आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है?…………….

इंग्लैंड ने तीसरे टी-20 मैच में भारत को 125 रन से हरा दिया। यह टी-20 में भारत की सबसे बड़ी हार है। टीम 76 रनों पर ऑलआउट हुई। इस फॉर्मेट में भारत का यह दूसरा लोएस्ट टोटल है। नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज पर हुए मुकाबले को देखने के लिए बर्थडे बॉय एमएस धोनी भी स्टेडियम पहुंचे। […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 8 जुलाई 2026, 08:04 AM 10 मिनट read
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आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है?…………….
Photo: UB India News Archive

इंग्लैंड ने तीसरे टी-20 मैच में भारत को 125 रन से हरा दिया। यह टी-20 में भारत की सबसे बड़ी हार है। टीम 76 रनों पर ऑलआउट हुई। इस फॉर्मेट में भारत का यह दूसरा लोएस्ट टोटल है। नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज पर हुए मुकाबले को देखने के लिए बर्थडे बॉय एमएस धोनी भी स्टेडियम पहुंचे। वहीं वैभव सूर्यवंशी लगातार दूसरे मैच में फ्लॉप रहे। उन्हें जोफ्रा आर्चर ने 13 रन पर आउट किया।

1. टी-20 में भारत की सबसे बड़ी हार

2. भारत 76 रन पर ऑलआउट

भारतीय टीम अपने दूसरे सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट हुई। भारतीय टीम 76 रन बनाकर ऑलआउट हुई। यह टी-20 में भारत का दूसरा सबसे कम स्कोर है। टीम का टी-20 में सबसे लोएस्ट स्कोर 74 रन है। यह उन्होंने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में बनाया था।

3. भारत लगातार 5 मैच से नहीं जीता

भारत के लिए यह लगातार पांचवा मैच है, जब उसे जीत नहीं मिली। यह बिना जीते टीम के लिए सबसे बड़ी स्ट्रीक है। इससे पहले टीम का खराब सिलसिला 4 मैचों का था।

4. इंग्लैंड का भारत के खिलाफ चौथा 200+ स्कोर

इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ चौथी बार 200+ का स्कोर बनाया है। इंग्लैंड ने ट्रेंट ब्रिज के मैदान पर 7 विकेट पर 201 रन बनाए। यह भारत के खिलाफ उसका तीसरा सबसे बड़ा स्कोर भी है। उन्होंने इसी साल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। उन्होंने 20 ओवर में 7 विकेट पर 246 रन बनाए थे।

5. श्रेयस ने रोहित की बराबरी की

श्रेयस अय्यर ने लगातार पांचवा टॉस जीता। वे टी-20 में सबसे ज्यादा टॉस जीतने वाले भारतीय कप्तानों में रोहित की बराबरी की। भारत के लिए टी-20 में लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने का रिकॉर्ड धोनी के नाम है। उन्होंने 2010 से 2012 के बीच लगातार 7 टॉस जीते थे।

क्या संजू सैमसन के लिए टीम इंडिया के दरवाजे बंद हो गए हैं?

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में लगातार प्लेइंग-11 से बाहर रहने और जिम्बाब्वे दौरे की टीम में जगह नहीं मिलने के बाद संजू सैमसन के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने साफ कर दिया है कि विकेटकीपर बल्लेबाज को उनकी भूमिका को लेकर पूरी स्पष्टता दे दी गई है और मौजूदा सीरीज में उनकी वापसी की संभावना भी खत्म नहीं हुई है। भारत को तीसरे टी20 मुकाबले में 125 रन से करारी हार मिलने के बाद गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमसन के भविष्य पर खुलकर बात की।

