बेशर्मी से बिक गई तुम्हारी वफादारी………………..

महाराष्ट्र विधानसभा का तीन सप्ताह का मानसून सत्र सोमवार 22 जून 2026 से शुरू होने जा रहा है. 10 जुलाई तक चलने वाला यह सत्र राजनीतिक उठापटक और मौसम संबंधी चुनौतियों के बीच काफी हंगामेदार रहने की संभावना है. एक ओर कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी माहौल गर्म है, वहीं दूसरी ओर अनियमित मानसून […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 22 जून 2026, 06:47 AM 9 मिनट read
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बेशर्मी से बिक गई तुम्हारी वफादारी………………..
Photo: UB India News Archive
महाराष्ट्र विधानसभा का तीन सप्ताह का मानसून सत्र सोमवार 22 जून 2026 से शुरू होने जा रहा है. 10 जुलाई तक चलने वाला यह सत्र राजनीतिक उठापटक और मौसम संबंधी चुनौतियों के बीच काफी हंगामेदार रहने की संभावना है. एक ओर कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी माहौल गर्म है, वहीं दूसरी ओर अनियमित मानसून और किसानों की समस्याएं सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं. महाराष्‍ट्र विधानसभा सत्र से पहले राज्य की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ चर्चा का केंद्र बना हुआ है. विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कुछ लोकसभा सांसदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहा है. शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने हाल ही में पार्टी के 60वें स्थापना दिवस पर कथित बागी नेताओं को बेशर्म और एहसान फरामोश बताते हुए तीखा हमला बोला था.
इस बार विधानसभा और विधानपरिषद दोनों सदनों में आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष नहीं होने की संभावना है. ऐसे में सत्ता पक्ष इस स्थिति का लाभ उठाकर अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा. वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के जवाब में ‘ऑपरेशन वुल्फ’ शुरू करने की चेतावनी दी है, जिससे सदन में विपक्ष के आक्रामक रुख के संकेत मिल रहे हैं. सत्तारूढ़ गठबंधन मानसून सत्र के पहले सप्ताह में विधानपरिषद के उपसभापति पद के लिए चुनाव कराने की तैयारी में है. शिवसेना नेता नीलम गोरहे के दोबारा विधान परिषद सदस्य चुने जाने के बाद उन्हें फिर से इस पद पर बैठाने की संभावना जताई जा रही है. सदन के भीतर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच राज्य के किसानों की समस्याएं भी प्रमुख मुद्दा रहेंगी. महाराष्ट्र में अनियमित और लंबे समय तक कमजोर मानसून ने कृषि क्षेत्र की चिंताएं बढ़ा दी हैं. सरकार किसानों को जल्दबाजी में बुवाई न करने और मौसम विभाग की अगली सलाह का इंतजार करने की अपील कर चुकी है.

राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र सामान्य विधायी कार्यवाही से ज्यादा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और दबदबा स्थापित करने की लड़ाई का मंच बनेगा. पूरक बजट मांगों की मंजूरी के साथ शुरू होने वाले इस सत्र में तीखी बहस, नारेबाजी, वॉकआउट और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकते हैं. महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह मानसून सत्र राज्य के राजनीतिक और आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है.
शिवसेना-UBT संकट लाइव:

‘क्‍या यह लोकतंत्र है…जो कुछ हो रहा वह असंवैधानिक है’

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने ऑपरेशन टाइगर पर कहा, ‘क्या यह लोकतंत्र है? जिस संविधान के आधार पर हमारा चुनाव होता है, आप एक चुनाव चिह्न पर लड़ते हैं और फिर इस तरह का बाहुबल, धनबल और बाकी हथकंडे इस्तेमाल करके इस तरह जोड़तोड़ करना क्या यह लोकतांत्रिक है? 2014 से इस देश में और इस प्रदेश में जिस तरह की राजनीति हो रही है वह असंवैधानिक है.’

आज ऑपरेशन टाइगर पहुंचेगा अंजाम तक

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाइक ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगने वाला है और उसके कई सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो रहे हैं. सरनाइक ने कहा कि आज हमारे 13 सांसद हो जाएंगे. एकनाथ शिंदे की शिवसेना ही असली शिवसेना है. सांसदों ने स्पीकर को पत्र भी दे दिया है और वे हमारे साथ मर्ज हो गए हैं. उन्होंने बताया कि दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में औपचारिक घोषणा की जाएगी. सरनाइक के मुताबिक, 6 सांसद एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताते हुए पार्टी जॉइन करेंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में उद्धव गुट के बाकी 3 सांसद भी शिंदे खेमे के साथ आ सकते हैं. इस घटनाक्रम को महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है. इस बीच प्रताप सरनाइक ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर भी निशाना साधा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संजय राउत का दिल से धन्यवाद, उनकी वजह से पूरे विधायक हमारी पार्टी में आ गए और अब 6 सांसद भी आने वाले हैं. सरनाइक के इस बयान से साफ है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच सियासी संघर्ष और तेज हो गया है.

