजिटल उपकरणों, संचार माध्यमों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना, फंडिंग और विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके. दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (स्पेशल सेल) मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय में प्रेस ब्रीफिंग करेंगे, जिसमें ऑपरेशन की पूरी जानकारी, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और बरामद हथियारों एवं विस्फोटकों से जुड़े विवरण साझा किए जाने की संभावना है.
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई, दुबई आधारित ऑपरेटरों और अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों तक पहुंचते हैं. हालांकि जांच अभी जारी है और कई तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत ब्रीफिंग के बाद ही हो सकेगी.