‘संजू को पूरी स्पष्टता दे दी गई है’
गौतम गंभीर ने कहा कि सैमसन से उनकी व्यक्तिगत बातचीत हो चुकी है और उन्हें टीम प्रबंधन का रुख साफ तौर पर बता दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘संजू सैमसन को जितनी स्पष्टता दी जानी चाहिए थी, वह मैंने उन्हें दे दी है। वह बातचीत एक मुख्य कोच और खिलाड़ी के बीच हुई है। उस बातचीत में क्या कहा गया, यह मैं सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करूंगा।’
‘संजू ने भारत के लिए शानदार काम किया है’
गंभीर ने सैमसन के योगदान की तारीफ करते हुए कहा कि टीम प्रबंधन उनके प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम पूरी तरह स्पष्ट हैं कि संजू ने भारत के लिए, खासकर विश्व कप के दौरान, शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन कई बार किसी खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को भी देखना पड़ता है। ऐसा कोई सख्त नियम नहीं है कि वह इस सीरीज में वापसी नहीं कर सकते।’
वैभव सूर्यवंशी को मिला मौका
टी20 विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे संजू सैमसन को आयरलैंड के खिलाफ और इंग्लैंड के पहले टी20 में क्रमशः 5, 0 और 1 रन की पारियों के बाद प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया। इसके अलावा जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी चयनकर्ताओं ने सैमसन की जगह प्रभसिमरन सिंह को चुना, जिन्होंने आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन किया था।
‘जो टीम को जीत दिलाएगी, वही खेलेगी’
  • गंभीर ने स्पष्ट किया कि टीम चयन सिर्फ नाम या पिछले प्रदर्शन के आधार पर नहीं होगा, बल्कि मौजूदा फॉर्म और सर्वश्रेष्ठ संयोजन को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मायने नतीजों के होते हैं। हमें जो संयोजन टीम को जीत दिलाने के लिए सबसे बेहतर लगता है, हम उसी संयोजन और उसी प्लेइंग-11 के साथ उतरते हैं।’
  • उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हर खिलाड़ी को अपनी जगह खुद अर्जित करनी होती है। भारत के लिए खेलने का अधिकार भी प्रदर्शन के दम पर ही मिलता है।’ गंभीर के इस बयान से साफ है कि संजू सैमसन को टीम प्रबंधन ने पूरी स्थिति समझा दी है। हालांकि फिलहाल उन्हें बाहर रखा गया है, लेकिन अगर उनकी फॉर्म और टीम की जरूरतें मेल खाती हैं तो इंग्लैंड सीरीज में भी उनकी वापसी संभव है।

आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है?

इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टी20 में महज 76 रन पर सिमटने के बाद भारत को लगातार चौथी टी20 अंतरराष्ट्रीय हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही इंग्लैंड ने चार मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस शर्मनाक हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्वीकार किया कि टीम पिछले कुछ समय से मैच की परिस्थितियों को सही तरीके से समझने में नाकाम रही है। वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने बल्लेबाजी को बेहद खराब बताते हुए पूरी टीम को आत्ममंथन की सलाह दी।

