तमिलनाडु में हिंदुत्व की सियासत हाशिये पर क्यों खड़ा दिखता है………………

यह जगजाहिर है कि जब हिंदुत्व की राजनीति की बात आती है, तो तमिलनाडु इसके हाशिये पर खड़ा दिखता है, मगर भारतीय जनता पार्टी से के अन्नामलाई की रंगारंग विदाई ने इस प्रदेश की सियासत को एक नया रंग दे दिया है। पश्चिम बंगाल में विजयी झंडा लहराने के साथ भगवा पार्टी देश के 80 […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 9 जून 2026, 07:22 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
तमिलनाडु में हिंदुत्व की सियासत हाशिये पर क्यों खड़ा दिखता है………………
Photo: UB India News Archive

यह जगजाहिर है कि जब हिंदुत्व की राजनीति की बात आती है, तो तमिलनाडु इसके हाशिये पर खड़ा दिखता है, मगर भारतीय जनता पार्टी से के अन्नामलाई की रंगारंग विदाई ने इस प्रदेश की सियासत को एक नया रंग दे दिया है। पश्चिम बंगाल में विजयी झंडा लहराने के साथ भगवा पार्टी देश के 80 प्रतिशत हिस्से पर काबिज हो चुकी है, लेकिन तमिलनाडु में उसका ध्वज अब भी गर्दिश में है, क्योंकि पिछले पांच वर्षों में वह वहां केवल 0.35 प्रतिशत वोट ही बढ़ा पाई है।

पड़ोसी राज्य कर्नाटक में युवा आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अन्नामलाई ने छह साल पहले राजनीति में प्रवेश किया और महज 37 साल की उम्र में भाजपा की तमिलनाडु इकाई के मुखिया बन गए। राज्य भाजपा में सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले सबसे कम उम्र के इस नेता को अपनी ही पार्टी के खुर्राट नेताओं से कड़ी चुनौती मिलने लगी। खुद को स्थापित करने के लिए बेसब्र के अन्नामलाई ने उन सभी को नाराज कर दिया। बड़े द्रविड़ नेताओं के खिलाफ जाने की हिमाकत के कारण वह मध्यवर्ग के युवाओं (खासकर उच्च जाति और प्रभुत्व वाली मध्यवर्ती जातियों) के प्रिय बन गए। वह डीएमके सरकार से भिड़ गए और प्रदेश की राजनीति में उन्होंने ऐसे-ऐसे मुहावरों और ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जो अब तक सुनी नहीं गई थी। हालांकि, उनकी भाषा चिर-परिचित हिंदुत्व वाली लाइन से भिन्न थी। अन्नामलाई ने खुले तौर पर सांप्रदायिक बयानबाजी से परहेज किया।

दूसरी तरफ, भाजपा उन राज्यों में अनुकूल रणनीति बनाने की कोशिश कर रही थी, जहां उसकी अपील कम है। अर्थात, एक शक्तिशाली क्षेत्रीय संगठन को अपने पाले में करके उस पर सवारी गांठना और धीरे से उसके समर्थन आधार को हड़प लेना। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र और बिहार को देखा जा सकता है। साल 2016 में जे जयललिता के निधन के बाद से ही भाजपा अन्नाद्रमुक पर कब्जा करने की कोशिश करती रही है, लेकिन यह योजना विफल हो गई, क्योंकि अन्नाद्रमुक के भीतर विभिन्न सामाजिक गठजोड़ अलग-अलग दिशाओं में चल पड़े। इधर, द्रमुक ने कांग्रेस, वामदलों, दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ गठबंधन करके राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। अन्नामलाई की द्रमुक विरोधी बयानबाजी द्रविड़ विरोधी मानी जाने लगी। चूंकि अन्नामलाई और पलानीसामी गौंडर समुदाय से ही हैं, इसलिए प्रतिस्पर्द्धा तीव्र हो गई। परिणामस्वरूप, साल 2024 के संसदीय चुनाव में अन्नाद्रमुक पार्टी एनडीए से बाहर हो गई। भाजपा को वोट में फायदा हुआ, पर कोई सीट नहीं मिली।

पिछले अनुभवों को देखते हुए इस बार गृह मंत्री अमित शाह ने खुद कमान संभाली और नए सिरे से एनडीए गठबंधन बनाया। उन्होंने अन्नामलाई को पार्टी के राज्य प्रमुख से हटाकर अन्नाद्रमुक के एक पूर्व नेता नयनार नागेंद्रन को राज्य प्रमुख बनाया। यह योजना भी नाकाम रही। पहली बार राजनीति में आए अभिनेता विजय जोसेफ ने ईसाइयों और दलितों का गठबंधन बनाकर सबको चौंका दिया। चुनाव के बाद कांग्रेस, वाम, वीसीके और आईयूएमएल ने उनका समर्थन कर दिया। राज्य की नई कैबिनेट में एक ईसाई मुख्यमंत्री, एक ईसाई वित्त मंत्री, आठ दलित और एक मुस्लिम मंत्री के साथ प्रभावशाली समुदायों के नेता शामिल हैं। 1967 के बाद पहली बार कैबिनेट में दो ब्राह्मण मंत्री भी हैं।

चुनाव परिणाम आने के बाद से भाजपा खामोश है, क्योंकि विजय ने जीत हासिल की और अन्नाद्रमुक विधायक दल में बड़ी फूट पड़ गई। ऐसे में, अन्नामलाई एक क्षेत्रीय पार्टी शुरू करने जा रहे हैं, जिसका मकसद टीवीके का विकल्प बनना होगा। यहां एक सवाल उठता है कि आखिर भाजपा ने अन्नामलाई को आसानी से पार्टी छोड़ने में मदद क्यों की? मुमकिन है कि भाजपा अपनी सीमाओं को समझ गई हो और उसने पीछे हटकर अपने नेता को मुख्य भूमिका में लाने का फैसला किया हो। तो क्या अन्नामलाई भाजपा के प्रॉक्सी (छद्म) के तौर पर काम करेंगे? अभी इस सवाल का कोई पक्का जवाब नहीं है, लेकिन तमिलनाडु की राजनीति निश्चित रूप से और दिलचस्प हो गई है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