‘बेशर्मी से बिक गई तुम्हारी वफादारी’, बागी सांसदों पर भड़के आदित्‍य ठाकरे

शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों पर आदित्य ठाकरे ने तीखा हमला बोला है. आदित्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि दल बदलने वाले सांसदों ने यह साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी और साख बेशर्मी से बिकाऊ है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी संसाधनों और जनता के पैसे का इस्तेमाल कर रहा है. आदित्य ठाकरे ने कहा कि जो सांसद अब पाला बदल रहे हैं, वे महाविकास अघाड़ी (MVA) और INDIA गठबंधन के मंच पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. उनके लिए शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने प्रचार किया था और मतदाताओं ने उन्हें NDA के खिलाफ वोट दिया था. उन्होंने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि विचारधारा या गठबंधन बदलने की दलीलें अब नहीं चलेंगी, क्योंकि सच्चाई यह है कि लालच के कारण उन्होंने रातों-रात अपने वोटरों के जनादेश से विश्वासघात किया है.

शिवसेना-यूबीटी के बागी सांसद आज शाम 4 बजे थामेंगे शिंदे गुट का हाथ

महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसद आज शाम 4 बजे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं. इस संभावित राजनीतिक घटनाक्रम को उद्धव गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं और इसी बीच यह खबर सामने आई है. हालांकि, अभी तक संबंधित सांसद या दोनों गुटों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. अगर यह शामिल होना होता है, तो महाराष्ट्र की सियासत में इसका असर और बढ़ सकता है.

शिवसेना-यूबीटी के सांसद बागी कैसे – मनोज झा

RJD सांसद मनोज झा ने शिवसेना(UBT) के कई सांसदों के आज शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने की संभावना पर कहा, ‘उन्हें बागी कैसे कहा जा सकता है? उन्होंने शिवसेना (UBT) के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था. जब शिवसेना UBT, TMC या किसी भी पार्टी में यह इंजीनियरिंग होती है, तो यह उनका संकट नहीं है, यह लोकतंत्र का संकट है. यह उद्धव ठाकरे के साथ धोखा नहीं है, यह उन मतदाताओं के साथ धोखा है, जिन्होंने विकल्प देखकर उन्हें चुना और वोट दिया. क्या आप उनके साथ अन्याय नहीं कर रहे हैं?’

मेरे नेतृत्‍व वाली शिवसेना ही असली शिवसेना – उद्धव ठाकरे

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में आयोजित एक रैली में दावा किया कि उनके नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली शिवसेना है. उद्धव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शिवसेना ने 30 साल तक कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ी, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी पार्टी को हड़पने या खत्म करने की कोशिश नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने सत्ता और संगठनात्मक ताकत का इस्तेमाल कर शिवसेना को तोड़ने और कमजोर करने की साजिश रची. उद्धव के इस बयान को महाराष्ट्र की मौजूदा सियासी जंग और शिवसेना पर दावे की लड़ाई के बीच अहम माना जा रहा है.

हम कोई ऑपरेशन बीच में छोड़ते – एकनाथ शिंदे

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को ऑपरेशन टाइगर को लेकर बड़ा संकेत देते हुए कहा कि राज्य की राजनीति में जल्द ही ब्रेकिंग न्यूज सामने आएगी. मुंबई में शिंदे ने कहा, ‘हम कोई भी ऑपरेशन आधा नहीं छोड़ते. ऑपरेशन टाइगर पूरी तरह फूलप्रूफ है. इसका अनुभव आप पहले भी कर चुके हैं. जल्द ही आपको अच्छी खबर मिलेगी.’ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उमराजे निंबालकर के पिता की हत्या मामले में आए फैसले के बाद उनका परिवार शोक में था, लेकिन ऐसे समय में यूबीटी के लोग निंबालकर को गालियां दे रहे थे. शिंदे ने आरोप लगाया कि दिन में अपमान करने वाले यही लोग रात में उनके घर जाकर पैर छूते हैं. उन्होंने ऑपरेशन टाइगर को लेकर फैल रही तमाम अटकलों और अफवाहों को भी खारिज किया.

उद्धव ठाकरे का भाजपा पर हमला

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके नेतृत्व वाली शिवसेना ही असली शिवसेन है. उद्धव ने कहा कि उनके पिता बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना ने करीब 30 वर्षों तक कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ी, लेकिन कांग्रेस ने कभी पार्टी को तोड़ने या खत्म करने की कोशिश नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने शिवसेना को कमजोर करने और उसकी पहचान छीनने का प्रयास किया. ठाकरे का यह बयान महाराष्ट्र की सियासत में जारी घमासान के बीच अहम माना जा रहा है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और पार्टी की मूल विचारधारा को मजबूत करने की अपील भी की.

अब विधायकों को बचाने में जुटे उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने सभी विधायकों की अहम बैठक बुलाई है. यह बैठक आज यानी सोमवार दोपहर 2.30 बजे शिवसेना ऑफिस में होगी. बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे ने पार्टी के सभी 20 विधायकों से संपर्क साध लिया है और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करेंगे. ‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों के बीच बुलाई गई इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. माना जा रहा है कि बैठक में पार्टी की रणनीति, विधायकों की एकजुटता और आगे की राजनीतिक दिशा पर विस्तार से चर्चा हो सकती है.

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