‘आयरलैंड दौरे के बाद से मैच को सही नहीं पढ़ पाए’
गौतम गंभीर ने कहा कि टीम खराब दौर से गुजर रही है, लेकिन चार मैच हारने से कोई टीम खराब नहीं हो जाती। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने अच्छा क्रिकेट नहीं खेला। चार मैच हार जाने से कोई टीम खराब नहीं हो जाती। कई बार विपक्षी टीम आपसे बेहतर खेलती है, लेकिन कई बार आप परिस्थितियों का सही आकलन नहीं कर पाते। मैच और परिस्थितियों को पढ़ना भी उतना ही जरूरी होता है। आयरलैंड दौरे के बाद से हम यही काम सही तरीके से नहीं कर पाए हैं।’
‘हाई रिस्क क्रिकेट में ऐसे दिन भी आते हैं’
भारत के बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की गति और अतिरिक्त उछाल के सामने पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। हालांकि गंभीर ने इसे बड़ी कमजोरी मानने के बजाय एक खराब दिन बताया। उन्होंने कहा, ‘हमें तेज गेंदबाजी के खिलाफ और बेहतर खेलना होगा। लेकिन मुझे लगता है कि आज सिर्फ हमारा खराब दिन था। पिछले दोनों टी20 मुकाबलों में हमने 190 रन बनाए थे। जब आप हाई रिस्क और हाई रिवॉर्ड वाली क्रिकेट खेलते हैं तो कभी-कभी ऐसे नतीजे भी देखने को मिलते हैं।’
श्रेयस अय्यर बोले- हार बिल्कुल स्वीकार नहीं
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि टीम ने पावरप्ले में ही मैच गंवा दिया। उन्होंने कहा, ‘यह बेहद खराब प्रदर्शन था। सच कहूं तो इससे बेहतर शब्द मेरे पास नहीं है। इतनी बड़ी हार बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकती। सबसे पहले हमें इस हार को स्वीकार करना होगा और फिर ड्रॉइंग बोर्ड पर लौटकर देखना होगा कि हमने कहां गलती की। मुझे नहीं लगता कि यह 200 रन वाली पिच थी। लेकिन जिस तरह हमने बल्लेबाजी की और पावरप्ले में पांच विकेट गंवाए, वहीं से मैच का रुख बदल गया। हमें फिर से अपनी योजनाओं पर काम करना होगा।’
टीम में बदलाव भी बने खराब प्रदर्शन की वजह
गंभीर का मानना है कि टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम में हुए बड़े बदलावों का असर भी प्रदर्शन पर पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘अगर आप विश्व कप फाइनल की प्लेइंग-11 और आज की टीम को देखें तो काफी बदलाव हैं। कप्तान बदला है, ओपनिंग जोड़ी बदली है। हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी टीम में नहीं हैं। जब आप टीम को दोबारा तैयार करते हैं तो ऐसे प्रदर्शन देखने को मिलते हैं। चीजों को सामान्य होने में थोड़ा समय लगता है।’

उन्होंने युवा खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा, ’15 साल का खिलाड़ी ओपनिंग कर रहा है। प्रिंस यादव अभी अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं। हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को समय देना जरूरी है। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्हें सीधे कठिन परिस्थितियों में उतारा गया है। उन्हें थोड़ा समय मिलेगा तो वे जरूर बेहतर खिलाड़ी बनेंगे।’

मिडिल ऑर्डर को हालात के हिसाब से खेलना होगा
गंभीर ने माना कि सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी ही समाधान नहीं है। अनुभवी बल्लेबाजों को मैच की स्थिति के अनुसार जिम्मेदारी भी निभानी होगी। उन्होंने कहा, ‘टी20 क्रिकेट में हवा की दिशा और मैदान का आकार भी बड़ा फर्क पैदा करता है। जब पूरी बल्लेबाजी इकाई सिर्फ हाई रिस्क क्रिकेट खेलने लगती है तो ऐसे नतीजे सामने आते हैं। मिडिल ऑर्डर के अनुभवी बल्लेबाजों को हालात के अनुसार बल्लेबाजी करनी होगी। विश्व कप के दौरान भी हमारे टॉप-3 आक्रामक खेल रहे थे, लेकिन नंबर-4 और नंबर-5 के बल्लेबाज पारी को संभालने का काम कर रहे थे। आज हमने वही कमी महसूस की। आखिरकार बात फिर मैच की परिस्थितियों को सही तरीके से पढ़ने पर आकर रुकती है।’
संजू सैमसन पर भी गंभीर ने दी पूरी तस्वीर
संजू सैमसन को इंग्लैंड दौरे की प्लेइंग-11 से बाहर रखने और जिम्बाब्वे दौरे की टीम में जगह नहीं मिलने पर भी गंभीर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, ‘जहां तक स्पष्टता की बात है, हम पूरी तरह साफ हैं। संजू ने विश्व कप के दौरान भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन कभी-कभी खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को भी देखना पड़ता है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि वह इस सीरीज में वापसी नहीं कर सकते।’

गंभीर ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अहम चीज नतीजे होते हैं। हमें जो संयोजन टीम को जीत दिलाने वाला लगता है, हम उसी के साथ उतरते हैं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हर खिलाड़ी को अपनी जगह कमानी पड़ती है।’ भारत के लिए अब सीरीज बचाने की चुनौती और कठिन हो गई है। यदि टीम को वापसी करनी है तो सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने और मैच के मुताबिक रणनीति बनाने की भी जरूरत होगी।

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