रथ यात्रा से PDA को साधेंगे अखिलेश यादव…………..

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सितंबर 2026 से उत्तर प्रदेश में ‘समाजवादी PDA रथ यात्रा’ शुरू करने की तैयारी में हैं. इस यात्रा का फोकस पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को साधने पर होगा. प्रस्तावित यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी. यात्रा का मुख्य नारा होगा- ‘संविधान बचाओ, […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 16 जुलाई 2026, 09:19 AM 2 मिनट read
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रथ यात्रा से PDA को साधेंगे अखिलेश यादव…………..
Photo: UB India News Archive

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सितंबर 2026 से उत्तर प्रदेश में ‘समाजवादी PDA रथ यात्रा’ शुरू करने की तैयारी में हैं. इस यात्रा का फोकस पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को साधने पर होगा. प्रस्तावित यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी. यात्रा का मुख्य नारा होगा- ‘संविधान बचाओ, PDA बचाओ’.

यात्रा के जरिए अखिलेश यादव सीधे जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा का यह सबसे बड़ा राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान माना जा रहा है. यात्रा के दौरान पीडीए वर्ग के मुद्दों, सामाजिक न्याय, आरक्षण और संविधान की सुरक्षा को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाया जाएगा.

PDA के सहारे सत्ता पलटने की तैयारी!

सपा का लक्ष्य पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच अपने सामाजिक समीकरण को और मजबूत करना है. पार्टी कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरने और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर भी जोर रहेगा. अखिलेश यादव हाल के दिनों में लगातार PDA के अधिकार और सामाजिक न्याय को लेकर बीजेपी सरकार पर हमलावर रहे हैं.

यात्रा के जरिए सपा 2027 के चुनावी मुकाबले के लिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की तैयारी में है. यात्रा की शुरुआत किसी बड़े धार्मिक स्थल से किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे सपा के अभियान में सामाजिक न्याय के साथ धार्मिक-सांस्कृतिक संदेश का भी नया आयाम जुड़ सकता है.

सपा ने अपनी रणनीति में किया बड़ा बदलाव

बता दें कि अगले साल यानी 2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सपा समेत सभी दल अभी से ही अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं. समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. अखिलेश सामाजिक न्याय की राजनीति के साथ ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की रणनीति पर भी आगे बढ़ रहे हैं.

पिछले कुछ महीनों में जिस तरह से उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को मुखरता से साथ उठाया है. वह इस बात का संकेत है कि अखिलेश ब्राह्मण वोटरों में भी सेंध लगाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने हाल के दिनों में भगवान राम, सनातन पर लगातार बयानबाजी की है. मंदिरों में खूब दर्शन कर रहे हैं.

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