बंगाल में राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेगी BJP !

पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 3 सीटों पर 24 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इन चुनावों में सबसे बड़ी चर्चा विधानसभा के मौजूदा संख्या बल को लेकर है. अगर मौजूदा राजनीतिक समीकरण वोटिंग तक बरकरार रहते हैं तो भारतीय जनता पार्टी तीनों सीटें जीतने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026, 06:07 AM 6 मिनट read
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बंगाल में राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेगी BJP !
Photo: UB India News Archive

पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 3 सीटों पर 24 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इन चुनावों में सबसे बड़ी चर्चा विधानसभा के मौजूदा संख्या बल को लेकर है. अगर मौजूदा राजनीतिक समीकरण वोटिंग तक बरकरार रहते हैं तो भारतीय जनता पार्टी तीनों सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है.

भारत निर्वाचन आयोग ने सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे से खाली हुई तीन सीटों पर अलग-अलग उपचुनाव कराने की घोषणा की. इन तीन सीटों पर चुनाव, सामान्य चुनाव की तरह नहीं होंगे. आयोग के मुताबिक, तीनों रिक्तियां अलग-अलग मानी जाएंगी और हर सीट के लिए अलग चुनाव होगा. नामांकन की अंतिम तिथि 14 जुलाई है, जबकि मतदान 24 जुलाई को कराया जाएगा.

अलग-अलग चुनाव होने से अहम हो जाता है विधानसभा का गणित

इलेक्शन कमीशन ने स्पष्ट किया है कि राज्यसभा की खाली हुई हर सीट के लिए अलग अधिसूचना जारी की जाती है और अलग मतदान कराया जाता है. यह व्यवस्था जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 147 से 151 के अनुरूप है और इसे दिल्ली हाईकोर्ट भी सही ठहरा चुका है. ऐसे में हर सीट के लिए विधायकों के वोट अलग-अलग गिने जाएंगे. अगर किसी दल के पास पर्याप्त विधायक हैं, तो वह हर सीट पर अपना उम्मीदवार जिता सकता है.

बीजेपी के पक्ष में कैसे बन रहा समीकरण?

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सदस्य हैं. मौजूदा स्थिति के मुताबिक बीजेपी के पास 208 विधायक होने का दावा किया जा रहा है. अगर पार्टी के सभी विधायक अपने अधिकृत उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करते हैं तो तीन उम्मीदवारों के बीच वोटों का बंटवारा करने पर प्रत्येक उम्मीदवार को लगभग 69-70 वोट मिल सकते हैं. क्यों कि तीनों सीटों के लिए अलग-अलग चुनाव होंगे, इसलिए यह संख्या प्रत्येक सीट पर जीत के लिए पर्याप्त मानी जा रही है. इसी वजह से विधानसभा का मौजूदा गणित बीजेपी को स्पष्ट बढ़त देता हुआ नजर आता है.

टीएमसी के लिए चुनौती क्यों?

तृणमूल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसका अंदरूनी संकट माना जा रहा है. पार्टी के तीनों राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने पिछले महीने राज्यसभा की सदस्यता और टीएमसी दोनों से इस्तीफा दे दिया था. तीनों नेताओं ने विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बाद नेतृत्व पर सवाल उठाए थे.

बताया जा रहा है कि टीएमसी के भीतर बागी गुट लगातार मजबूत हुआ है. पहले 80 में से 58 विधायकों ने बागी खेमे के नेता के समर्थन में खुलकर साथ दिया था और अब यह गुट करीब 65 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है. यदि यह स्थिति मतदान तक बनी रहती है, तो टीएमसी के लिए अपने उम्मीदवारों को जिताने का गणित और कठिन हो सकता है.

रिक्त सीटों का कार्यकाल

सुखेंदु शेखर रॉय-कार्यकाल 18 अगस्त 2029 तक था.
प्रकाश चिक बराइक-कार्यकाल 18 अगस्त 2029 तक था.
सुष्मिता देव-कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था.

फिलहाल राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 9 रह गई है.

अगर बीजेपी तीनों सीटें जीतती है तो यह केवल राज्यसभा में उसकी संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर का भी संकेत होगा. वहीं टीएमसी के लिए यह उपचुनाव संगठनात्मक एकजुटता और राजनीतिक पकड़ की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है. हालांकि अंतिम परिणाम उम्मीदवारों की घोषणा, नामांकन और मतदान के दिन विधायकों की वास्तविक संख्या तथा पार्टी लाइन पर होने वाले मतदान पर निर्भर करेगा. यदि वर्तमान विधानसभा का गणित जस का तस रहता है, तो तीनों राज्यसभा सीटों पर बीजेपी का पलड़ा भारी माना जा रहा है.

ममता की खुली चुनौती से बढ़ेगा सियासी पारा?

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और सत्ताधारी दल पर टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि ‘अगर सत्तारूढ़ पार्टी उन्हें चुप कराना चाहती है या टीएमसी को खत्म करना चाहती है तो उसके लिए पहले उन्हें मुझे मारना होगा।’
ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश में क्या-क्या आरोप लगाए?

    • वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने टीएमसी पार्टी में हो रही बगावत और टीएमसी नेताओं के कथित शोषण पर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने में लगी है।
    • ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी के कई नेताओं पर हमले हुए हैं और उनका अपमान किया गया है। इनमें महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
    • ममता बनर्जी ने कहा, ‘आप ने किस पर हमला नहीं किया है? आपने महुआ, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी पर हमला किया। आपने मेरे घर पर हमला किया।’
    • ममता बनर्जी का यह वीडियो संदेश ऐसे समय आया है, जब टीएमसी पार्टी बड़ी चुनौतियों से निपट रही है। पार्टी में अंदरुनी मतभेद और बगावत उभरी है और पार्टी में टूट का खतरा है। बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को करीब 60 विधायकों का समर्थन मिला हुआ है।
  • ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश में दावा किया कि उनके कई सहयोगियों से पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार किया गया। टीएमसी प्रमुख ने कहा, ‘मेरे कई सहयोगी जेल में बंद हैं, उन्हें फर्श पर सोने को मजबूर किया जा रहा है। कुछ को कमर में रस्सियां और पैरों में हथकड़ियां डालकर घुमाया जा रहा है। कुछ के सिर मुंडवा दिए गए हैं। कईयों पर घिनौनी चीजें फेंकी गई हैं, जिनका जिक्र करना भी शर्मनाक है।’

तृणमूल कांग्रेस में टूट जारी
ममता बनर्जी का यह वीडियो संदेश ऐसे समय सामने आया है, जब उनकी पार्टी में लगातार टूट जारी है। गुरुवार को टीएमसी के तीन पूर्व सांसद भाजपा में शामिल हो गए। इनमें सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक का नाम शामिल है। कोलकाता के साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में तीनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली। गुरुवार को ममता बनर्जी ने एक बयान में बागी नेताओं को निशाने पर लिया था और उन पर पार्टी के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि ‘लोगों को उन टीएमसी नेताओं को माफ नहीं करना चाहिए, जो गद्दार हैं और भाजपा के साथ मिल गए हैं। दो नावों पर सवार होने की कोशिश न करें, अभी भी पीछे मुड़कर देखने और बर्बरता पर ध्यान देने की जरूरत है।’

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