अमेरिका से तनाव के बीच भारत का नाम क्यों ले रहे बेंजामिन नेतन्याहू…………………

इजरायल इन दिनों बैकफुट पर चल रहा है. उसका सबसे भरोसेमंद दोस्त अमेरिका इन दिनों नाराज चल रहा है. इजरायल एकतरफ संघर्ष में फंसा हुआ है और दूसरी तरफ अमेरिका के साथ तनाव बढ़ता जा रह है. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को लेकर एक अहम बयान दिया है. नेतन्याहू का […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026, 05:23 AM 5 मिनट read
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अमेरिका से तनाव के बीच भारत का नाम क्यों ले रहे बेंजामिन नेतन्याहू…………………
Photo: UB India News Archive

इजरायल इन दिनों बैकफुट पर चल रहा है. उसका सबसे भरोसेमंद दोस्त अमेरिका इन दिनों नाराज चल रहा है. इजरायल एकतरफ संघर्ष में फंसा हुआ है और दूसरी तरफ अमेरिका के साथ तनाव बढ़ता जा रह है. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को लेकर एक अहम बयान दिया है. नेतन्याहू का भारत का नाम लेना वैश्विक राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है. नेतन्याहू ने अपने बयान में साफ संकेत दिया कि इजरायल अब सिर्फ अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय भारत जैसे बड़े और प्रभावशाली देशों के साथ रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर वॉशिंगटन और तेल अवीव के बीच मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं.

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार पत्रकार शेरोन गैल को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा, ‘आपको नए गठबंधन बनाने होंगे और नए रिश्ते विकसित करने होंगे. यही काम मैं इस समय भारत के साथ कर रहा हूं.’ नेतन्याहू का यह बयान केवल भारत की तारीफ भर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन का संकेत भी माना जा रहा है. हाल के महीनों में अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान, गाजा और युद्धविराम को लेकर अलग-अलग रुख देखने को मिला है. इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान के जवाब में नेतन्याहू ने भारत का जिक्र करते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि इजरायल के पास अमेरिका के अलावा भी मजबूत साझेदार मौजूद हैं. भारत और इजरायल के बीच डिफेंस, एग्रीकल्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पहले से गहरे संबंध रहे हैं और अब यह साझेदारी रणनीतिक स्तर पर और मजबूत होती दिखाई दे रही है.

दक्षिणपंथी पत्रकार शेरोन गैल को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा, आपको नए गठबंधन बनाने होंगे और नए रिश्ते विकसित करने होंगे. यही काम मैं इस समय भारत के साथ कर रहा हूं. उन्होंने आगे कहा, हमारे पास कुछ और दोस्त भी हैं. एक छोटा-सा देश है, जिसका नाम भारत है. वहां 1.4 अरब लोग रहते हैं और वहां हमें जबरदस्त समर्थन मिलता है.उनके इस बयान को भारत-इजरायल संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है.

जेडी वेंस के बयान पर दिया जवाब
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल की आलोचना करते हुए कहा था कि इजरायल को ‘दुनिया में बचे अपने इकलौते शक्तिशाली सहयोगी अमेरिका के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए.’ माना जा रहा है कि यह टिप्पणी अमेरिका-ईरान शांति समझौते की आलोचना के बाद की गई थी. नेतन्याहू ने इसी बयान का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि इजरायल केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं है और भारत जैसे देशों के साथ भी उसके मजबूत संबंध हैं.

अमेरिका और इजरायल के रिश्तों में क्यों आई दरार?
ईरान के साथ लंबे तनाव के दौरान इजरायल चाहता था कि अमेरिका उसके साथ मिलकर ईरान पर अधिक दबाव बनाए रखे. लेकिन अमेरिका ने संघर्ष को आगे बढ़ाने के बजाय ईरान के साथ शांति समझौते का रास्ता चुना. इस फैसले से इजरायल के कई नेता असहमत दिखाई दिए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसकी आलोचना भी की. रिपोर्टों के अनुसार, इसी मुद्दे पर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच भी मतभेद बढ़े. हालांकि दोनों देश अब भी रणनीतिक सहयोगी हैं, लेकिन कई अहम मुद्दों पर उनके रुख में अंतर साफ दिखाई दे रहा है.

अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच भारत का जिक्र, क्या बदल रही है वैश्विक रणनीति?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनका देश अब दुनिया की दूसरी शक्तियों के साथ भी नए रणनीतिक रिश्ते विकसित कर रहा है. इस दौरान उन्होंने भारत का विशेष रूप से उल्लेख किया. यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान नीति को लेकर मतभेद चर्चा का विषय बने हुए हैं. अमेरिका-ईरान शांति समझौते की आलोचना के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल को सलाह दी थी कि उसे दुनिया में बचे अपने सबसे शक्तिशाली सहयोगी अमेरिका के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. इसके जवाब में नेतन्याहू ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि इजरायल के पास दूसरे मजबूत मित्र भी हैं.

ट्रंप और नेतन्याहू की बातचीत भी बनी चर्चा का विषय
पत्रकार मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब Regime Change: Inside The Imperial Presidency Of Donald Trump में दावा किया गया है कि इजरायल-हमास युद्ध के दौरान शांति समझौते पर बातचीत के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बीच तीखी बातचीत हुई थी. किताब के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा था, ‘मैंने तुम्हारी सुरक्षा के लिए सब कुछ किया है. बेहतर होगा कि तुम इस समझौते के साथ आगे बढ़ो. यह बहुत लंबे समय से चल रहा है. बीबी, हर कोई तुमसे तंग आ चुका है.’
हालांकि इस दावे पर दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस खुलासे ने दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

भारत-इजरायल रिश्तों का क्या है महत्व?
भारत और इजरायल पिछले कई सालों से डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, वाटर मैनेजमेंट और एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में करीबी सहयोगी रहे हैं. दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है. एक्सपर्ट का मानना है कि नेतन्याहू द्वारा भारत का सार्वजनिक रूप से उल्लेख करना इस रिश्ते की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है. बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच दोनों देशों का सहयोग आने वाले समय में और बढ़ सकता है.

 

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