अमेरिका ने ‘इंडो-पैसिफिक’ से हटाया इंडो………….

अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में जिस US इंडो-पैसेफिक कमांड (USINDOPACOM) का नाम बदलकर भारत की बढ़ती रणनीतिक अहमियत का संदेश दिया गया था, अब उसे फिर से US Pacific Command (USPACOM) कर दिया गया है. इस कदम से सवाल उठ रहा […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 17 जून 2026, 05:51 AM 2 मिनट read
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अमेरिका ने ‘इंडो-पैसिफिक’ से हटाया इंडो………….
Photo: UB India News Archive
अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में जिस US इंडो-पैसेफिक कमांड (USINDOPACOM) का नाम बदलकर भारत की बढ़ती रणनीतिक अहमियत का संदेश दिया गया था, अब उसे फिर से US Pacific Command (USPACOM) कर दिया गया है. इस कदम से सवाल उठ रहा है कि क्या यह पाकिस्तान को खुश करने के लिए किया गया है, क्योंकि ईरान युद्ध के बाद पाकिस्तान और अमेरिका में करीबी बढ़ी है. हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने यह नहीं माना और साफ कहा कि यह सिर्फ नाम का बदलाव है, मिशन, जिम्मेदारियां और रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा.
अमेरिकी रक्षा विभाग ने बुधवार को ऐलान किया कि अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमांड का नाम बदलकर फिर से US पैसेफिक कमांड किया जा रहा है. पेंटागन का कहना है कि यह फैसला 1947 से चली आ रही सैन्य विरासत को फिर से सम्मान देने के लिए लिया गया है. बयान में कहा गया कि यह कमांड अमेरिका की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी यूनिफाइड कॉम्बैट कमांड रही है और दूसरे विश्व युद्ध के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था बनाने में इसकी अहम भूमिका रही है.

आखिर क्यों बदला गया नाम?

अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, Pacific Command नाम 1 जनवरी 1947 से इस्तेमाल हो रहा था. 2018 में ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इसका नाम बदलकर Indo-Pacific Command कर दिया था. अब ट्रंप सरकार का कहना है कि पुराने नाम की वापसी से कमांड की ऐतिहासिक पहचान और सैन्य विरासत को दोबारा मजबूत किया जाएगा.

2018 में अमेरिका ने क्या कहा था?

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक मई 2018 में तत्कालीन अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने पैसेफिक कमांड का नाम बदलकर Indo-Pacific Command किया था. उस समय उन्होंने कहा था कि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर अब पहले से कहीं ज्यादा जुड़े हुए हैं. भारत, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बन चुका है. इसी वजह से कमांड के नाम में ‘इंडो’ जोड़ा गया था.

 

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