PM मोदी ने 2022 में… रूस-यूक्रेन युद्ध पर इस देश के नेता ने किया बड़ा खुलासा

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पोलैंड ने बड़ा खुलासा किया है. पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टीशेव्स्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की. कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारतीय प्रधानमंत्री की बातों पर ध्यान देते हैं. उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 के अंत में यूक्रेन में राष्ट्रपति […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 15 जुलाई 2026, 07:24 AM 4 मिनट read
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PM मोदी ने 2022 में… रूस-यूक्रेन युद्ध पर इस देश के नेता ने किया बड़ा खुलासा
Photo: UB India News Archive

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पोलैंड ने बड़ा खुलासा किया है. पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टीशेव्स्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की. कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारतीय प्रधानमंत्री की बातों पर ध्यान देते हैं. उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 के अंत में यूक्रेन में राष्ट्रपति पुतिन को सामरिक परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टीशेव्स्की ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बहुत ही जाने-माने विश्व राजनेता हैं, जिनका बहुत सम्मान किया जाता है, और भारत के रूस संघ के साथ लंबे समय से संबंध हैं और उससे पहले, गुटनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में सोवियत संघ के साथ भी संबंध थे. राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी की बातों पर ध्यान देते हैं.

PM मोदी रुकवा सकते हैं युद्ध

पोलैंड के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रभाव डाल सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैंने 2022 के अंत में यूक्रेन में पुतिन को सामरिक परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से रोकने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका का जिक्र किया. लेकिन यह सच है कि प्रधानमंत्री मोदी उन कुछ लोगों में से एक हैं जो वास्तव में राष्ट्रपति पुतिन पर कुछ दबाव और प्रभाव डाल सकते हैं, और यह स्पष्ट रूप से कुछ ऐसा है जो भारत इस संघर्ष को रोकने के लिए कर सकता है.

क्या होते हैं सामरिक परमाणु हथियार?

सामरिक परमाणु हथियार (Tactical Nuclear Weapons) असल में छोटे और कम दूरी तक मार करने वाले परमाणु बम होते हैं, जिन्हें किसी पूरे शहर को तबाह करने के लिए नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में दुश्मन की सेना, बंकरों, टैंकों या सैन्य ठिकानों जैसे सीमित लक्ष्यों को खत्म करने के लिए बनाया जाता है. भले ही ये बड़े रणनीतिक परमाणुओं की तुलना में कम क्षमता (आमतौर पर 1 से 50 किलोटन) के होते हैं, लेकिन फिर भी ये पल भर में भारी तबाही मचा सकते हैं और इन्हें मिसाइलों या तोप के गोलों के जरिए आसानी से दागा जा सकता है.

भारत से है उम्मीद

पोलैंड के नेता ने कहा कि क्योंकि भारत एक बड़ा देश हैं, एक महत्वपूर्ण देश हैं, और आपको तेल सहित वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति का लाभ मिलता है, और आप खाड़ी देशों से मिलने वाले तेल और गैस पर बहुत अधिक निर्भर हैं। पोलैंड अभी भी ईरान के साथ संपर्क बनाए हुए है। हमने उन्हें बता दिया है कि हमारा पसंदीदा समाधान कूटनीतिक है। इसलिए हम वही कर रहे हैं जो प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं। हम तर्कपूर्ण बातचीत करने की कोशिश करते हैं, लेकिन संयमित तरीके से।

पुतिन भी भारत की कर चुके हैं तारीफ

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। पिछले महीने पुतिन ने भारत को एक “महान देश” बताते हुए उसकी प्रशंसा की और नई दिल्ली की स्वतंत्र विदेश नीति का बचाव किया, साथ ही रूस के साथ सहयोग को लेकर भारत पर दबाव बनाने के अमेरिकी प्रयासों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे कदम द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए “हानिकारक” हैं। सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक मंच में मीडिया को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा था कि हमें खुशी है कि भारत सभी देशों के साथ अपने संबंध विकसित कर रहा है। यह एक महान देश है। कहा था कि सबसे बड़े लोकतंत्र और समृद्ध अर्थव्यवस्था की प्रशंसा करते हुए पुतिन ने कहा कि यह स्वाभाविक ही है कि भारत उन देशों के साथ अपने हितों के अनुरूप अपनी अर्थव्यवस्था का विकास करे जिन्हें वह आवश्यक समझता है।

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