मानसून सत्र से पहले एक्शन में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला…………..

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला संसद के आगामी मानसून सत्र की शुरुआत से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुई बगावत के मामलों पर बड़ा फैसला करेंगे। दोनों ही दलों ने अपने-अपने बागी सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने की मांग की है। बता दें कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 7 जुलाई 2026, 12:20 PM 4 मिनट read
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मानसून सत्र से पहले एक्शन में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला…………..
Photo: UB India News Archive

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला संसद के आगामी मानसून सत्र की शुरुआत से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुई बगावत के मामलों पर बड़ा फैसला करेंगे। दोनों ही दलों ने अपने-अपने बागी सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने की मांग की है।  बता दें कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा।

अध्यक्ष ने शुरू की विचार-विमर्श की प्रक्रिया

सूत्रों के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष ने TMC के नेता अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल और पार्टी से अलग हुए ग्रुप से मुलाकात कर उनकी बातें सुनी हैं। इसी प्रकार की प्रक्रिया शिवसेना (UBT) के मामले में भी अपनाई गई। सूत्रों के मुताबिक संसद के विधि एवं संवैधानिक विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श जारी है।  कानूनी रूप से ठोस निर्णय सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ दल इसी तरह के मामलों में पीठासीन अधिकारियों (स्पीकर्स) द्वारा पहले लिए गए फैसलों और पुरानी नजीर का भी बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। इन सुझावों के आधार पर ही अध्यक्ष 20 जुलाई से पहले अपना अंतिम निर्णय सुनाएंगे।

तृणमूल और शिवसेना (UBT) के बागी समूहों के अलावा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने भी कांग्रेस से अलग बैठने की व्यवस्था का अनुरोध किया है। कांग्रेस ने तमिलनाडु में दशकों पुराने गठबंधन को तोड़ते हुए मुख्यमंत्री सी.जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) से हाथ मिला लिया है।

टीएमसी के 20 सांसदों ने पार्टी छोड़ी

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल के टिकट पर कुल 29 सांसद निर्वाचित हुए थे। इनमें से 20 सांसदों ने पार्टी छोड़कर पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित पंजीकृत, लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) का दामन थाम लिया और अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। बागी समूह ने मोदी सरकार के प्रति समर्थन जताते हुए सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की इच्छा भी जताई है। तृणमूल के एक सांसद का कुछ समय पहले निधन हो गया था और वह सीट अभी रिक्त है।

शिवसेना (UBT) के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल

शिवसेना (UBT) के मामले में पार्टी के टिकट पर निर्वाचित नौ सांसदों में से छह ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने घोषणा की है। तृणमूल और शिवसेना (UBT) दोनों ने लोकसभा स्पीकर के सामने दलील दी है कि उनके बागी सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। दोनों दलों का कहना है कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से छूट तभी मिल सकती है, जब पार्टी के कुल सदस्यों में से दो-तिहाई सदस्य एक साथ अलग हों।

पिछले साल 32 दिनों तक चला था सत्र

साल 2025 में संसद का मानसून सत्र 32 दिनों तक चला था। सत्र 21 जुलाई 2025 से 21 अगस्त 2025 तक आयोजित किया गया था। इस दौरान दोनों सदनों में 15 विधेयक पारित किए गए थे। इस बार मानसून सत्र पिछली साल की तुलना में छोटा होगा। इस बार मानसून सत्र 24 दिन का निर्धारित किया गया है।

टीएमसी और यूबीटी के बागियों पर स्पीकर ले सकते हैं फैसला

ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) में टूट के बाद यह संसद का पहला सत्र होगा। TMC में लोकसभा के 28 में से 20 सदस्यों ने पार्टी लीडरशिप के खिलाफ बगावत कर दी है और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए का समर्थन करने का फैसला किया है। इसी तरह UBT के नौ लोकसभा सांसदों में से छह एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इससे निचले सदन में NDA की संख्या बल मजबूत हुआ है। हालांकि, अलग गुट के तौर पर मान्यता की मांग करने वाले बागी TMC और UBT सदस्यों पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के फैसले का अभी भी इंतजार है।

राज्यसभा में बढ़ी एनडीए के सदस्यों की संख्या

राज्यसभा की बात करें तो, उच्च सदन के हालिया चुनावों के बाद एनडीए के सदस्यों की संख्या बढ़ी है। यह सत्र सत्ताधारी गठबंधन और INDIA ब्लॉक, दोनों के लिए अहम हो सकता है, क्योंकि बजट सत्र निराशाजनक रहा था और संविधान संशोधन बिल लोकसभा से पास नहीं हो पाया था। कुछ अपुष्ट खबरों में दावा किया गया है कि सरकार इस सत्र में बिल को दोबारा ला सकती है। हालांकि, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

 

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